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<title>World One News &#45; The Best  News channel &amp;amp; ads agency &#45; : प्रशासनिक</title>
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<description>World One News &#45; The Best  News channel &amp;amp; ads agency &#45; : प्रशासनिक</description>
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<title>बिजली विभाग पर कार्रवाई की मांग लेकर एएसपी कार्यालय पहुंचे विधायक धर्मजीत सिंह</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर के कुरेली गांव में विद्युत करंट की चपेट में आने से बच्चे की मौत के मामले में अब राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और विद्युत विभाग के कर्मचारियों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। इस मामले में पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। लेकिन बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार विद्युत विभाग के अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई नहीं होने से नाराज विधायक धर्मजीत सिंह अपने समर्थकों के साथ एएसपी कार्यालय पहुंचे और विभाग के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।विधायक धर्मजीत सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीणों के खिलाफ तो तत्काल कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया, लेकिन जिस लापरवाही के कारण एक बच्चे की जान गई, उस विद्युत विभाग पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वे इसी मांग को लेकर एएसपी कार्यालय पहुंचे हैं। विधायक ने स्पष्ट किया कि यदि बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो आगे बैठकर रणनीति तय की जाएगी। विधायक धर्मजीत सिंह ने बताया तीन-चार दिन पहले कुरेली गांव में विद्युत करंट से एक बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीण आक्रोशित थे। इसी आक्रोश में विद्युत विभाग के लोगों के साथ झूमा-झटकी और मारपीट की घटना हुई। पुलिस के मुताबिक, संबंधित लोगों पर धाराएं लगाकर उन्हें जेल भेज दिया गया। वहां तक तो ठीक है, लेकिन जिस बच्चे की मौत हुई, उसके लिए विद्युत विभाग की लापरवाही जिम्मेदार है। विभाग पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हम यहां कार्रवाई की मांग करने आए हैं। यदि कार्रवाई नहीं करेंगे तो फिर बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे।
अब सवाल यह है कि ग्रामीणों पर कार्रवाई के बाद विद्युत विभाग की जवाबदेही कब तय होगी? बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विधायक ने प्रशासन के सामने अपना पक्ष रख दिया है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 05 Nov 2026 14:39:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
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<title>बिजली विभाग पर कार्रवाई की मांग लेकर एएसपी कार्यालय पहुंचे विधायक धर्मजीत सिंह</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर के कुरेली गांव में विद्युत करंट की चपेट में आने से बच्चे की मौत के मामले में अब राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और विद्युत विभाग के कर्मचारियों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। इस मामले में पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। लेकिन बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार विद्युत विभाग के अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई नहीं होने से नाराज विधायक धर्मजीत सिंह अपने समर्थकों के साथ एएसपी कार्यालय पहुंचे और विभाग के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।विधायक धर्मजीत सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीणों के खिलाफ तो तत्काल कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया, लेकिन जिस लापरवाही के कारण एक बच्चे की जान गई, उस विद्युत विभाग पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वे इसी मांग को लेकर एएसपी कार्यालय पहुंचे हैं। विधायक ने स्पष्ट किया कि यदि बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो आगे बैठकर रणनीति तय की जाएगी। विधायक धर्मजीत सिंह ने बताया तीन-चार दिन पहले कुरेली गांव में विद्युत करंट से एक बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीण आक्रोशित थे। इसी आक्रोश में विद्युत विभाग के लोगों के साथ झूमा-झटकी और मारपीट की घटना हुई। पुलिस के मुताबिक, संबंधित लोगों पर धाराएं लगाकर उन्हें जेल भेज दिया गया। वहां तक तो ठीक है, लेकिन जिस बच्चे की मौत हुई, उसके लिए विद्युत विभाग की लापरवाही जिम्मेदार है। विभाग पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हम यहां कार्रवाई की मांग करने आए हैं। यदि कार्रवाई नहीं करेंगे तो फिर बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे।
अब सवाल यह है कि ग्रामीणों पर कार्रवाई के बाद विद्युत विभाग की जवाबदेही कब तय होगी? बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विधायक ने प्रशासन के सामने अपना पक्ष रख दिया है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 05 Nov 2026 14:33:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>विधायक धर्मजीत सिंह</media:keywords>
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<title>व्यापार विहार में नकली सामान बेचने वालों की खैर नहीं! सदस्यता होगी खत्म,</title>
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<description><![CDATA[ दिवाली में ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में अगर कोई दुकानदार ग्राहकों की जेब और सेहत से खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, तो अब उसकी खैर नहीं! बिलासपुर के व्यापार विहार में नकली, मिलावटी और अमानक सामान बेचने वाले व्यापारियों के खिलाफ व्यापारी संघ ने सख्त रुख अपना लिया है। संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि शिकायत सही पाई गई तो संबंधित दुकानदार की सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई में भी सहयोग किया जाएगा।
त्योहार का सीजन है... बाजार में ग्राहकों की भीड़ बढ़ रही है और इसी के साथ सामान की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। लेकिन इस भीड़ और कारोबार की आड़ में कोई व्यापारी नकली या गलत सामान बेचकर ग्राहकों को चूना न लगा सके, इसके लिए व्यापार विहार व्यापारी संघ ने पहले से ही मोर्चा खोल दिया है। संघ की ओर से सभी व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। फूड और ड्रग्स विभाग सहित संबंधित विभागों से मिली जानकारियों के आधार पर व्यापारियों को जागरूक किया गया है। इतना ही नहीं, व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए भी सभी सदस्यों तक चेतावनी पहुंचाई गई है कि कोई भी दुकानदार नकली, अमानक या नियमों के विरुद्ध सामान की बिक्री न करे। संघ का कहना है कि व्यापार की आड़ में ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर किसी दुकानदार के खिलाफ गलत सामान बेचने की शिकायत मिलती है और आरोप सही पाए जाते हैं, तो उसकी संघ की सदस्यता निरस्त की जाएगी। वहीं, जहां कानून के उल्लंघन का मामला सामने आएगा, वहां संबंधित विभागों की कार्रवाई में व्यापारी संघ भी सहयोग करेगा।
अब व्यापारी संघ ने तो अपनी जिम्मेदारी तय कर दी है, लेकिन असली सवाल यह है कि बाजार में इस फैसले की निगरानी कैसे होगी? क्या सिर्फ चेतावनी और व्हाट्सएप संदेश से नकली सामान की बिक्री पर लगाम लगेगी या संघ खुद दुकानों पर नजर रखेगा? दिवाली के बाजार में ग्राहकों को असली और गुणवत्तापूर्ण सामान मिलता है या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 03 Nov 2026 16:18:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
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<title>दिवाली पर पटाखा दुकानों के लिए सख्त गाइडलाइन,</title>
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<description><![CDATA[ दिवाली के त्योहार को देखते हुए पटाखा बाजारों में दुकानों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। लेकिन आतिशबाजी के इस कारोबार में जरा सी लापरवाही बड़े हादसे की वजह बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन विभाग ने पटाखा दुकानों के लिए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा मानकों का पालन करें, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
अग्निशमन विभाग की गाइडलाइन के मुताबिक पटाखा दुकानों के निर्माण में बांस-बल्ली का उपयोग नहीं किया जाएगा। दुकानों के आसपास वाहनों की पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी, ताकि आपात स्थिति में दमकल वाहनों की आवाजाही बाधित न हो। प्रत्येक दुकान में अग्निशमन यंत्र, पानी की पर्याप्त व्यवस्था और आग बुझाने के जरूरी उपकरण रखना अनिवार्य होगा।

विभाग के मुताबिक फिलहाल रिवर व्यू और रेलवे कॉलोनी के पास पटाखा दुकान लगाने के लाइसेंस जारी किए गए हैं। इन स्थानों का अग्निशमन टीम निरीक्षण भी कर चुकी है। निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं बिना लाइसेंस पटाखा दुकान संचालित करने की शिकायतों पर भी विभाग जांच कर रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लाइसेंस जारी करने का अधिकार संबंधित लाइसेंसिंग अथॉरिटी के पास है और बिना अनुमति दुकान लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग ने अपनी पांच दमकल गाड़ियों को तैयार रखा है। टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सके। अग्निशमन विभाग ने दुकानदारों और आम लोगों से अपील की है कि पटाखों का कारोबार केवल वैध लाइसेंस लेकर ही करें। सुरक्षा नियमों की अनदेखी न करें, क्योंकि पटाखों की एक छोटी सी चिंगारी भी बड़े जान-माल के नुकसान की वजह बन सकती है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 03 Nov 2026 15:54:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>सख्त गाइडलाइन</media:keywords>
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<title>किसानों को बड़ी सौगात: गन्ने के मूल्य में ₹70 प्रति क्विंटल की वृद्धि, धान खरीदी के लिए 354 नए उपार्जन केंद्र स्वीकृत</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। प्रदेश की सरकार ने किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए गन्ना उत्पादक किसानों को बड़ी सौगात दी है। गन्ना उत्पादकों की मांग को ध्यान में रखते हुए गन्ने के मूल्य में ₹70 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। इस निर्णय से प्रदेश के गन्ना किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा तथा उनकी आय को बेहतर बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल हुई है।

इसके साथ ही, धान उत्पादक किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रदेशभर में 354 नए धान उपार्जन केंद्रों को मंजूरी दी गई है। इन केंद्रों के खुलने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज के केंद्रों तक जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। इससे समय एवं परिवहन खर्च की बचत होगी और धान खरीदी की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक एवं सुगम बनेगी।

राज्य सरकार के इन किसान हितैषी निर्णयों का स्वागत करते हुए भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री आलोक सिंह ठाकुर ने प्रदेश के समस्त किसानों की ओर से माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त किया।

वहीं, भाजपा किसान मोर्चा, जिला बिलासपुर ग्रामीण के अध्यक्ष धीरेन्द्र दुबे ने मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि किसानों के हित में लिए गए ये निर्णय प्रदेश के कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने वाले हैं। गन्ने के मूल्य में वृद्धि और धान उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाने से किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा कृषि कार्यों में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को कम करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों की सुविधा, समृद्धि और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए ऐसे निर्णय स्वागतयोग्य हैं। किसान मोर्चा किसानों के हितों की रक्षा तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

भाजपा किसान मोर्चा ने प्रदेश सरकार के इन किसान हितैषी निर्णयों के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि भविष्य में भी किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए इसी प्रकार सकारात्मक कदम उठाए जाते रहेंगे। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 25 Oct 2026 15:45:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<title>बिलासपुर में कांग्रेस का &amp;apos;लोकतंत्र बचाओ मार्च&amp;apos;: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव</title>
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<description><![CDATA[ *कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक त्रिलोक श्रीवास मार्गदर्शन में लोकतंत्र बचाओ मार्च में सैकड़ो लोग हुए सम्मिलित,( ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा- त्रिलोक चंद्र श्रीवास,) , अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर ग्रामीण एवं शहर के संयुक्त तत्वाधान में लोकतंत्र बचाओ मार्च में कलेक्टर कार्यालय घेराव कार्यक्रम में  लोकप्रिय वरिष्ठ कांग्रेस नेता ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक- श्री त्रिलोक चंद्र श्रीवास के मार्गदर्शन में बेलतरा और बिलासपुर के सैकड़ो कांग्रेस जन सम्मिलित हुए, इस अवसर पर श्री त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग में तीन निर्वाचन आयुक्त हैं, ज्ञानेश कुमार मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं दो अन्य निर्वाचन आयुक्त श्री जोशी एवं श्री संधू ने 14 बार आपत्तियों की है उन आपत्तियों को दरकिनार कर ज्ञानेश कुमार ने सत्तारुन पार्टी के इशारे पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काट दिए हैं, जिसके कारण अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे जी के नेतृत्व में राहुल गांधी जी के एवं पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष  डॉक्टर अनिल जय हिंद जी के नेतृत्व में पार्टी पूरे देश में आंदोलन कर रही है, हम चाहते हैं कि भ्रष्ट मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाया जाए और 13 करोड़ जिन मतदाताओं के नाम काटे गए उन्हें जांच कर जो मृत या जिनके डबल नाम है उन्हें छोड़कर बाकी सभी का नाम जोड़ा जाए, इस अवसर पर श्री त्रिलोक चंद्र श्रीवास के साथ श्री मनोज श्रीवास, मोहन जायसवाल मुकेश अग्रवाल हृदयेश कश्यप राहुल गोरख आयुष सिंह राज चरण सिंह राज पंडित जितेंद्र शर्मा जीतू धनंजय कश्यप सोनू कश्यप धनंजय कश्यप केशव पांडे राजकुमार बजाज मयंक वर्मा कन्हैया दुबे महेश मिश्रा कौशल श्रीवास्तव शुभम श्रीवास बल्लू सतनामी मनोज पटेल अजय सिंह ठाकुर मंगल वाजपेई कृष्णा श्रीवास राम लखन जायसवाल पवन सिंह ठाकुर प्रवीण बघेल रवि बघेल हरीश वर्मा अनिल साहू, उमेश कश्यप वीरेंद्र लैहरषन राधेश्याम तंबोली सुखदेव तिवारी अमन साहू हरि वर्मा धर्मेंद्र सोनी कौशल श्रीवास्तव रामनाथ साहू दीपक मानिकपुरी प्रशांत कई प्रणव साहू मकसूदन साहू कौशल साहू रमेश शिकारी राम प्रसाद चंद्राकर मुकेश खरे मनोज यादव धनंजय यादव सही सैकड़ो लोग उपस्थित थेll* ]]></description>
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<pubDate>Fri, 09 Oct 2026 13:13:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>लोकतंत्र बचाओ मार्च बिलासपुर</media:keywords>
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<title>सीपत के नवीन तहसील भवन के सामने निजी भूखंड पर खड़ी हो रही बहुमंजिला इमारत अब सवालों के घेरे में है।</title>
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<description><![CDATA[ दो मंजिला भवन का निर्माण पूरा होने के बाद तीसरी मंजिल का काम चलने की बात सामने आई है। भवन के निचले हिस्से में दुकान भी बनाई गई है। सबसे गंभीर सवाल यह है कि निजी जमीन पर बने इस भवन तक पहुंचने के लिए फिलहाल तहसील कार्यालय की जमीन और परिसर के भीतर से रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब जब तहसील परिसर की बाउंड्रीवाल बनने वाली है, तो यह रास्ता बंद होने की स्थिति में निजी भवन तक आवागमन कैसे होगा, इसे लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि तहसील कार्यालय की जमीन पर बाउंड्रीवाल निर्माण की तैयारी चल रही है। जानकारी के अनुसार इसके लिए एनटीपीसी की ओर से राशि उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है और निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। ऐसे में यदि निजी भवन तक जाने वाला वर्तमान रास्ता तहसील परिसर की सीमा के भीतर आता है तो बाउंड्रीवाल बनने के बाद उस रास्ते का अस्तित्व ही समाप्त हो सकता है।स्थानीय स्तर पर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि यह निजी जमीन है तो निजी भवन तक पहुंचने के लिए सरकारी तहसील परिसर के भीतर से रास्ता किस आधार पर उपलब्ध कराया गया? क्या इसके लिए किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति ली गई है? यदि अनुमति दी गई है तो उसका आधार और दस्तावेज क्या हैं? और यदि कोई अनुमति नहीं है तो वर्षों से सरकारी परिसर के भीतर से निजी भवन तक आवागमन कैसे हो रहा है?              बाउंड्री बनने से पहले सीमांकन जरूरी

