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<title>World One News &#45; The Best  News channel &amp;amp; ads agency &#45; Rakesh Khare</title>
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<description>World One News &#45; The Best  News channel &amp;amp; ads agency &#45; Rakesh Khare</description>
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<dc:rights>© 2026  World One News</dc:rights>

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<title>काला वस्त्र पहनकर विरोध प्रदर्शन में गायत्री साहू जिला अध्यक्ष भाजपा जिला महिला मोर्चा बिलासपुर ग्रामीण किया जायेगा कल</title>
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<description><![CDATA[ काला वस्त्र पहनकर विरोध प्रदर्शन में गायत्री साहू जिला अध्यक्ष भाजपा जिला महिला मोर्चा बिलासपुर ग्रामीण किया जायेगा कल 

कार्यालय भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर ग्रामीण
           कार्यक्रम सूचना,

राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर और प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी जी के निर्देशानुसार AI इंपैक्ट सम्मिट में कांग्रेसियों द्वारा जो नग्न प्रदर्शन किया गया वह बहुत ही शर्मनाक है उसके विरोध बिलासपुर जिले में धरना प्रदर्शन करना है
 कल दिनांक 23 /02 / 2026 को दोपहर 2:30 बजे यह धरना प्रदर्शन करेंगे।
  महिला मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी, महिला मोर्चा के जिला पदाधिकारी/ मंडल पदाधिकारी/ कार्यसमिति सदस्य/ महिला निर्वाचित जनप्रतिनिधि गण अधिक से अधिक सँख्या में सादर आमंत्रित है।
       

दिनाँक, 23/ 2 / 2026
समय ,दोपहर  2:30बजे 
स्थान , नेहरू चौक बिलासपुर  ( काला वस्त्र पहनकर) विरोध प्रदर्शन* में  उपस्थित होकर कार्यक्रम में सहभागिता देंगे..

गायत्री साहू 
*जिला अध्यक्ष भाजपा जिला महिला मोर्चा बिलासपुर  ग्रामीण ]]></description>
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<pubDate>Sun, 22 Feb 2026 14:52:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Khare</dc:creator>
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<title>तखतपुर  में यूजीसी बिल के समर्थन में SC ST OBC MIN महासंघ द्वारा रैली निकाल कर SDM को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा</title>
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<description><![CDATA[ तखतपुर  में यूजीसी बिल के समर्थन में SC ST OBC MIN महासंघ द्वारा रैली निकाल कर SDM को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा 

