किशोरी के साथ दुष्कर्म:प्रेग्नेंट हुई तो सामने आई घटना, एफआईआर नहीं; पड़ोसी बहलाकर ले गया था पुणे, पुलिस लेकर आई पर कार्रवाई नहीं

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बिल्हा थाने की घटना है ये। 15 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म हुआ। वह प्रेग्नेंट हो गई। यह गलत काम किसी और ने नहीं उसके ही पड़ोस के रहने वाले एक 20 साल के युवक ने किया। बच्ची को बहलाकर वह पुणे ले गया और दो महीने तक उसके साथ गलत काम करता रहा। परिजनों की गुहार पर पुलिस बच्ची को पुणे से बिलासपुर लाई जरूर। पर उस मासूम पर इस बात को लेकर दबाव बनाया गया कि वह उसके साथ गलत काम होने की बात किसी को नहीं बताएगी।

पीड़िता को महिला कांस्टेबल डराती रही। तुम्हारे खिलाफ मामला बनेगा और तुम जेल चली जाओगी। जिससे आरोपी को बचाया जा सके। डरी सहमी मासूम दो महीने तक चुप रही। प्रेग्नेंट होने के बाद सारा राज खुल गया। पुलिस ने अभी तक आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज नहीं किया है।

बिल्हा की रहने वाली पीड़िता की मां ने बताया कि 3 अगस्त को उसकी 15 साल की बच्ची घर छोड़कर कहीं चली गई। उन्होंने बिल्हा थाने को दूसरे दिन इसकी सूचना दी। पुलिस वालों ने अज्ञात के खिलाफ धारा 363 के तहत अपराध कायम कर लिया। कहीं से सूचना मिली कि वह पड़ोस के राजकुमार गेंदले नाम के युवक के साथ पुणे गई है। इसके बाद फिर से परिजन थाने पहुंचे और बच्ची को वापस लाने की बात कहने लगे।

पुलिस परिजनों के साथ पुणे पहुंची और वहां से बच्ची को वापस लाई। पुलिस वालों ने मासूम का बयान दर्ज किया। फिर बाल कल्याण समिति और अन्य जगहों पर उसकी काउंसिलिंग हुई। कुछ दिन तक बच्ची को बालिका गृह में रखा गया। लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली देखिए। इन सबके बावजूद मामले में आरोपी कौन है? किसने बच्ची को भगाया और आगे क्या हुआ? इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

पीड़िता ने बयान में बताया- महिला कांस्टेबल ने डराया
पीड़िता ने बालिका गृह में काउंसलर को बताया है कि जब परिजन उसे घर वापस ला रहे थे तब एक महिला हेड कांस्टेबल ने उन्हें इस बात के लिए डराया था कि वे पुलिस को ऐसा वैसा कुछ नहीं बताए। कहीं भी उसके साथ गलत काम होने की सूचना पर उल्टा उसके खिलाफ जुर्म दर्ज हो जाएगा और उसे जेल जाना पड़ सकता है।

इसी डर से उसने मजिस्ट्रेट के सामने, बाल कल्याण समिति के समक्ष कुछ भी ऐसी बात नहीं बताई। उनके पूछने पर उल्टा सहेली के साथ पुणे जाने की बात कहने लगी। जबकि बिल्हा थाने की पुलिस ने उसे उसी युवक के चंगुल से छुड़ाया था, जिसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है।

बच्ची ने गलत बयान दिया इसलिए धारा नहीं जुड़ी

  • 15 साल की जिस मासूम के साथ यह घटना हुई है उस मामले में हम ही उसे पुणे से यहां लाए। उसने थाने में गलत बयान दिया। बाल कल्याण समिति को भी गलत काम होने की बात नहीं बताई। पूछने पर सहेली के साथ पुणे जाने की बात कहती रही। इसलिए ही इस प्रकरण में कोई आरोपी नहीं बना है।
    • NEWS – UMESH NIRMALKAR
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