तहसील परिसर की बाउंड्रीवाल खड़ी होने से पहले सरकारी और निजी जमीन का विधिवत सीमांकन कराना जरूरी माना जा रहा है। मौके पर सीमांकन से ही यह स्पष्ट होगा कि निजी भवन किस भूमि पर बना है और उसका रास्ता किस जमीन से होकर गुजर रहा है। यदि रास्ता वास्तव में तहसील की जमीन से होकर है, तो निजी भवन को सरकारी कार्यालय परिसर से रास्ता दिए जाने के पूरे मामले की जांच आवश्यक होगी।  
नए एसडीएम ने कहा- गुरुवार को होगी जांच

मस्तूरी एसडीएम बजरंग सिंह वर्मा ने बताया कि उन्होंने अभी-अभी कार्यभार संभाला है और उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को सीपत में लिंक कोर्ट है और उसी दौरान मौके पर जाकर मामले की जांच की जाएगी।अब देखना होगा कि जांच में निजी भवन, दुकान, भूमि की वास्तविक स्थिति और तहसील परिसर से दिए जा रहे रास्ते को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं। बाउंड्रीवाल बनने से पहले यदि सीमांकन और दस्तावेजों की जांच नहीं हुई तो भविष्य में सरकारी जमीन और निजी भवन के रास्ते को लेकर विवाद और गहरा सकता है। तीसरी मंजिल का काम होने के बावजूद संबंधित विभागों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी, यह भी जांच का विषय है। निर्माण की अनुमति, भूमि का स्वामित्व, भवन की स्वीकृति और पहुंच मार्ग की वैधता की जांच जरूरी है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 07 Oct 2026 16:49:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>बहुमंजिला इमारत</media:keywords>
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<title>बिलासपुर नगर निगम में बड़ा घोटाला: खेल परिसर में फ्लड लाइट के नाम पर 70 लाख की गड़बड़ी, 500 वाट का बल्ब लगाकर 1000 वाट का वसूला बिल;</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर:बिलासपुर नगर निगम एक बार फिर भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के घेरे में आ गया है। खेल परिसर मैदान में फ्लड लाइट लगाने के नाम पर लगभग 70 लाख रुपये की बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जोन क्रमांक 3 के कार्यपालन अभियंता प्रवीण शुक्ला और सहायक अभियंता भिमेंद्र गौतम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही रायपुर की ठेका कंपनी &#039;दीपक इलेक्ट्रिकल&#039; के 30 लाख रुपये के भुगतान पर रोक लगा दी गई है।   1.50 करोड़ का टेंडर और बल्ब का फर्जीवाड़ा:खेल परिसर मैदान में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए नगर निगम ने चारों कोनों पर 4 बड़े खंभे लगाकर प्रत्येक में 50-50 बल्ब (कुल 200 बल्ब) लगाने हेतु 1.50 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। यह काम रायपुर की दीपक इलेक्ट्रिकल को सौंपा गया। ठेकेदार द्वारा मैदान पर 500 वाट के बल्ब लगाए गए, जबकि बिल 1000 वाट के बल्ब का लगाकर निगम से पूरा भुगतान प्राप्त कर लिया गया। निगम की ओर से बिना किसी प्रारंभिक तकनीकी जांच के ठेकेदार को लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया था।   जांच कमेटी की रिपोर्ट में खुलासा:नगर निगम के एमआईसी सदस्य और बिजली विभाग के प्रभारी विजय ताम्रकार द्वारा आयुक्त से लिखित शिकायत करने के बाद चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई। जांच में शिकायत पूरी तरह सही पाई गई और पोल पर 500 वाट के ही बल्ब लगे मिले। इसके अलावा, इलेक्ट्रिकल शेड्यूल ऑफ रेट्स (एसओआर) की दरें उपलब्ध होने के बावजूद नियम विरुद्ध नॉन-एसओआर दर पर खरीदी की गई, जिससे ठेकेदार को 26 लाख 72 हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान हुआ। इस बिंदु पर भी दोनों अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिन्होंने इसे महज लिपिकीय त्रुटि बताया है।   जोन 7 का काम जोन 3 से कराने पर उठे सवाल:खेल परिसर क्षेत्र जोन क्रमांक 7 के अंतर्गत आता है, लेकिन टेंडर और भुगतान की पूरी प्रक्रिया जोन 7 या निगम मुख्यालय के बजाय जोन क्रमांक 3 से गोपनीय तरीके से निपटा दी गई। बिजली विभाग को भनक लगे बिना बिल पास करा लिया गया और अकाउंट विभाग में फाइल पहुंचने पर इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।   जिम्मेदारों के बयान:विजय ताम्रकार (एमआईसी सदस्य, बिजली विभाग): &quot;मुझे अंधेरे में रखकर पूरी प्रक्रिया जोन 3 से की गई, जो नियम विरुद्ध है। जांच में गड़बड़ी प्रमाणित हो चुकी है; ठेकेदार के साथ ही संलिप्त अधिकारियों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।&quot;   पूजा विधानी (महापौर): &quot;निगम अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। किस जोन का काम कहां भेजा जा रहा है, इसकी पूरी जानकारी एमआईसी सदस्यों व अधिकारियों से लेने के बाद ही ठोस कदम उठाया जाएगा।&quot;   प्रकाश कुमार सर्वे (निगम आयुक्त): &quot;जोन 3 के कार्यपालन व सहायक अभियंता को नोटिस दिया गया था, जिनका जवाब प्राप्त हो चुका है। जवाब की गहन समीक्षा कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और फिलहाल ठेका कंपनी का भुगतान रोक दिया गया है।&quot; ]]></description>
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<pubDate>Sat, 03 Oct 2026 16:25:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर नगर निगम लाइट घोटाला</media:keywords>
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<title>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 15 सेवारत डॉक्टरों की याचिकाएं खारिज, पीजी पढ़ाई के लिए पुरानी स्टडी लीव पर नहीं मिलेगा</title>
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<description><![CDATA[ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पीजी (पोस्ट ग्रेजुएशन) मेडिकल की पढ़ाई के लिए स्टडी लीव बढ़ाने की मांग कर रहे 15 सेवारत डॉक्टरों को बड़ा झटका देते हुए उनकी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि 3 मार्च 2025 को स्टडी लीव की अधिकतम सीमा 24 महीने से बढ़ाकर 36 महीने किए जाने का फैसला पिछली तारीख (रेट्रोस्पेक्टिव) से लागू नहीं होगा।

याचिकाकर्ता डॉक्टरों को पीजी मेडिकल पाठ्यक्रम के लिए पूर्व में ही 24 महीने की स्टडी लीव स्वीकृत की जा चुकी थी। इसके बाद 3 मार्च 2025 को राज्य शासन ने नियम 44 में छूट देते हुए पीजी पाठ्यक्रम हेतु अधिकतम अध्ययन अवकाश की सीमा बढ़ाकर 36 महीने कर दी थी। इसी नए आदेश का हवाला देते हुए इन डॉक्टरों ने अपनी पुरानी 24 महीने की छुट्टी को 36 महीने में तब्दील करने की मांग हाईकोर्ट से की थी।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि शासन के नए आदेश में पुराने स्वीकृत मामलों पर इसका लाभ देने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसलिए बाद में जारी नीति को पूर्व से स्वीकृत अवकाश पर लागू नहीं किया जा सकता। याचिका में डॉ. मीनाक्षी सूद के मामले का भी हवाला दिया गया था, जिस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उनके पक्ष में जारी आदेश वित्त विभाग की आपत्ति के चलते 31 जुलाई 2026 को ही रद्द किया जा चुका था; अतः एक निरस्त आदेश के आधार पर अन्य डॉक्टरों को समानता का लाभ नहीं दिया जा सकता। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 14:48:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट</media:keywords>
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<title>बिलासपुर में अवैध रेत परिवहन पर चला कानून का डंडा: आरोपी को 1 साल की सजा और ₹25 हजार जुर्माना</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान का असर अब अदालत में भी नजर आने लगा है। खनिज विभाग और पुलिस की सख्त कार्रवाई के तहत अब तक कुल 66 मामलों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इनमें से एक प्रमुख मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपियों को 1 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।

कलेक्टर के निर्देश पर जिले के कोटा, रतनपुर, सीपत, सिविल लाइन, सरकंडा, मस्तूरी, पचपेड़ी, चकरभाठा और हिर्री थाना क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर 66 मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

इसी दौरान सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम खैरा डंगनिया में ट्रैक्टर-ट्रॉली (क्रमांक सीजी 10 एएफ 0553) से अवैध रेत ले जाते हुए आरोपी जलेश्वर कश्यप और अमर कुमार कंवट को पकड़ा गया था। दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीपत थाने की अभिरक्षा में रखा गया था।

मामले में विशेष न्यायालय, बिलासपुर ने आरोपी जलेश्वर कश्यप एवं अमर कुमार कंवट को भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) सहपठित 3(5) के तहत 1 वर्ष के कठोर कारावास और ₹1,000 जुर्माने की सजा सुनाई। इसके साथ ही खान एवं खनिज अधिनियम के तहत ₹25,000 का अतिरिक्त अर्थदंड भी लगाया गया। विभाग का मानना है कि इस सख्त फैसले से अवैध खनिज माफियाओं में कानून का खौफ बनेगा। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 14:29:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर खनिज विभाग</media:keywords>
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<title>सरगुजा: खेत में लावारिस मिली रोती हुई नवजात बच्ची, ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान,</title>
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<description><![CDATA[ खेत में मिली लावारिस नवजात: सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक खेत में लावारिस हालत में नवजात बच्ची मिली। अंग्रेजी शराब दुकान के पास मुख्य मार्ग से करीब 500 मीटर अंदर खेत से रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची पड़ी मिली।

ग्रामीणों की तत्परता से बची जान: ग्रामीणों ने बिना देर किए बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरिमा पहुंचाया। स्वास्थ्यकर्मियों ने प्राथमिक उपचार और देखरेख के बाद बेहतर चिकित्सा निगरानी के लिए बच्ची को 112 वाहन की मदद से जिला अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिए निर्देश: घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर बच्ची के स्वास्थ्य का हाल जाना। उन्होंने नवजात को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।