सैकड़ों लोग उपस्थित रहे*🇮🇳
 
तखतपुर,*यूजीसी UGC बिल के समर्थन में बस स्टैंड तखतपुर में कल दिनांक 20 फरवरी को दोपहर 02 बजे से सरपंच संघ एवं SC ST OBC MIN महासंघ छग द्वारा रैली निकाल कर SDM (एस डी एम) को भारत के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया ।   जिसमेर*सभी SC ST OBC MIN एवं सर्व हिंदू समाज एवं सरपंच संघ सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़िया सर्व समाज छग एवं SC ST OBC MIN महासंघ छग प्रदेश अध्यक्ष श्याम मूरत कौशिक सरपंच संघ तखतपुर के अध्यक्ष श्याम सुंदर कश्यप, कुर्मी चेतना मंच के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कौशिक, पूर्व सरपंच एवं चंद्नाहु कुर्मी समाज के संरक्षक राम स्वरूप कश्यप, सतनाम महासंघ प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव खांडे, ऋषभ कश्यप जनपद सदस्य, बलदाऊ साहू ओबीसी नेता, बलराम साहू जोहार छग पार्टी, हेमंत कश्यप ब्लॉक अध्यक्ष कुर्मी समाज तखतपुर,प्रियांशु डहरिया अध्यक्ष nsui तखतपुर, सरपंच पेंडारी लक्ष्मी प्रसाद खांडे,, सरपंच प्रतिनिधि खपरी शिव मोहन, सरपंच टिकरी हरदेव कश्यप, सरपंच महेश सोनी खैरी, आदर्श बंजारे, सुरेन्द्र कश्यप, दुर्गा प्रसाद साहू, मनोज खांडेकर, कोमल दिनकर दीपक यादव, फागुराम सूर्यवंशी, बबलू भार्गव, लक्ष्मी मरकाम मरहिकापा, खगेंद्र कश्यप, सरपंच नगोंई हरिप्रसाद, सुभाष बंजारे सरपंच विचारपुर कापा , सरपंच गोकुलपुर बलराम पोर्ते,, विमल कौशिक अधिवक्ता, सरपंच राजाकापा, बहुरता भागीरथी, आशीष कोलम limha, ओंकार सिंगरौल सरपंच गिरधौना , सुरेश मरकाम सरपंच केकराड सरपंच शिकुमार रजक नरेश रजक, शेर सिंह, पवन नारंग राजेंद्र कुमार राहुल खूंटे, दुष्यंत नेताम, प्रहलाद कश्यप, किशुन सेलर, मांगेलाल नागेशी सहित SC ST OBC MIN महासंघ,छत्तीसगढ़िया सर्व समाज एवं सर्व हिंदू समाज से सैकड़ो लोग अधिक से अधिक की संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम सफल बनाए।*.
   भवदीय 
श्याम सुंदर कश्यप अध्यक्ष सरपंच संघ तखतपुर 
श्याम मूरत कौशिक प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़िया सर्व समाज छग एवं SC ST OBC MIN महासंघ छग 
संजीव खांडे प्रदेश उपाध्यक्ष सतनाम महासंघ छग
🙏🙏🙏🌾🌾🌾 ]]></description>
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<pubDate>Sat, 21 Feb 2026 14:44:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Khare</dc:creator>
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<title>राष्ट्रीय शिल्प गुरु गोविन्द झारा को राजकीय सम्मान न मिलने पर उठे सवाल</title>
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<description><![CDATA[ रायगढ़। बेलमेटल कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले शिल्प गुरु, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित दिवंगत गोविन्द झारा के निधन के बाद उनके सम्मान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश सचिव श्याम गुप्ता ने कहा कि इतने उच्च राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सम्मानों से विभूषित कलाकार को अंतिम यात्रा में राजकीय सम्मान न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।

स्व. गोविन्द झारा को वर्ष 1986 एवं 1987 में राष्ट्रीय पुरस्कार, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ का सर्वोच्च सम्मान तथा वर्ष 2010 में भारत सरकार द्वारा “शिल्प गुरु” सम्मान प्राप्त हुआ था। उन्होंने अपनी अद्भुत बेलमेटल कला से रायगढ़ जिले का नाम देश-विदेश में रोशन किया। उन्हें कला जगत में भीष्म पितामह की संज्ञा दी जाती थी।

उनके सुपुत्र धनी झारा एवं बहू भी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हैं। परिवार को देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एवं पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के हाथों सम्मान प्राप्त हो चुका है। इसके बावजूद अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान न मिलना कला जगत और सामाजिक संगठनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

श्याम गुप्ता ने कहा कि शासन-प्रशासन को ऐसे महान हस्तियों के सम्मान में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी। साथ ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार को सहयोग प्रदान कर उनके तेरहवीं कार्यक्रम को स्मरणीय बनाने की दिशा में पहल करनी चाहिए।

