Extortion Case: पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह करीब 7 महीने बाद पहुंचे मुंबई, कोर्ट ने घोषित कर रखा है भगोड़ा

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Mumbai Extortion Case: कोर्ट ने 100 करोड़ की वसूली के मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को भगोड़ा घोषित कर रखा है.

Updated : 25 Nov 2021 11:13 AM (IST)

परमबीर सिंह

Mumbai Extortion Case: पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह करीब 7 महीने के बाद गुरुवार को मुंबई पहुंचे हैं. कोर्ट ने 100 करोड़ की वसूली के मामले में उन्हें भगोड़ा घोषित कर रखा है. गौरतलब है कि कोर्ट ने परमरबीर सिंह की गिरफ्तारी पर कोर्ट लगा दी थी. इससे पहले, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए चंडीगढ़ में होने की जानकारी दी थी. उन्होंने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा था कि मैं चंडीगढ़ में हूं और कोर्ट के आदेश के हिसाब से आगे कदम उठाउंगा. महाराष्ट्र सरकार मांग पर मुंबई की एक कोर्ट ने परमबीर सिंह को भगोड़ा घोषित किया हुआ है.

मुंबई पुलिस ने हाल ही में मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट में परमबीर सिंह को भगोड़ा अपराधी घोषित करने के लिए आवेदन दिया था. जिसके कोर्ट ने स्वीकार करते हुए परमबीर सिंह को भगोड़ा घोषित कर दिया. पूरे मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने ये कहते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी परमबीर सिंह को ‘‘फरार घोषित’’ किए जाने का अनुरोध किया था कि उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद भी उनका पता नहीं लगाया जा सका है.

वसूली मामले में परमबीर सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है. हाल ही में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की और कोर्ट से मांग किया कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को रद्द किया जाए या सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया जाए. इस मांग पर कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया और साथ ही उनकी गिरफ्तारी पर भी रोक लगा दी. कोर्ट ने परमबीर से जांच में सहयोग करने के लिए कहा है.

18 नवंबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने परमबीर सिंह की याचिका पर सुनवाई से मना कर दिया था. जस्टिस संजय किशन कौल और एम एम सुंदरेश की बेंच ने उनके वकील से पूछा था, “सबसे पहले हमें यह बताइए कि वह कहां हैं? देश में हैं या बाहर फरार हो गए हैं? इस जानकारी के बिना मामले पर सुनवाई नहीं हो सकती.”  उसके बाद जब 22 नवंबर को इस मामले पर सुनवाई शुरू हुई तो पूर्व पुलिस कमिश्नर के लिए पेश वरिष्ठ वकील पुनीत बाली ने जजों को बताया, “मेरी उनसे खुद बात हुई है. वह भारत में ही हैं. लेकिन महाराष्ट्र में कदम रखते ही उन्हें खतरा है. इसलिए सामने नहीं आ रहे हैं.

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