मां और परिजनों की तलाश में पुलिस: बच्ची को खुले खेत में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों के अस्पतालों और हाल ही में हुए प्रसव के रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि नवजात के परिजनों की पहचान की जा सके। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 18:23:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>सरगुजा नवजात बच्ची</media:keywords>
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<title>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धमतरी की 31 हफ्ते की गर्भवती रेप पीड़िता को दी अबॉर्शन की अनुमति,</title>
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<description><![CDATA[ हाईकोर्ट का अहम फैसला: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (बिलासपुर) ने एक मामले में महत्वपूर्ण आदेश देते हुए दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग को 31 हफ्ते से अधिक के गर्भ को समाप्त (अबॉर्शन) करने की इजाजत दे दी है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए लड़की के स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और शारीरिक स्वायत्तता को प्राथमिकता दी।

अदालत की सख्त टिप्पणी: अदालत ने कहा कि दुष्कर्म के कारण ठहरा गर्भ पीड़िता को असहनीय मानसिक आघात और गहरी पीड़ा देता है। कानून भी इस प्रकार की मानसिक स्थिति को शरीर पर गंभीर चोट के समान मानता है, इसलिए पीड़िता की सहमति और सम्मान सर्वोपरि है।

मामले की पृष्ठभूमि: घटना धमतरी जिले की है, जहां मार्च 2025 में नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की थी। इस बीच पीड़िता गर्भवती हो गई, जिसके बाद परिजनों ने कानूनी संरक्षक के जरिए हाईकोर्ट में गर्भपात की अनुमति हेतु याचिका लगाई।

मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट: अदालत के निर्देश पर गठित मेडिकल बोर्ड ने 25 सितंबर को अपनी रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के अनुसार, गर्भ 31 सप्ताह और 6 दिन का था। डॉक्टरों ने बताया कि इतने अधिक समय के गर्भपात में रक्तस्राव का जोखिम रहता है, लेकिन वरिष्ठ विशेषज्ञों की निगरानी में यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। धमतरी में समुचित मानसिक व विशेषज्ञ सुविधाएं न होने के कारण रायपुर भेजने की सिफारिश की गई।

रायपुर में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश: हाईकोर्ट ने धमतरी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि पीड़िता को तत्काल रायपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए। डॉक्टरों की विशेष टीम, पर्याप्त रक्त और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही जैविक नमूनों (डीएनए साक्ष्य) को सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया है। अदालत ने स्वास्थ्य विभाग को दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 17:54:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट फैसला</media:keywords>
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<title>1 अक्टूबर से बिना e&#45;KYC नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर: बिलासपुर में 80 हजार उपभोक्ताओं की बुकिंग अटकी,</title>
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<description><![CDATA[ 1 अक्टूबर से रिफिल बुकिंग ब्लॉक: एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के लिए आज से गैस सिलेंडर बुक कराना बंद हो जाएगा। बिना ई-केवाईसी वाले सभी कनेक्शनों की रिफिल बुकिंग सुविधा ब्लॉक कर दी गई है। यह कड़ा नियम प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और सामान्य (कमर्शियल/घरेलू) दोनों उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू होगा।

बिलासपुर में 80 हजार उपभोक्ताओं पर असर: बिलासपुर जिले में कुल 4.83 लाख एलपीजी कनेक्शन हैं, जिनमें से लगभग 4.03 लाख (80.44%) उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। करीब 80 हजार कनेक्शनों की ई-केवाईसी अब भी लंबित है। 30 सितंबर की आधी रात तक जिनकी ई-केवाईसी नहीं हुई, उनकी पूर्व में की गई बुकिंग सिस्टम द्वारा स्वतः रद्द कर दी गई है।

ई-केवाईसी कराने के 3 आसान तरीके:

डिलीवरी के समय: गैस सिलेंडर की डिलीवरी लेते वक्त डिलीवरी बॉय के मोबाइल ऐप के माध्यम से।

गैस एजेंसी जाकर: अपनी संबंधित गैस वितरक एजेंसी पर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन करवाकर।

मोबाइल ऐप से: घर बैठे आधिकारिक ऐप—इंडियन ऑयल के लिए Indian Oil ONE, भारत गैस के लिए HelloBPCL और एचपी के लिए HP PAY ऐप के जरिए।

मोबाइल नंबर बदलने पर भी प्रक्रिया संभव: ई-केवाईसी के लिए मोबाइल नंबर अपडेट होना अनिवार्य नहीं है। उपभोक्ता एजेंसी में बायोमेट्रिक डिवाइस पर फिंगरप्रिंट या ऐप से फेस रिकग्निशन के जरिए सत्यापन करा सकते हैं। फिंगरप्रिंट मैच न होने पर आधार सेवा केंद्र जाकर बायोमेट्रिक अपडेट कराना होगा।

उज्ज्वला और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए अलग नियम:

सामान्य उपभोक्ता: 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की बुकिंग ब्लॉक होने पर वे बाजार दर पर 5 या 10 किलो वाले छोटू सिलेंडर का विकल्प मौजूदा एलपीजी आईडी पर चुन सकते हैं।

उज्ज्वला उपभोक्ता: ई-केवाईसी न होने पर रिफिल बुकिंग पूरी तरह बंद रहेगी, सरकारी सब्सिडी का लाभ रुक जाएगा और उन्हें बाजार दर पर 5 या 10 किलो सिलेंडर लेने की पात्रता भी नहीं मिलेगी। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 17:03:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>LPG Gas e-KYC Bilaspur</media:keywords>
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<title>छत्तीसगढ़ में आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा: सिर्फ छापेमारी नहीं, सरकारी धन की रिकवरी</title>
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<description><![CDATA[ फर्जी क्लेम पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई: छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत फर्जी क्लेम और अनियमितताओं पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। 30 सितंबर 2026 को प्रदेश के 17 अस्पतालों को जांच के दायरे में लिया गया, जिनमें से रायपुर के दो अस्पतालों का आयुष्मान पंजीयन निरस्त कर दिया गया है।

डिजिटल और फिजिकल ऑडिट की आवश्यकता: विशेषज्ञों और जनहित समूहों का मानना है कि जांच केवल कुछ चिन्हित अस्पतालों तक सीमित न रहकर प्रदेश के सभी एम्पैनल्ड अस्पतालों तक विस्तारित होनी चाहिए। इसमें भर्ती की वास्तविकता, पैथोलॉजी-रेडियोलॉजी रिपोर्ट, डिस्चार्ज समरी, बिलों के मिलान, फैंटम बिलिंग (फर्जी मरीज) और एजेंटों के कमीशन खेल की सघन जांच आवश्यक है।

कड़े कानूनी प्रावधान और पेनल्टी: सरकारी नियमों के मुताबिक फर्जीवाड़े (जैसे अपकोडिंग, क्लोनिंग या इनफ्लेटेड बिलिंग) के मामलों में क्लेम की राशि का 5 गुना तक जुर्माना, अस्पताल का सस्पेंशन/डी-एम्पैनलमेंट तथा सिविल व आपराधिक मुकदमे दर्ज करने के स्पष्ट प्रावधान हैं।

सरकार के समक्ष प्रमुख सवाल:

क्या प्रदेश के सभी आयुष्मान अस्पतालों का वार्षिक अनिवार्य और औचक फिजिकल ऑडिट होगा?

फर्जी क्लेम साबित होने पर सरकारी राशि की शत-प्रतिशत रिकवरी की समय-सीमा क्या होगी?

अस्पतालों के साथ-साथ इसमें संलिप्त डॉक्टरों, कर्मचारियों और दलालों पर कानूनी कार्रवाई होगी?

मरीजों से मुफ्त इलाज के बदले की गई अवैध वसूली की भरपाई कैसे कराई जाएगी?

क्या जिलावार कार्रवाई और शिकायतों की रिपोर्ट जनता के लिए सार्वजनिक की जाएगी?

मरीजों के अधिकारों की सुरक्षा: आयुष्मान योजना गरीब व जरूरतमंद परिवारों का बड़ा संबल है। निष्पक्ष व्यवस्था की मांग है कि ईमानदार अस्पतालों और मरीजों के हितों को प्रभावित किए बिना, फर्जीवाड़ा करने वालों पर प्रमाण-आधारित व पारदर्शी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 17:01:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>आयुष्मान भारत फर्जी क्लेम</media:keywords>
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<title>GGU में छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए 20% सीट आरक्षण की मांग: बिलासपुर प्रेस क्लब ने</title>
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<description><![CDATA[ 20 प्रतिशत आरक्षण की मांग: बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी छात्र-छात्राओं के लिए 20% सीटें आरक्षित करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। इस संबंध में बिलासपुर प्रेस क्लब ने पहल करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव को मांग पत्र सौंपा।

प्रेस क्लब प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात: प्रेस क्लब अध्यक्ष अजित मिश्रा के नेतृत्व में पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने तिफरा स्थित झूलेलाल मंगलम में डिप्टी सीएम से मुलाकात की और स्थानीय युवाओं के शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था को लागू कराने का आग्रह किया।

स्थानीय प्रतिभाओं को पलायन से रोकने का तर्क: प्रेस क्लब अध्यक्ष ने कहा कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय राज्य का प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान है। वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक प्रवेश प्रणाली के कारण प्रदेश के कई योग्य विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल पाता और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है। 20% सीट आरक्षण मिलने से प्रदेश की प्रतिभाओं को अपने ही गृह राज्य में बेहतर अवसर मिलेंगे।

अन्य राज्यों का दिया हवाला: प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि देश के कई राज्यों में केंद्रीय अथवा अन्य विश्वविद्यालयों में स्थानीय विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रावधान व आरक्षण की व्यवस्था लागू है। इसी तर्ज पर विश्वविद्यालयीय और कानूनी नियमों के तहत GGU में भी संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए।

प्रमुख पत्रकारों की उपस्थिति: इस दौरान प्रेस क्लब उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार गणेश विश्वकर्मा, रितु साहू, रवि शुक्ला, सादाब खान, उज्जवल तिवारी, प्रवीण सिंह सहित अनेक पत्रकार साथी मौजूद रहे। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 16:38:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय</media:keywords>
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<title>बिलासपुर पुलिस का 3 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स: ब्रह्माकुमारीज़ ने सिखाए तनावमुक्ति और &amp;apos;खुशी&amp;apos; के गुर,</title>
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<description><![CDATA[ तीन दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स का आयोजन: पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त, संवेदनशील और तनावमुक्त बनाने के उद्देश्य से बिलासपुर रेंज में तीन दिवसीय &#039;रेंज स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स&#039; की दूसरी कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें रेंज के विभिन्न थानों व शाखाओं से आए करीब 150 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।

वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन: यह गरिमामयी कार्यशाला पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन व प्रेरणा से संपन्न हुई।

तनावमुक्ति और सच्ची खुशी का मंत्र: ब्रह्माकुमारीज़ &#039;राजयोग भवन&#039; की संचालिका बीके स्वाति दीदी ने विशेष सत्र में कहा कि चुनौतीपूर्ण ड्यूटी के कारण पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे मानसिक दबाव में रहते हैं। उन्होंने अधिकारियों को &#039;बच्चों की तरह सरल और खुश&#039; रहने की सीख दी। उन्होंने बताया कि बच्चा वर्तमान में जीता है, उसमें कोई द्वेष, अहंकार या भविष्य की चिंता नहीं होती। यदि अधिकारी भी अपने भीतर के बच्चे को जीवित रखें, तो तनाव से दूर रह सकते हैं।

राजयोग और सकारात्मक ऊर्जा: दीदी ने स्पष्ट किया कि खुशी आंतरिक विचारों की ऊर्जा है। खुश रहने से मस्तिष्क में सकारात्मक हार्मोन्स स्रावित होते हैं, जिससे निर्णय लेने की क्षमता सुधरती है और मानसिक थकान मिटती है। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन के जरिए मन को शांत और सशक्त रखने के तरीके भी बताए।

विशेष सहयोग एवं आभार: कार्यशाला को सफल बनाने में ब्रह्माकुमारीज़ की वरिष्ठ शिक्षिका बीके संतोषी दीदी और समाजसेवी डॉ. कमल छाबड़ा का विशेष योगदान रहा। समापन पर पुलिस अधिकारियों ने आभार जताते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने और उन्हें जनसेवा के प्रति संवेदनशील बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 16:20:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर पुलिस रिफ्रेशर कोर्स</media:keywords>
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<title>पटना में विजिलेंस का बड़ा एक्शन: ADM और सब&#45;रजिस्ट्रार दंपति के ठिकानों पर छापा,</title>
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<description><![CDATA[ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में बिहार विजिलेंस (निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) की टीम ने पटना के एडीएम (आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी दानापुर की सब-रजिस्ट्रार स्वीटी कुमारी के ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। पटना और बेगूसराय स्थित परिसरों पर की गई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकदी, जेवरात और अकूत संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए हैं। नकदी की मात्रा इतनी अधिक थी कि गिनती के लिए नोट गिनने वाली मशीनें मंगवानी पड़ीं।