प्रेस रिपोर्टर क्लब परिवार की ओर से अंतिम दर्शन के दौरान स्व. गोविन्द झारा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया गया और शासन से मांग की गई कि भविष्य में ऐसे महान कलाकारों के सम्मान में स्पष्ट नीति बनाई जाए, ताकि उनकी अंतिम विदाई गरिमापूर्ण ढंग से हो सके। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 21 Feb 2026 14:34:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Khare</dc:creator>
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<title>राजयोगिनी बीके गीता दीदी का जीवन दिव्य गुणों की मिसाल — बीके स्वाति दीदी*</title>
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<description><![CDATA[ *राजयोगिनी बीके गीता दीदी का जीवन दिव्य गुणों की मिसाल — बीके स्वाति दीदी*
19 फरवरी 2026, बिलासपुर।प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय बिलासपुर की सबसे पुरानी एवं मुख्य शाखा, टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन में ब्रह्माकुमारीज का बिलासपुर में बीजारोपड करने वाली राजयोगिनी बीके गीता दीदी जी का 12वीं पुण्य स्मृति दिवस मनाया गया। 
इस अवसर पर सेवाकेन्द्र संचालिका बीके स्वाति दीदी ने कहा कि गीता दीदी का सम्पूर्ण जीवन दिव्य गुणों का जीवंत स्वरूप था। वे सदा शांत, सुलझे और समाधान स्वरूप आत्मा बनकर सभी के सामने रहीं।
आदरणीय गीता दीदी में सबसे प्रमुख गुण था—अहंकार से पूर्णतः मुक्त रहना। विशाल सेवा क्षेत्र, जिम्मेदारियाँ और सम्मान होने के बावजूद उनके मन में सदा “मैं नहीं, ईश्वरीय निमित्त” की भावना रही। वे हर आत्मा को समान दृष्टि से देखती थीं—चाहे वह नया जिज्ञासु हो या पुराना सेवाधारी। उनके लिए हर आत्मा मूल्यवान थी।
उनका धैर्य और सहनशीलता अनुकरणीय थी। कठिन परिस्थितियों में भी वे स्थिर रहतीं और समस्याओं को समाधान में बदलने की कला सिखाती थीं। उनकी उपस्थिति मात्र से वातावरण में शांति का अनुभव होता था। यही कारण था कि अनेक लोग केवल उनसे मिलने भर से ही मानसिक हल्कापन और नई ऊर्जा का अनुभव करते थे।
सेवा के क्षेत्र में आदरणीय गीता दीदी का योगदान अत्यंत व्यापक और प्रभावशाली रहा। उन्होंने मध्य प्रदेश, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों में आध्यात्मिक सेवा करते हुए आत्म-जागरण का कार्य किया। विशेष रूप से बिलासपुर उनकी मुख्य कर्मभूमि रही, जहाँ उन्होंने 1976 से 2014 तक निरंतर सेवा करते हुए आध्यात्मिकता का बीजारोपण किया। उनके प्रयासों से अनेक आत्माओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया और राजयोग के माध्यम से आत्मिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ।
गीता दीदी का जीवन निःस्वार्थ सेवा का प्रतीक था। उन्होंने कभी यश या प्रशंसा की अपेक्षा नहीं की, बल्कि जन-जन तक परमात्मा के शांति, पवित्रता और आत्म-परिवर्तन के संदेश को पहुँचाने में स्वयं को पूर्णतः समर्पित कर दिया। उन्होंने यह सिखाया कि सच्ची आध्यात्मिकता जीवन से पलायन नहीं, बल्कि जीवन को श्रेष्ठ बनाने की कला है।
बीके स्वाति दीदी ने कहा यह अवसर केवल स्मरण का नहीं, बल्कि उन दिव्य गुणों और आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में धारण करने का संकल्प लेने का दिन रहा, जिन्हें आदरणीय गीता दीदी ने अपने कर्म, आचरण और सेवाभाव से प्रत्यक्ष किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भाई-बहनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि गीता दीदी की दृष्टि में हमेशा भविष्य के प्रति आशा और सकारात्मकता रहती थी। वे हर आत्मा में छिपी श्रेष्ठता को पहचानती थीं और उसे उभारने के लिए प्रेमपूर्ण मार्गदर्शन देती थीं। उनका विश्वास था कि जब आत्मा अपने वास्तविक स्वरूप को पहचान लेती है, तब जीवन स्वतः ही परिवर्तन की ओर बढ़ता है।
पुण्य स्मृति दिवस के इस पावन अवसर पर सभी ने यह संकल्प लिया कि आदरणीय गीता दीदी के बताए हुए मूल्यों—शांति, सहनशीलता, निःस्वार्थ सेवा और ईश्वरीय मर्यादाओं में जीवन जीने—को अपने जीवन में उतारेंगे। यद्यपि वे आज हमारे बीच साकार रूप में उपस्थित नहीं हैं, परंतु उनके संस्कार, उनके गुण और उनकी प्रेरणा आज भी असंख्य आत्माओं के जीवन को प्रकाशमान कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी ने आदरणीय राजयोगिनी गीता दीदी जी को स्नेह-सुमन अर्पित करने के पश्चात प्रसाद ग्रहण किया।
ईश्वरीय सेवा में,
बीके स्वाति
राजयोग भवन, बिलासपुर ]]></description>
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<pubDate>Sat, 21 Feb 2026 14:18:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Khare</dc:creator>
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