₹1 करोड़ नकद, 48 महंगी घड़ियां और लाखों के आभूषण
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान लगभग ₹1 करोड़ नकद और करीब ₹52.60 लाख मूल्य के सोने-चांदी के गहने मिले हैं। इसके साथ ही घर से 48 लग्जरी घड़ियां भी जब्त की गई हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और विलासिता का सामान देखकर छापेमारी दल के होश उड़ गए।

पटना से बेगूसराय तक फैला करोड़ों की अचल संपत्तियों का जाल
जांच में पटना के रूपसपुर स्थित &#039;कश्यप ग्रीन सिटी&#039; फ्लैट और बेगूसराय स्थित पैतृक आवास से बड़े पैमाने पर अघोषित निवेश के कागजात मिले हैं। प्राथमिक पड़ताल के मुताबिक, दंपति ने पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियां अर्जित की हैं:

पटना के पॉश इलाकों में 2 आलीशान फ्लैट

कई कीमती रिहायशी और व्यावसायिक प्लॉट

बेगूसराय में बड़े पैमाने पर जमीन में किए गए निवेश के दस्तावेज

जांच एजेंसी अब संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल किए गए पैसों के स्रोत की पड़ताल कर रही है। एहतियातन दोनों अधिकारियों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

शिक्षक से डिप्टी कलेक्टर तक का सफर
सर्विस रिकॉर्ड के मुताबिक, रविंद्र कुमार दिवाकर ने वर्ष 2000 में एक शिक्षक के तौर पर सरकारी नौकरी शुरू की थी। बाद में बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) में चयन के बाद वे पदोन्नत होकर एडीएम बने। वहीं उनकी पत्नी स्वीटी कुमारी 2013 बैच की सब-रजिस्ट्रार हैं। विजिलेंस टीम अब दोनों की कुल सेवा अवधि की वैध आय और मौजूदा संपत्ति के अनुपात का तकनीकी मूल्यांकन कर रही है।

अधिकारियों का मानना है कि जब्त दस्तावेजों की विस्तृत जांच और संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद काली कमाई का यह आंकड़ा और अधिक बढ़ सकता है। फिलहाल बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 30 Sep 2026 14:47:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>पटना विजिलेंस रेड</media:keywords>
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<title>रायपुर: &amp;quot;नौकरी तलाशने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें&amp;quot;,</title>
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<description><![CDATA[ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के युवाओं से केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहकर रोजगार सृजक बनने का आह्वान किया है। राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय &#039;यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026&#039; को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति प्रदेश के विकास की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपनी प्रतिभा और नवाचार से &#039;विकसित छत्तीसगढ़&#039; की नींव रख सकती है।

₹500 करोड़ की स्टार्टअप योजना और ₹8.23 लाख करोड़ का निवेश
सीएम साय ने घोषणा की कि युवाओं में उद्यमिता को गति देने के लिए ₹500 करोड़ के प्रावधान के साथ &#039;मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना&#039; पर कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति-2024 के लागू होने के बाद प्रदेश को करीब 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिन पर जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है। सरकार अब पारंपरिक उद्योगों के साथ एआई, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है।

2047 तक ₹75 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को ₹75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवा उद्यमियों, नवाचारकर्ताओं, किसानों और वैज्ञानिकों की सक्रिय भागीदारी सबसे अहम कड़ी होगी।

कृषि, वनोपज और सुगंधित चावल में स्टार्टअप की अपार संभावनाएं
अपने किसान पृष्ठभूमि और गृहग्राम बगिया का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि कृषि व वनोपज में वैल्यू एडिशन के जरिए स्टार्टअप्स के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं:

बस्तर की इमली, महुआ और औषधीय वनोपज की बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेंगे।

छत्तीसगढ़ के विशिष्ट सुगंधित चावल (जवाफूल, विष्णुभोग, शीतलचीनी आदि) के निर्यात और प्रोसेसिंग की पूरी वैल्यू-चेन विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का निरीक्षण व पौधरोपण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में बने नवनिर्मित &#039;सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर&#039; का मुआयना किया। उन्होंने आधुनिक प्रयोगशालाओं, प्लग-एंड-प्ले ऑफिस और टेस्टिंग लैब जैसी सुविधाओं का जायजा लिया। इसके अलावा उन्होंने &#039;एक पेड़ माँ के नाम&#039; अभियान के तहत मौलश्री का पौधा भी रोपा।

कॉन्क्लेव में एआई, डीप-टेक, एग्रीटेक और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में युवाओं ने अपने मॉडल प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने युवाओं के सवालों के जवाब देते हुए उन्हें असफलता के भय से मुक्त होकर जोखिम उठाने और नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में युवा उद्यमी उपस्थित रहे। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 30 Sep 2026 14:42:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>विष्णुदेव साय</media:keywords>
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<title>1 अक्टूबर की महा रैली एवं धरना&#45;प्रदर्शन से पूर्व</title>
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<description><![CDATA[ भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) छत्तीसगढ़ प्रदेश द्वारा 1 अक्टूबर को घोषित महा रैली, धरना एवं प्रदर्शन से पूर्व, बीएमएस द्वारा उठाई गई श्रमिकों की विभिन्न मांगों पर चर्चा के लिए छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बीएमएस प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी भी उपस्थित रहे।

बीएमएस की ओर से क्षेत्र संगठन मंत्री श्री सी. वी. राजेश, अखिल भारतीय मंत्री श्री राधेश्याम जायसवाल, प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती शोभा सिंह देव, अखिल भारतीय सह-उद्योग प्रभारी श्री दिनेश कुमार पांडे तथा प्रदेश महामंत्री श्री शंखध्वनि सिंह बनाफर सहित विभिन्न महासंघों के महामंत्री एवं अन्य पदाधिकारियों समेत कुल 16 बीएमएस प्रतिनिधियों ने चर्चा में भाग लिया।

बैठक में बीएमएस प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ के श्रमिकों से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को विस्तारपूर्वक मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने बीएमएस प्रतिनिधियों की सभी मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा इन विषयों पर आगे चर्चा कर समाधान की दिशा में कार्रवाई करने के लिए मंत्रिस्तरीय उपसमिति का गठन किया।

बैठक में यह भी आश्वासन दिया गया कि बीएमएस द्वारा उठाई गई मांगों पर सरकार की ओर से आवश्यक विचार-विमर्श एवं कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही माननीय मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि 1 अक्टूबर को बीएमएस द्वारा घोषित महा रैली एवं धरना-प्रदर्शन से पूर्व बीएमएस द्वारा उठाई गई मांगों पर सरकार की ओर से विस्तृत जवाब दिया जाएगा।

श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों द्वारा बीएमएस प्रतिनिधियों के साथ सीधे चर्चा करना तथा आगे की कार्रवाई के लिए मंत्रिस्तरीय उपसमिति का गठन करना श्रमिक हितों से जुड़े विषयों पर सरकार की पहल के रूप में देखा जा रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 28 Sep 2026 12:59:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>प्रदेश महा मंत्री</media:keywords>
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<title>बिलासपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0: 6 स्थानों पर बनेंगे 2,465 नए आवास,</title>
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<description><![CDATA[ 2,465 नए आवासों को मिली मंजूरी: प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 की भागीदारी में किफायती आवास घटक के तहत बिलासपुर नगर निगम को 2,465 आवास निर्माण की केंद्रीय स्वीकृति मिल चुकी है। यह सभी आवास फ्लैट सिस्टम के आधार पर गरीबों के लिए तैयार किए जाएंगे।

शहर के 6 स्थानों का हुआ चयन: नगर निगम क्षेत्र में इन आवासों के निर्माण हेतु 6 प्रमुख जगहों को चुना गया है:

पंप हाउस: 290 आवास

मिट्टी टीला: 261 आवास

तालापारा: 261 आवास

मिनीमाता: 725 आवास

अमेरी: 580 आवास

परसदा: 348 आवास

टेंडर के लिए शासन से मांगी अनुमति: आवास निर्माण की टेंडर प्रक्रिया शुरू करने हेतु नगर निगम ने शासन को प्रस्ताव भेजकर विधिवत अनुमति मांगी है। शासन से हरी झंडी मिलते ही तुरंत टेंडर जारी कर दिया जाएगा।

क्यों निरस्त हुआ था पुराना काम: इससे पहले वर्ष 2019 में भिलाई की बीएसबीके प्राइवेट लिमिटेड को 36 माह की समयसीमा के साथ निर्माण का ठेका दिया गया था। लेकिन कोविड संकट, अस्थायी व्यवस्थापन और ठेका कंपनी द्वारा एस्केलेशन व जीएसटी भुगतान की मांग के विवाद के कारण काम फाउंडेशन से आगे नहीं बढ़ सका, जिसके चलते पुराना टेंडर निरस्त कर दिया गया था। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 25 Sep 2026 14:22:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0</media:keywords>
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<title>अशोक नगर में अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर, शिकायत के बाद निगम की बड़ी कार्रवाई</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। अशोक नगर में सरस्वती स्कूल के पीछे कथित अवैध प्लाटिंग के मामले में निगम का बुलडोजर चला। शिकायत के बाद जिला प्रशासन के निर्देश और निगम कमिश्नर प्रकाश सर्वे के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम के साथ पुलिस विभाग का अमला भी मौके पर मौजूद रहा।


अशोक नगर स्थित सरस्वती स्कूल के पीछे अवैध प्लाटिंग की शिकायत के बाद नगर निगम ने कार्रवाई शुरू की। जानकारी के मुताबिक शीतल अग्रवाल, नेहा अग्रवाल, संतोषी अग्रवाल, अनूप कुमार अग्रवाल, आरती अग्रवाल और अर्पित अग्रवाल के नाम इस प्लाटिंग से जुड़े होने की शिकायत में सामने आए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही होगी।
बताया जा रहा है कि उक्त स्थान पर पहले सड़क निर्माण के लिए मुरूम डाला गया था, जिसके बाद प्लाट के भीतर कंक्रीट की सड़क बनाए जाने की बात सामने आई। मामले को लेकर जिला कलेक्टर से शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद निगम प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस विभाग की टीम मौजूद रही। निगम की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को निगम कमिश्नर प्रकाश सर्वे ने दृष्टि सभा कक्ष में बैठक ली थी। बैठक में सरकारी कामकाज में तेजी लाने के निर्देश के साथ ही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद निगम अमले ने अशोक नगर में कार्रवाई करते हुए मौके पर किए गए निर्माण को हटाने की कार्रवाई की। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 15:40:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>अवैध प्लाटिंग</media:keywords>
</item>

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<title>बिलासपुर: सरकारी फंड से बना 125 करोड़ का कैंसर अस्पताल निजी हाथों में सौंपने की तैयारी,</title>
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<description><![CDATA[ 125 करोड़ का प्रोजेक्ट: केंद्र सरकार के 70 करोड़ और राज्य सरकार के 55 करोड़ रुपये के फंड से यह नवनिर्मित कैंसर अस्पताल तैयार किया गया है, जिसका 90% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

पीपीपी मॉडल पर चलाने की तैयारी: सरकार इस अस्पताल को खुद चलाने के बजाय पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत निजी कंपनियों को सौंपने के लिए टेंडर और एमओयू (MoU) करने की तैयारी कर रही है। इसके चलते आम लोगों को यहां सरकारी निशुल्क सुविधा के बजाय निजी अस्पतालों जैसा भारी शुल्क देना पड़ सकता है।

289 पदों पर भर्ती थी प्रस्तावित: अस्पताल के लिए पहले प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और अन्य स्टाफ के करीब 289 पदों पर भर्ती होनी थी, लेकिन निजी हाथों में जाने से अब सिम्स (CIMS) के डॉक्टरों की छुट्टी हो जाएगी।

प्रतिक्रियाएं:

डॉ. चंद्रकांत फूल (नोडल अधिकारी): 8 सदस्यीय समिति बनाई गई है, टेंडर और एमओयू होने के बाद ही निजी कंपनियों द्वारा संचालन किया जाएगा।

सुशांत शुक्ला (विधायक, बेलतरा): टाटा मेमोरियल की तर्ज पर इसे बेहतरीन बनाने के लिए संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

अटल श्रीवास्तव (विधायक, कोटा): सरकारी जमीन और पैसे से बने अस्पताल को प्राइवेट हाथों में देना गलत है, सरकार को इसे स्वयं चलाना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 13:39:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर कैंसर अस्पताल</media:keywords>
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<title>झीरम घाटी नरसंहार: 13 साल बाद NIA कोर्ट सुनाएगी 10 दोषियों की सजा,</title>
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<description><![CDATA[ जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित और भीषण झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में जगदलपुर स्थित विशेष NIA अदालत 16 सितंबर 2026 को सभी 10 दोषियों की सजा का ऐलान करेगी। करीब 13 साल चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने 5 सितंबर को इन सभी आरोपियों को दोषी ठहराया था।

मामले से जुड़े प्रमुख बिंदु

दोषसिद्धि: विशेष अदालत ने दो महिलाओं सहित सभी 10 आरोपियों को हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोपों में दोषी माना है। शुरुआत में 11 आरोपियों पर मुकदमा चला था, जिनमें से एक की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई थी।

लंबी सुनवाई: अभियोजन पक्ष ने अपने पक्ष में कुल 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए।

बचाव पक्ष का रुख: बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद चौधरी के अनुसार, फैसले की विस्तृत प्रति मिलने के बाद वे इस निर्णय के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे।

25 मई 2013 का वो खूनी दिन

बस्तर के दरभा स्थित झीरम घाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में 29 लोगों की जान गई थी और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

प्रमुख हताहत: हमले में पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, उनके पुत्र दिनेश पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा और पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत कई वरिष्ठ नेता, सुरक्षाकर्मी और नागरिक शहीद हुए थे।

जांच का घटनाक्रम

घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन राज्य सरकार ने दो दिनों के भीतर मामला राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) को सौंप दिया था। इसके साथ ही न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया गया था। वर्षों तक यह मामला कानूनी और राजनीतिक स्तर पर चर्चा के केंद्र में रहा। 13 साल के लंबे इंतजार के बाद अब अदालत के इस अंतिम फैसले पर पीड़ित परिवारों और पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 16 Sep 2026 17:25:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>झीरम घाटी हमला</media:keywords>
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<title>छत्तीसगढ़: टैक्स विभाग में सीमित भर्ती परीक्षा रद्द,</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछली सरकार के दौरान आयोजित एक और भर्ती प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी उजागर होने के बाद शासन ने बड़ा कदम उठाया है। वाणिज्यिक कर (राज्य कर) विभाग में वर्ष 2021 और 2022 में आयोजित सीमित विभागीय परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। इसके चलते विभागीय क्लर्कों (बाबू) को कमर्शियल टैक्स इंस्पेक्टर (CTI) के पद पर मिलीं सभी 42 नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं।

जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
विभागीय जांच रिपोर्ट में पूरी चयन प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा करने वाले कई तथ्य मिले हैं:

रोस्टर नियमों की अनदेखी: चयन के दौरान आरक्षण और वरिष्ठता के रोस्टर नियमों का पालन नहीं किया गया।

अंक सूची में पारदर्शिता का अभाव: चयनित अभ्यर्थियों की कोई समेकित (कंसोलिडेटेड) मेरिट अंक सूची तैयार नहीं की गई थी।

17 उत्तर पुस्तिकाएं एक जैसी: जांच में पाया गया कि 17 चयनित अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं (आंसर शीट) शब्द-दर-शब्द एक जैसी थीं, जिससे सुनियोजित नकल या पेपर लीक के संकेत मिलते हैं।

पुनर्मूल्यांकन में नंबरों का खेल: प्रारंभिक सूची से बाहर रहे कई अभ्यर्थियों के अंक री-इवैल्यूएशन में असामान्य रूप से बढ़ा दिए गए, जिसके दम पर उन्होंने चयन सूची में जगह बनाई।

तत्कालीन आयुक्त समीर विश्नोई के कार्यकाल का मामला
यह सीमित विभागीय भर्ती परीक्षा विभाग के तत्कालीन आयुक्त समीर विश्नोई के कार्यकाल के दौरान आयोजित की गई थी। विश्नोई पहले से ही प्रदेश के चर्चित कोयला घोटाले में नामजद आरोपी हैं। इस परीक्षा में लेन-देन और अपात्र लोगों को फायदा पहुंचाने के आरोप शुरुआत से ही लग रहे थे।

42 अधिकारियों की नियुक्तियां एक साथ रद्द होने से विभाग में हड़कंप मच गया है। सरकार अब इस पूरी धांधली में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर आपराधिक व विभागीय कार्रवाई की तैयारी में है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 16 Sep 2026 17:22:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़ राज्य कर विभाग</media:keywords>
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<title>🚧 बिलासपुर में दबंगई: ₹12 करोड़ की नई सड़क पर 58 मिनट तक चला जेसीबी</title>
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<description><![CDATA[ 🛑 करोड़ों की सड़क बर्बाद: मंगला चौक से उसलापुर ओवरब्रिज (ROB) तक लगभग ₹12 करोड़ की लागत से बनी 80 फीट चौड़ी नई स्मार्ट सड़क को जेसीबी चलाकर खोद डाला गया।

📹 CCTV में कैद हुआ सच: फुटेज में साफ दिख रहा है कि दो लोग एक मकान से बाहर निकलते हैं और मौके पर खड़े रहकर लगातार 58 मिनट तक जेसीबी चलवाकर सड़क की खुदाई करवाते हैं।

❓ कार्रवाई से कतरा रहा निगम: पूरी जानकारी और वीडियो साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद नगर निगम केवल &#039;नोटिस-नोटिस&#039; खेल रहा है और सख्त वैधानिक कार्रवाई करने से बच रहा है।

🗣️ उल्टे सवाल दाग रहे आरोपी: स्मार्ट सिटी और निगम द्वारा स्थानीय निवासी आत्मजीत सिंह मक्कड़ को नोटिस थमाया गया, लेकिन उन्होंने सड़क खोदने से इनकार करते हुए उल्टा निगम से ही सवाल पूछ लिया कि नोटिस किस आधार पर दिया गया।

🧱 अवैध कब्जे का इतिहास: सड़क निर्माण के समय करीब 23 लोगों के अवैध कब्जे तोड़े गए थे, जिन्होंने 40 फीट से ज्यादा तक कब्जा कर रखा था। कब्जा हटने से नाराज कुछ लोग अब भी सड़क को नुकसान पहुंचाने की फिराक में हैं।

⛽ 100 फीट तक सड़क खोदी, नाली भी तोड़ी: पेट्रोल पंप के पास लगभग 100 फीट तक सड़क को बीच से काट दिया गया है और सारा मलबा नाली में पाट दिया गया, जिससे पूरी नाली जाम हो गई है और उसे भी तोड़ दिया गया है।

⚖️ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के अनुसार, शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर नगर निगम अधिनियम की धारा 322 और 323 के तहत कार्रवाई की जाएगी। फुटेज का तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 15 Sep 2026 16:55:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>सड़क तोड़फोड़</media:keywords>
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<title>जीएसटी का बड़ा छापा: बिलासपुर और मुंगेली के 6 व्यापारियों पर कार्रवाई,</title>
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<description><![CDATA[ 🔍 व्यापारियों पर दबिश: जीएसटी की स्टेट टीम ने बिलासपुर और मुंगेली के कुल 6 व्यापारियों के ठिकानों पर एक साथ छापा मारा।

🏨 होटल और बड़े व्यापारी निशाने पर: कार्रवाई में मुंगेली के 3 होटलों समेत व्यापार विहार (बिलासपुर) के तीन बड़े कारोबारी शामिल हैं—जिनमें गुटखा, ड्राई फ्रूट्स और तेल व्यापारी शामिल हैं।

💰 ₹60 लाख की पेनल्टी वसूली: मुंगेली के बाबा होटल पर टैक्स चोरी साबित होने पर 60 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया, जिसे तुरंत वसूल कर सरकारी खजाने में जमा करा दिया गया है।

🧾 कच्चे बिल से टैक्स चोरी का खेल: जांच में पता चला कि कई होटलों और रेस्टोरेंट में ग्राहकों को पक्के बिल के बजाय कच्चे पर्चे काटकर टैक्स चोरी की जा रही थी।

📍 इन प्रतिष्ठानों पर भी जांच: मुंगेली के बलानी चौक स्थित मोनिका ज्वेलर्स, पड़ाव चौक स्थित दिनेश ज्वेलर्स और धरमपुरा मेन रोड स्थित नुक्कड़ ढाबे पर जीएसटी अधिकारियों ने विस्तृत जांच की।

🚛 115 से अधिक बोगस डीलर चिन्हित: राज्य कर विभाग ने संदिग्ध फर्मों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ रखा है। तीन वित्तीय वर्षों के रिटर्न की जांच के बाद 115 से ज्यादा फर्जी (बोगस) शेल कंपनियों को चिन्हित किया गया है।

📑 फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC): बिना ई-वे बिल और जाली इनवॉइस के माल ढुलाई करने वाले सिंडिकेट पर शिकंजा कसा गया है, जो कागजों में करोड़ों का फर्जी ITC ट्रांसफर कर राजस्व को चूना लगा रहे थे।

💻 दस्तावेज व डिजिटल डेटा जब्त: छापों के दौरान अफसरों ने व्यापारियों के स्टॉक रजिस्टर, कंप्यूटर डेटा, खरीद-बिक्री के बिल और बैंक ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को जब्त कर गहन वित्तीय जांच शुरू कर दी है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 15 Sep 2026 16:49:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>जीएसटी छापा</media:keywords>
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<title>🏫 स्कूल जतन योजना घोटाला: ₹1000 करोड़ का भुगतान, पर 2 साल बाद भी जांच अधूरी ⚠️</title>
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<description><![CDATA[ 📢 बड़ा खुलासा: सरकारी स्कूलों की मरम्मत और लघु निर्माण के नाम पर प्रदेशभर में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है।

🏗️ काम और लागत: &#039;स्कूल जतन योजना&#039; के तहत कुल 25,187 काम स्वीकृत किए गए थे, जिनकी अनुमानित लागत 1807.68 करोड़ रुपये थी। इनमें से 1191.49 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया।

⏳ जांच में ढिलाई: प्रदेश के सभी 33 जिलों के कलेक्टरों से जांच रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद भी शासन स्तर पर रिपोर्ट जमा नहीं हो सकी है।

💸 काम से पहले भुगतान: कई जगहों पर निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही ठेकेदारों को पूरी राशि जारी कर दी गई, फिर भी जिम्मेदार अफसरों और निर्माण एजेंसियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

🏫 78 स्कूलों में घटिया निर्माण: बिलासपुर जिले के 78 स्कूलों में 28 लाख रुपये के काम अधूरे और बेहद घटिया गुणवत्ता के पाए गए। कागजों में काम पूरा दिखाकर राशि निकाल ली गई, लेकिन ठेकेदारों पर अब तक रिकवरी या ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई नहीं हुई।

📍 मस्तूरी ब्लॉक में सबसे ज्यादा धांधली: जांच में ईंट का प्लास्टर गिरना, पुट्टी-खिड़कियां गायब होना और छतों से पानी टपकने जैसी खामियां मिलीं। मस्तूरी ब्लॉक के 16, तखतपुर के 14, कोटा के 11 और बिल्हा के 9 स्कूलों में बिना काम के ही भुगतान ले लिया गया।

🛑 शिक्षकों पर दबाव: शिकायतों के बाद नए काम रोक दिए गए हैं। स्कूल प्राचार्यों का आरोप है कि छुट्टियों में काम कराया गया और स्कूल खुलने पर जबरन कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate) पर हस्ताक्षर कराए गए।

🗣️ अधिकारियों का पक्ष: शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी जिलों से रिपोर्ट मंगाई जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 15 Sep 2026 16:45:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>स्कूल जतन योजना</media:keywords>
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<title>नागपुर&#45;रायपुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा: खड़े ट्रक में घुसी तेज रफ्तार बोलेरो,</title>
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<description><![CDATA[ राजनांदगांव/कवर्धा/रायपुर:

महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार तड़के एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। छत्तीसगढ़ से तीज पर्व मनाने नागपुर जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बोलेरो सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में 8 लोगों की जान चली गई, जिनमें 6 महिलाएं और मासूम बच्चे शामिल हैं। मृतकों में कबीरधाम जिले के 5 और नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के 3 लोग शामिल हैं। घटना के बाद संबंधित गांवों में कोहराम और मातम पसरा हुआ है।

रात करीब 3 बजे हुआ हादसा:
घटनास्थल: नागपुर-रायपुर हाईवे पर मुंडीपार और पिंपलगांव के बीच।

समय: शुक्रवार रात करीब 3:00 बजे।

बोलेरो में लगभग 16 से 17 लोग सवार थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल महिला ने नागपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। जान गंवाने वाले तीन बच्चों की उम्र 5 वर्ष से कम बताई जा रही है।

पुलिस यह जांच कर रही है कि सड़क पर खड़े ट्रक में कोई पार्किंग लाइट या रिफ्लेक्टर संकेतक था या नहीं, जिससे चालक को वह दिखाई नहीं दिया।

सड़क हादसे में मृतकों की सूची:
जामबाई रामअवतार वर्मा (उम्र 50 वर्ष), निवासी एकता नगर, भांडेवाड़ी, नागपुर

मिनाक्षी राजकुमार वर्मा (उम्र 26 वर्ष), निवासी विचारपुर, जिला लोहारा (कबीरधाम)

गायत्री रूपेश उईके (उम्र 30 वर्ष), निवासी चिचोला, राजनांदगांव

कु. रिवटी रूपेश उईके (उम्र 6 वर्ष), निवासी चिचोला, राजनांदगांव

धैर्य रूपेश उईके (उम्र 4 वर्ष), निवासी चिचोला, राजनांदगांव

सरिता विजय वर्मा (उम्र 30 वर्ष), निवासी विचारपुर, जिला लोहारा (कबीरधाम)

कु. त्रिशा राजकुमार वर्मा (उम्र 2 वर्ष), निवासी विचारपुर, जिला लोहारा (कबीरधाम)

राजकुमारी प्रह्लाद पटेल (उम्र 35 वर्ष), निवासी बीजा, तहसील लोहारा, कबीरधाम

घायलों का उपचार जारी:
बोलेरो चालक सहित कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को पहले साकोली अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद भंडारा मेडिकल कॉलेज और फिर गंभीर स्थिति को देखते हुए नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक, टीम रवाना:
हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर छत्तीसगढ़ से अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल के लिए रवाना की गई है, जो महाराष्ट्र सरकार व स्थानीय प्रशासन से निरंतर समन्वय बनाकर घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगी। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 12 Sep 2026 14:21:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>भंडारा सड़क दुर्घटना</media:keywords>
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<title>सक्ती में ग्रामीण विकास का महामंच: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और CM विष्णुदेव साय देंगे 122 करोड़ के विकास कार्यों और 2 लाख पक्के मकानों की सौगात</title>
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<description><![CDATA[ सक्ती (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में आज ग्रामीण विकास और जन-कल्याण को समर्पित एक विशाल राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। कलेक्टोरेट मैदान जेठा में आयोजित इस भव्य समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य रूप से शामिल होंगे। इस मंच से प्रदेश के हितग्राहियों को कई बड़ी योजनाओं और विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी जाएगी।

122 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन

कार्यक्रम स्थल पर लगभग 10 हजार लोगों की क्षमता वाला भव्य वाटरप्रूफ डोम तैयार किया गया है। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री मंच से 122 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 39 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। आयोजन को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।

2 लाख परिवारों का गृहप्रवेश और पक्के मकानों का तोहफा

इस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी प्रधानमंत्री आवास योजना है, जिसके अंतर्गत करीब 2 लाख ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास की सौगात दी जाएगी। साथ ही नवनिर्मित आवासों के लिए सामूहिक गृहप्रवेश कार्यक्रम भी संपन्न कराया जाएगा, जिससे वर्षों से पक्के मकान की आस लगाए बैठे परिवारों का सपना पूरा होगा।

आवास सत्यापन में जुड़ेगी AI तकनीक

पारदर्शिता और गति बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आज &#039;एआई आधारित जियो-टैग सत्यापन प्रणाली&#039; की आधिकारिक शुरुआत की जाएगी। इस आधुनिक तकनीक से आवास निर्माण की प्रगति का डिजिटल और सटीक सत्यापन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

जल संरक्षण के लिए ‘धार अपार अभियान’ और 270 फार्मिंग क्लस्टर

नदियों और प्राकृतिक जलधाराओं के पुनरुद्धार और जल स्तर सुधारने के लिए राज्यव्यापी &#039;धार अपार अभियान&#039; का आगाज होगा। इसके साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए 270 नए &#039;इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर&#039; शुरू किए जाएंगे, जो किसानों की आय बढ़ाने और आजीविका के नए साधन उपलब्ध कराने में सहायक होंगे।

लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और रानी मिस्त्रियों का होगा सम्मान

ग्रामीण विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को इस मंच से सम्मानित किया जाएगा। इसमें &#039;लखपति दीदी&#039;, &#039;ड्रोन दीदी&#039; और निर्माण कार्यों से जुड़ी &#039;रानी मिस्त्री&#039; शामिल हैं। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 5 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 11 Sep 2026 15:10:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>प्रधानमंत्री आवास योजना</media:keywords>
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<title>बैंक जाने से पहले सावधान: हड़ताल और छुट्टियों के चलते 11 सितंबर से लगातार 4 दिन तक बंद रह सकते हैं बैंक</title>
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<description><![CDATA[ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की देशव्यापी हड़ताल, सप्ताहांत की छुट्टियों और गणेश चतुर्थी के कारण कई राज्यों में 11 सितंबर से लगातार चार दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहने की संभावना है।

चार दिनों के अवकाश का पूरा गणित:

11 सितंबर (देशव्यापी बैंक हड़ताल): UFBU के आह्वान पर सरकारी बैंकों के कर्मचारी व अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे, जिससे चेक क्लीयरेंस, कैश जमा-निकासी जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

12 सितंबर (दूसरा शनिवार): नियम के तहत माह के दूसरे शनिवार को देशभर के सभी बैंक बंद रहेंगे।

13 सितंबर (रविवार): साप्ताहिक अवकाश के चलते बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा।

14 सितंबर (गणेश चतुर्थी): महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में स्थानीय अवकाश कैलेंडर के अनुसार बैंकों में अवकाश रहेगा।

डिजिटल सेवाएं रहेंगी चालू:

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को पूरी तरह परेशानी नहीं होगी। UPI, नेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप और एटीएम जैसी सभी डिजिटल सेवाएं निर्बाध रूप से चालू रहेंगी।

प्रमुख मांगें और एसबीआई का अलर्ट:

यूनियनों की मांगें: UFBU की प्रमुख मांगों में 5-डे बैंकिंग (सभी शनिवार को अवकाश), पेंशन अपडेशन, समान महंगाई भत्ता और एनपीएस कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प देना शामिल है।

एसबीआई की एडवाइजरी: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों को अलर्ट करते हुए कहा है कि कामकाज सामान्य बनाए रखने के प्रबंध किए गए हैं, फिर भी हड़ताल के चलते सेवाओं पर आंशिक असर पड़ सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 11 Sep 2026 13:50:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>4 दिन बैंक बंद</media:keywords>
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<title>डिप्टी सीएम अरुण साव की अनुशंसा पर लोरमी जनपद को बड़ी सौगात:</title>
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<description><![CDATA[ ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने और विकास की गति को तेज करने के उद्देश्य से जनपद पंचायत लोरमी को एक बड़ी प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव की अनुशंसा पर &#039;विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)&#039; के अंतर्गत क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के लिए कुल 183 विकास कार्यों हेतु ₹255.98 लाख की मंजूरी जारी की गई है। इस बजट का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण सुधार और बुनियादी सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।

स्कूलों में बालिका शौचालय और श्मशान घाटों का कायाकल्प:

स्वीकृत कार्यों में मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी गई है:

सामुदायिक श्मशान घाट: गांवों में अंतिम संस्कार की व्यवस्था को गरिमापूर्ण बनाने के लिए 18 स्थानों पर सामुदायिक श्मशान घाट निर्माण हेतु सर्वाधिक ₹107.97 लाख मंजूर किए गए हैं।

बालिका शौचालय: स्वच्छता और बालिकाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 21 शासकीय स्कूलों में बालिका शौचालय निर्माण के लिए ₹90.60 लाख की स्वीकृति दी गई है।

जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार पर विशेष जोर:

रिचार्ज पिट: भू-जल स्तर को बढ़ाने और बारिश के जल संचयन के लिए जनपद क्षेत्र में 100 &#039;रिचार्ज पिट&#039; बनाए जाएंगे, जिसके लिए ₹25.25 लाख का प्रावधान किया गया है।

पौधारोपण: क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा देने हेतु 4 बड़े पौधारोपण कार्यों के लिए ₹15.10 लाख स्वीकृत हुए हैं।

स्वच्छता और जल निकासी प्रबंधन:

ट्रेंच निर्माण (07 कार्य): ₹6.65 लाख

गैस फिल्टर (13 कार्य): ₹6.48 लाख

सोक पिट (19 कार्य): ₹3.42 लाख

अधिकारियों के अनुसार, इन सभी विकास कार्यों के पूरा होने से लोरमी के ग्रामीण इलाकों में जलभराव और गंदगी की समस्या से निजात मिलेगी, जिससे गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलेगी। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 11 Sep 2026 13:44:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>बालिका शौचालय निर्माण</media:keywords>
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<title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया स्वदेशी मेला के पोस्टर एवं ब्रोशर का विमोचन।</title>
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<description><![CDATA[ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई भारतीय विपणन विकास केंद्र (CBMD) द्वारा  विलासपुर  में आयोजित होने वाले इस वर्ष के &#039;स्वदेशी मेला&#039; के आधिकारिक ब्रोशर और पोस्टर का विमोचन किया। आयोजको ने बताया कि इस वर्ष स्वदेशी मेले का आयोजन जगदलपुर बस्तर से प्रारंभ होकर अंबिकापुर सरगुजा तक इस मेले का आयोजन लगभग 10 स्थानों (ज़िलों) मे किया जाएगा।
इस गरिमामय विमोचन कार्यक्रम में  छत्तीसगढ़ शासन पूर्व केबिनेट मंत्री एवं बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल , 
 डॉ. सुशील श्रीवास्तव, डॉ. प्रफुल्ल शर्मा, गुलशन ऋषि एवं श्रीमती अरुणा दीक्षित उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री जी ने स्वदेशी मेला के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मेलों से स्थानीय कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और स्वदेशी उद्योगों को बड़ा प्रोत्साहन मिलता है। भारतीय विपणन विकास केंद्र द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले इन मेलों की तिथियों एवं स्थानों की विस्तृत जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 11 Sep 2026 13:07:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</media:keywords>
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<title>छत्तीसगढ़: निजी स्कूलों की मान्यता के लिए नई गाइडलाइन जारी; NOC खत्म, सेल्फ सर्टिफिकेशन और वीडियोग्राफी अनिवार्य, नियमों में बड़े बदलाव</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने प्रदेश में निजी स्कूलों की मान्यता को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होने वाले इन नए नियमों के तहत अब बिना मंडल की मान्यता के कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित नहीं की जा सकेंगी। नई व्यवस्था से कागजी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, लेकिन सुरक्षा, भवन मानकों और शिक्षकों की योग्यता को लेकर नियम काफी सख्त किए गए हैं।

NOC और कॉर्पस फंड की अनिवार्यता खत्म, सेल्फ सर्टिफिकेशन लागू

NOC से राहत: नए स्कूल खोलने के लिए अब अनिवार्य प्रमाणपत्र (Essentiality Certificate) या NOC लेने की जरूरत नहीं होगी।

सेल्फ सर्टिफिकेशन: स्कूल प्रबंधन को शपथ-पत्र (Self Certification) देना होगा कि स्कूल भवन सुरक्षित है, पर्याप्त लैब, लाइब्रेरी, खेल मैदान उपलब्ध हैं और शिक्षक तय योग्यता रखते हैं।

वीडियोग्राफी अनिवार्य: गलत जानकारी रोकने के लिए आवेदन के साथ स्कूल परिसर की वीडियोग्राफी जमा करना अनिवार्य होगा। जानकारी गलत पाए जाने पर मान्यता रद्द कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कॉर्पस फंड हटा: न्यूनतम कॉर्पस फंड की शर्त हटा दी गई है। प्रबंधन को केवल स्टाफ वेतन और संचालन के लिए वित्तीय मजबूती का भरोसा देना होगा और सत्र समाप्ति के 3 माह के भीतर ऑडिट रिपोर्ट देनी होगी।

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, हाईस्कूल के बाद ही मिलेगी हायर सेकंडरी की मान्यता
मान्यता और फीस भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह मंडल के पोर्टल पर ऑनलाइन होगी। अब हाईस्कूल और हायर सेकंडरी की मान्यता एक साथ नहीं मिलेगी; पहले हाईस्कूल की मान्यता लेनी होगी, उसके बाद ही हायर सेकंडरी (प्लस-टू) के लिए आवेदन किया जा सकेगा।

स्कूल के नाम में ‘नेशनल-इंटरनेशनल’ जैसे शब्दों पर प्रतिबंध
भ्रम की स्थिति से बचने के लिए बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कोई भी निजी स्कूल अपने नाम में नेशनल, इंटरनेशनल, स्वामी आत्मानंद, पीएम श्री, नवोदय, एकलव्य, प्रयास या केंद्रीय जैसे शब्दों का उपयोग नहीं कर सकेगा। ऐसा करने वाले स्कूलों को मान्यता नहीं दी जाएगी।

हिंदी और इंग्लिश मीडियम के लिए अलग परिसर अनिवार्य
एक ही भवन में दो अलग बोर्ड या दो माध्यम संचालित नहीं किए जा सकेंगे। यदि कोई स्कूल हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में कक्षाएं चलाना चाहता है, तो उसे दोनों के लिए अलग जमीन, अलग भवन, अलग प्राचार्य और संबंधित माध्यम के योग्य शिक्षक रखने होंगे।

भवन, क्लासरूम और जमीन के कड़े मानक

जमीन संचालक के नाम पर हो या न्यूनतम 3 साल की रजिस्टर्ड लीज होनी चाहिए।

स्वीकृत नक्शा और बहुमंजिला भवनों के लिए स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा। अधूरे भवन पर मान्यता नहीं मिलेगी।

क्लासरूम कम से कम 300 वर्गफीट का होना चाहिए, जिसमें प्रति छात्र न्यूनतम 6 वर्गफीट जगह हो (अधिकतम 45 छात्र प्रति क्लास)।

हाईस्कूल के लिए न्यूनतम 7 क्लासरूम, साथ ही खेल, प्रार्थना और पार्किंग के लिए पर्याप्त खुली जगह अनिवार्य है।

छात्रों के हित की सुरक्षा
सत्र के बीच में किसी भी स्कूल को बंद करने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी स्कूल की मान्यता रद्द होती है, तो बोर्ड परीक्षाएं पूरी होने तक व्यवस्था जारी रखी जाएगी और छात्रों को नजदीकी सरकारी या पंजीकृत स्कूलों में समायोजित किया जाएगा, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 09 Sep 2026 16:58:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल</media:keywords>
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<title>एकलव्य विद्यालय मामला: सीएम विष्णुदेव साय की सख्ती के बाद प्राचार्य हटाए गए, वॉर्डन को नोटिस</title>
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<description><![CDATA[ 1. मुख्य घटना:
सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्राएं अपनी बुनियादी समस्याओं (बिजली, पढ़ाई, मेस आदि) को लेकर 20 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट मिलने निकली थीं। इस गंभीर मामले का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संज्ञान लिया।

2. प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई:
मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय के प्राचार्य को पद से हटा दिया गया है।

विद्यालय की वॉर्डन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने तत्काल सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन पर चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

3. मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:
जांच कर जिम्मेदारी तय करें: पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

बुनियादी व्यवस्थाएं तुरंत सुधारें: छात्राओं द्वारा उठाई गई समस्याओं का फौरन समाधान किया जाए। इसमें बिजली आपूर्ति, शिक्षकों की कमी दूर करना, नियमित कक्षाएं, मेस में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई शामिल हैं।

नियमित समीक्षा और सतत निरीक्षण: सभी आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों की नियमित समीक्षा की जाए और अधिकारी लगातार जमीनी निरीक्षण करें, ताकि बच्चों को अपनी बात रखने के लिए इस तरह सड़कों पर न निकलना पड़े। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 09 Sep 2026 14:34:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>सरगुजा एकलव्य विद्यालय सीएम साय कार्रवाई</media:keywords>
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<title>छत्तीसगढ़ में 9 हजार सरकारी पदों पर भर्ती की तैयारी, युवाओं को NEET&#45;JEE से UPSC तक मुफ्त कोचिंग</title>
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<description><![CDATA[ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार करीब 9 हजार रिक्त सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इनमें मुख्य रूप से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पद शामिल होंगे। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को निःशुल्क कोचिंग देने की योजना भी शुरू की गई है।

सरकार की इस पहल से उन युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से सरकारी भर्तियों का इंतजार कर रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

📋 एक ही व्यवस्था से होगी भर्ती

पहले तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती अलग-अलग विभागों के स्तर पर होती थी। अब चयन प्रक्रिया को केंद्रीकृत करने की तैयारी है। कर्मचारी चयन मंडल के जरिए विभिन्न विभागों, बोर्ड और सरकारी संस्थानों में अधिसूचित पदों की चयन प्रक्रिया संचालित की जाएगी।

सरकार की योजना है कि हर साल नियमित भर्ती कैलेंडर जारी किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों को भर्ती की जानकारी पहले से मिल सके और वे बेहतर तरीके से तैयारी कर सकें।

🎓 NEET से UPSC तक मुफ्त कोचिंग

सरकारी नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। करीब 33 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के साथ निःशुल्क कोचिंग योजना शुरू की गई है।

इस योजना में NEET, JEE, CLAT, UPSC, CGPSC, बैंकिंग, SSC और रेलवे भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा उन विद्यार्थियों को मिल सकता है, जो आर्थिक कारणों से महंगी निजी कोचिंग नहीं ले पाते।

💼 रोजगार के साथ कौशल विकास पर जोर

सरकार युवाओं को सिर्फ सरकारी नौकरी तक सीमित रखने के बजाय कौशल विकास और रोजगार के दूसरे अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दे रही है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत हजारों युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और आने वाले समय में बड़ी संख्या में और युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

📢 युवाओं को अधिसूचना का इंतजार

सरकार के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी। हालांकि अलग-अलग पदों के लिए विस्तृत विज्ञापन, आवेदन की तारीख, पात्रता और परीक्षा कार्यक्रम अभी जारी होना बाकी है। ऐसे में अभ्यर्थियों को आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा।

कुल मिलाकर, करीब 9 हजार सरकारी पदों पर भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग की यह पहल छत्तीसगढ़ के नौकरी और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण मौका बन सकती है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 08 Sep 2026 16:36:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़ सरकारी भर्ती 2026</media:keywords>
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<title>LPG सिलेंडर पर राहत: गोवा और तमिलनाडु में साल में 3 मुफ्त गैस सिलेंडर देने का ऐलान</title>
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<description><![CDATA[ 1. गोवा: ‘गोवा उज्ज्वला योजना’ लागू

लाभ: पात्र लाभार्थियों को प्रति वित्तीय वर्ष 3 LPG सिलेंडर के खर्च के बराबर आर्थिक मदद (कुल ₹3,000) सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

समयसीमा: राशि ट्रांसफर की प्रक्रिया के लिए 9 सितंबर की डेडलाइन तय की गई है।

पात्रता व नियम: इस योजना के लिए कोई आय सीमा (इनकम लिमिट) निर्धारित नहीं की गई है।

दस्तावेज व प्रक्रिया: आवेदन फॉर्म 5 सितंबर से पंचायतों और विधायक कार्यालयों में उपलब्ध कराए गए थे, जिसके साथ बैंक पासबुक, पहचान पत्र और मतदाता पहचान पत्र जमा करना अनिवार्य किया गया था। गलत जानकारी देकर लाभ लेने वालों से राशि वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पृष्ठभूमि: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के अनुसार, यह योजना 2022 के विधानसभा चुनाव के वादे के तहत लागू की गई है।

2. तमिलनाडु: ‘अन्नपूर्णी सुपर सिक्स योजना’ की घोषणा

लाभ: पात्र परिवारों को साल में 3 मुफ्त LPG सिलेंडर दिए जाएंगे।

शुरुआत: यह योजना आगामी जनवरी में पोंगल पर्व के अवसर पर शुरू होगी।

बजट व पात्रता:

योजना के लिए ₹4,000 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

₹2.5 लाख तक वार्षिक आय वाले परिवार इसके लिए पात्र होंगे।

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, छोटे व सीमांत किसान, और दिव्यांग व्यक्तियों के परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

उद्देश्य: बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडर की कीमतों के बीच गरीब परिवारों की महिलाओं को आर्थिक राहत पहुंचाना। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:08:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>फ्री LPG सिलेंडर योजना</media:keywords>
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<title>सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र अब 60 नहीं 62 साल, छत्तीसगढ़ सहित 7 राज्यों में रास्ता साफ</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) की उम्र 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का रास्ता साफ कर दिया है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, सिक्किम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सरकारों ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। शीर्ष अदालत ने इन सातों राज्यों को अपने सेवा नियमों में तत्काल संशोधन करने का निर्देश दिया है।

हाईकोर्ट की जांच के बाद ही मिलेगा 2 साल का सेवा विस्तार

अदालत ने स्पष्ट किया है कि 2 साल की यह अतिरिक्त सेवा अपने आप (स्वतः) नहीं मिलेगी। संबंधित उच्च न्यायालय (High Court) द्वारा अधिकारी की योग्यता, आचरण और कार्य प्रदर्शन की गहन जांच और मूल्यांकन के बाद ही उन्हें 62 वर्ष की आयु तक पद पर बने रहने की अनुमति दी जाएगी।

31 मार्च 2026 के बाद रिटायर अधिकारियों को भी मौका

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, 31 मार्च 2026 या उसके बाद 60 साल की उम्र पूरी कर सेवानिवृत्त हो चुके न्यायिक अधिकारियों को भी इस व्यवस्था का लाभ मिलेगा। शर्तों को पूरा करने पर उन्हें न्यायिक सेवा में दोबारा वापस लौटने का विकल्प दिया जाएगा।

उम्र सीमा बढ़ाने की मुख्य वजह

अदालत ने कहा कि जिला न्यायपालिका में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। न्यायिक सेवा के लिए विशेष प्रशिक्षण और दीर्घकालिक अनुभव की आवश्यकता होती है, लेकिन कई राज्यों में भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद स्वीकृत पद खाली रह जाते हैं। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि इससे पूर्व 1992 में न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति उम्र बढ़ाई गई थी। इसलिए अनुभवी अधिकारियों की कमी और लगातार लंबित मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

दूसरे कर्मचारियों की मांग वाली दलील खारिज

राज्यों द्वारा यह चिंता जताई गई थी कि न्यायिक अधिकारियों की उम्र बढ़ाने से अन्य सरकारी कर्मचारी भी इसी तरह की मांग कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि न्यायिक सेवा का संवैधानिक स्वरूप और कार्यप्रणाली सामान्य सरकारी सेवाओं से पूरी तरह अलग है।

अन्य राज्यों को 2 हफ्ते की मोहलत

यह फैसला &#039;अखिल भारतीय न्यायाधीश संघ बनाम भारत संघ&#039; मामले में तीन सदस्यीय विशेष पीठ द्वारा दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने बाकी बचे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने रुख पर दोबारा विचार करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है और उनसे अनुपालन रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 05 Sep 2026 16:21:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>सुप्रीम कोर्ट बड़ा फैसला</media:keywords>
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<title>बिलासपुर में सामाजिक एकता का शक्ति प्रदर्शन: नेहरू चौक से गांधी चौक तक निकला भव्य शांति मार्च, कलेक्टर&#45;एसएसपी सहित सभी समाजों ने दिया भाईचारे का संदेश</title>
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<description><![CDATA[ सड़कों पर दिखी गंगा-जमुनी तहज़ीब की ताकत

हालिया घटनाक्रम और तनाव के माहौल के बीच गुरुवार को बिलासपुर ने अपनी वर्षों पुरानी सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल पेश की। शहर के विभिन्न समाजों, धर्मों और समुदायों के लोग एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और नेहरू चौक से गांधी चौक तक एक विशाल शांति मार्च निकाला। इस मार्च ने स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी अफवाह, घटना या तनाव को शहर की गंगा-जमुनी संस्कृति और शांति व्यवस्था पर हावी नहीं होने दिया जाएगा।

प्रशासन, पुलिस और आम नागरिक आए एक साथ

शांति मार्च का नेतृत्व कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने किया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, शांति समिति के सदस्य, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मीडियाकर्मी और बड़ी संख्या में आम नागरिक कदम से कदम मिलाते हुए नजर आए।

अफवाहों पर ध्यान न देने और संयम बरतने की अपील

मार्च के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से शांति व संयम बनाए रखने का आह्वान किया:

कलेक्टर संजय अग्रवाल की अपील: कलेक्टर ने कहा कि बिलासपुर की पहचान हमेशा से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे की रही है। उन्होंने जनता से भ्रामक और अपुष्ट खबरों पर ध्यान न देने और बिना सच्चाई जाने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री प्रसारित न करने का आग्रह किया।

एसएसपी रजनेश सिंह का संदेश: एसएसपी ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था केवल पुलिस-प्रशासन का दायित्व नहीं है, बल्कि समाज के हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी विवाद, अफवाह या संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर कानून हाथ में लेने के बजाय सीधे पुलिस या प्रशासन को सूचित करें।

शांति समिति की बैठक में हुआ था निर्णय

शहर में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए हाल ही में आयोजित शांति समिति की बैठक में 3 सितंबर को शांति मार्च निकालने का फैसला लिया गया था। गुरुवार को सड़कों पर उमड़े जनसैलाब ने इस संकल्प को मजबूती दी। सामाजिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि बिलासपुर किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि सबका शहर है और इसे बांटने की हर कोशिश को नाकाम किया जाएगा। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 04 Sep 2026 17:14:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>कलेक्टर संजय अग्रवाल</media:keywords>
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<title>बिलासपुर नगर निगम MIC की बैठक: 41 विकास प्रस्तावों पर चर्चा, तिलक नगर में 1.96 करोड़ से बनेगा ऑक्सीजोन</title>
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<description><![CDATA[ नगर निगम के दृष्टि सभा कक्ष में मंगलवार को महापौर पूजा विधानी की अध्यक्षता में मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) की अहम बैठक आयोजित की गई। पिछली तीन लगातार बैठकों में हुए हंगामे के बाद इस बार की बैठक पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। बैठक में नगर निगम कमिश्नर प्रकाश सर्वे सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान शहर के विकास और निर्माण कार्यों से जुड़े कुल 41 प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा कर निर्णय लिए गए।

बैठक के प्रमुख निर्णय एवं स्वीकृतियां:
तिलक नगर में ऑक्सीजोन निर्माण: वार्ड क्रमांक 18 (तिलक नगर) में ऑक्सीजोन उद्यान के निर्माण के लिए 1 करोड़ 96 लाख 96 हजार रुपये का विस्तृत प्राक्कलन (एस्टीमेट) तैयार किया गया। एमआईसी ने इसकी प्रशासकीय स्वीकृति हेतु प्रस्ताव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को भेजने की अनुमति दी।

सामुदायिक भवन व अन्य निर्माण: तिलक नगर सामुदायिक भवन में बाउंड्रीवाल, गेट और शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति शासन से प्राप्त करने का प्रस्ताव पारित हुआ।

सड़क एवं नाली निर्माण: वार्ड 45 में सीसी सड़क के स्थल परिवर्तन पर सहमति बनी। साथ ही वार्ड 15 में आरसीसी नाली निर्माण समेत विभिन्न वार्डों में सड़क और नालियों के करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई।

शहर की प्रकाश व्यवस्था: शहर के अलग-अलग वार्डों, रोड डिवाइडर और उद्यानों में स्ट्रीट लाइट व प्रकाश व्यवस्था सुचारू रखने के लिए 80 अकुशल श्रमिकों को रखने हेतु न्यूनतम दर वाली निविदा को मंजूरी दी गई।

संविदा नियुक्ति एवं पदोन्नति: एक दिन पहले अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए सत्यनारायण देवांगन को एक साल की संविदा नियुक्ति देने का प्रस्ताव फाइनल किया गया। इसके साथ ही 5 कर्मचारियों की पदोन्नति (प्रमोशन) को भी मंजूरी दी गई। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 16:11:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>तिलक नगर ऑक्सीजोन</media:keywords>
</item>

<item>
<title>छत्तीसगढ़ में शिक्षकों का हल्लाबोल: TET अनिवार्यता के खिलाफ बारिश में निकाली &amp;apos;TET मुक्ति रैली&amp;apos;, 5 सूत्रीय मांगों पर अड़े</title>
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<description><![CDATA[ छत्तीसगढ़ में शिक्षकों का विरोध-प्रदर्शन अब आक्रामक रूप ले चुका है। **शिक्षक संघर्ष मोर्चा** के बैनर तले प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर ‘TET मुक्ति रैली’ का आयोजन किया गया। मूसलाधार बारिश के बावजूद भारी संख्या में शिक्षकों ने सड़कों पर उतरकर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और DPI के नाम जिला कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपा।

शिक्षकों का तर्क है कि 20 से 28 वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर अब TET पास करने की शर्त थोपना पूरी तरह से अनुचित है। वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर यह नियम लागू करने से उनके मन में नौकरी की सुरक्षा को लेकर भारी तनाव और डर का माहौल बन गया है, जिससे उनकी शिक्षण क्षमता भी प्रभावित हो रही है।

**शिक्षक संघर्ष मोर्चा की 5 प्रमुख मांगें:**

* **TET अनिवार्यता की समाप्ति:** पुराने शिक्षकों के लिए TET की बाध्यता खत्म की जाए (सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के तहत इसे केवल नई भर्तियों पर लागू किया जाए)।
* **पुराणी सेवा की गणना:** संविलियन से पूर्व दी गई सेवा अवधि को जोड़कर पेंशन सहित सभी लाभ दिए जाएं।
* **वेतन विसंगति का समाधान:** केंद्रीय वेतनमान लागू करते हुए विभिन्न शिक्षक संवर्गों के वेतन अंतर को दूर किया जाए।
* **B.Ed प्रशिक्षण:** D.Ed धारक शिक्षकों को ब्रिज कोर्स कराकर B.Ed की योग्यता प्रदान की जाए।
* **नियम निरस्तीकरण:** भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2026 को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।

रायपुर में मोर्चे के प्रांतीय संचालक वीरेंद्र दुबे व केदार जैन और बिलासपुर में संजय शर्मा के नेतृत्व में यह प्रदर्शन संपन्न हुआ। शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि बेहतर शिक्षा प्रणाली के लिए शिक्षकों को भयमुक्त वातावरण मिलना जरूरी है, इसलिए सरकार को इन मांगों पर जल्द ठोस निर्णय लेना होगा। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 16:15:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>पुरानी पेंशन हितलाभ</media:keywords>
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<item>
<title>सड़क हादसे में घायल जवानों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे वन मंत्री केदार कश्यप, बेहतर इलाज के दिए सख्त निर्देश</title>
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<description><![CDATA[ उपरोक्त समाचार को एक नए और संक्षिप्त स्वरूप में पुनः लिखा गया है:

**जगदलपुर:** भानपुरी थाना क्षेत्र में 23 अगस्त को हुए सड़क हादसे में घायल सुरक्षाकर्मियों का हाल जानने वन मंत्री केदार कश्यप सोमवार को डिमरापाल स्थित कॉन्टिनेंटल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती जवानों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों को हरसंभव शासकीय सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।

**इलाज में कोई कोताही न बरतने के निर्देश**

मंत्री कश्यप ने स्वर्गीय बलिराम कश्यप मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू और कॉन्टिनेंटल अस्पताल के एजीएम डॉ. संतोष कुमार सिंह से चर्चा कर जवानों के उपचार की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए कि जवानों को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और उनके इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

**कैसे हुआ हादसा?**

23 अगस्त को मंत्री केदार कश्यप फरसागुड़ा (भानपुरी) से कोंडागांव में आयोजित एक कार्यक्रम के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान भानपुरी के पास सामने से आ रही एक स्कॉर्पियो गाड़ी मंत्री के काफिले के वाहन से टकराने के बाद फॉलो वाहन से जा भिड़ी। इस दुर्घटना में फॉलो वाहन के चालक और पुलिस जवान घायल हो गए थे।

हादसे के तुरंत बाद मंत्री ने संवेदनशील पहल करते हुए घायलों को इलाज के लिए जगदलपुर अस्पताल भेजने की त्वरित व्यवस्था कराई। वर्तमान में सभी घायल जवानों की स्थिति स्थिर है और उनका इलाज जारी है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 25 Aug 2026 16:20:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>जगदलपुर सड़क हादसा</media:keywords>
</item>

<item>
<title>बिलासपुर स्मार्ट सिटी में 43 करोड़ के प्रोजेक्ट अधर में: दो साल बाद भी न सड़क बनी, न STP, निगम ने दी पेनल्टी दोगुनी करने की चेतावनी</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे विकास कार्यों में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बिलास ताल के सामने लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत से 1900 मीटर सड़क व नाला निर्माण और करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से दो एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण किया जा रहा है। पिछले दो सालों से ये दोनों महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं।

कंपनी पर 3.32 करोड़ की पेनल्टी, फिर भी काम बंद
लापरवाही के चलते नगर निगम ने ठेका कंपनी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए:

सड़क निर्माण पर 6% के हिसाब से 1 करोड़ 22 लाख रुपये

एसटीपी निर्माण पर 10% के हिसाब से 2 करोड़ 10 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है।

हालांकि, ठेका कंपनी ने अब तक इस पेनल्टी की राशि को जमा नहीं किया है और निर्माण कार्य भी लगभग बंद कर दिया है। एक कंपनी के काम छोड़कर भागने के बाद दूसरी कंपनी को ज़िम्मेदारी दी गई, लेकिन इसके बावजूद काम की रफ्तार बेहद सुस्त है।

निगम कमिश्नर की चेतावनी: दोगुनी होगी पेनल्टी
नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ठेका कंपनी ने जल्द काम पूरा नहीं किया, तो पेनल्टी की राशि को दोगुना कर दिया जाएगा।

जमीनी हकीकत: 2 साल में न सड़क बनी, न रिटेनिंग वॉल
अधूरा निर्माण: अक्टूबर 2022 से शुरू हुए इस काम में नाली का काम 700 मीटर और रिटेनिंग वॉल 1100 मीटर तक ही बन पाई है। सड़क 1700 मीटर तक बन चुकी है, लेकिन डामरीकरण और अन्य काम बाकी हैं।

मौके पर सिर्फ 4 मजदूर: करोड़ों के इस बड़े प्रोजेक्ट के ग्राउंड इंस्पेक्शन के दौरान मौके पर केवल 4 मजदूर काम करते पाए गए। ठेका कंपनी (वल्लभपति कंस्ट्रक्शन) के कई अन्य प्रोजेक्ट चलने के कारण यहां पर्याप्त संख्या में मजदूर नहीं लगाए जा रहे हैं।

असामाजिक तत्वों का अड्डा: काम रुकने और अंधेरा होने के कारण यह पूरा इलाका शराबियों और जुआरियों का अड्डा बनता जा रहा है। शाम ढलते ही असामाजिक तत्व मजदूरों पर पथराव करते हैं और निर्माण सामग्री (सीमेंट, गिट्टी, लोहा) की चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Aug 2026 13:38:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर स्मार्ट सिटी</media:keywords>
</item>

<item>
<title>जयपुर: परीक्षा केंद्र पर बिजली गुल और बायोमेट्रिक फेल, छात्रों का भारी हंगामा; NTA ने रद्द किया एग्जाम</title>
<link>https://worldone.news/6469</link>
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<description><![CDATA[ **हेडलाइन विकल्प:**

* **जयपुर: NTA परीक्षा के दौरान बत्ती गुल, सिस्टम बंद होने पर छात्रों का भारी हंगामा; परीक्षा रद्द**
* **NTA की एक और परीक्षा में गड़बड़ी: तकनीकी खामी और बिजली गुल होने से पीजी एंट्रेंस रद्द, अब 1 सितंबर को होगा एग्जाम**

---

**जयपुर:**
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में गड़बड़ी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजस्थान के जयपुर में शनिवार को NTA की ओर से आयोजित कंप्यूटर बेस्ड आयुर्वेदिक पीजी एंट्रेंस एग्जाम के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई, जिसके बाद परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों ने जमकर बवाल काटा।

**पहली शिफ्ट: कंप्यूटर बंद होने से छूटी परीक्षा**
ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सत्य साईं पीजी कॉलेज केंद्र पर सुबह करीब 10:20 बजे अचानक बिजली जाने से कई अभ्यर्थियों के कंप्यूटर सिस्टम बंद हो गए। इसके चलते परीक्षा बाधित हुई और गुस्साए छात्रों ने केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे को देखते हुए पहली पारी की परीक्षा रद्द करनी पड़ी। NTA ने तकनीकी खामी की वजह से परीक्षा से वंचित रहे 49 अभ्यर्थियों के लिए 1 सितंबर को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है। यह परीक्षा &#039;राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन&#039; केंद्र पर आयोजित की जाएगी।

**दूसरी शिफ्ट: बायोमेट्रिक सिस्टम फेल, देरी से प्रवेश**
दूसरी पारी में दोपहर 3 बजे से होम्योपैथिक पीजी की परीक्षा प्रस्तावित थी, जिसके लिए छात्रों की एंट्री दोपहर 1 बजे तक होनी थी। हालांकि, अभ्यर्थियों को 3 बजे एंट्री दी गई। इसके बाद केंद्र पर बायोमेट्रिक सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया, जिससे नाराज छात्रों ने एक बार फिर परीक्षा हॉल के बाहर जमकर हंगामा किया।

गौरतलब है कि इससे पहले भी NTA द्वारा आयोजित यूजीसी-नेट की इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 13:27:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>जयपुर NTA परीक्षा हंगामा</media:keywords>
</item>

<item>
<title>₹15 करोड़ की उसलापुर&#45;सकरी सड़क पानी में बही, एक साल में ही खुली भ्रष्टाचार की पोल</title>
<link>https://worldone.news/6462</link>
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<description><![CDATA[ **हेडलाइन:** 15 करोड़ की लागत से बनी उसलापुर-सकरी सड़क बदहाल, पहली ही बारिश में खुली निर्माण की पोल

**सब-हेडिंग:** अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही से उखड़ी सड़क, गड्ढों में तब्दील हुआ मार्ग; राहगीर हो रहे हादसों के शिकार

---

**खबर का पूरा विवरण:**

उसलापुर ओवरब्रिज से सकरी बाईपास चौक तक हाल ही में 15 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की भेंट चढ़ चुकी है। निर्माण के महज एक साल के भीतर ही डामर उखड़ गया और पूरी सड़क जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो गई है। बरसात का पानी भरने से यहां रोजाना राहगीर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

**दो हिस्सों में स्वीकृत हुआ था बजट:**
साल 2023 में इस सड़क का निर्माण दो चरणों में अलग-अलग ठेकेदारों को सौंपा गया था:

* **पहला चरण:** उसलापुर ओवरब्रिज से सकरी फोर्ड शोरूम तक (DMF मद से ₹8 करोड़ स्वीकृत)।
* **दूसरा चरण:** कार शोरूम से सकरी बाईपास चौक तक (15वें वित्त आयोग से ₹6.89 करोड़ स्वीकृत)।

**घटिया निर्माण और लीपापोती का खेल:**
निर्माण के समय सड़क के बेस में ठोस मटेरियल की जगह भुरभुरी मिट्टी का उपयोग किया गया, जिसके कारण पहली ही बारिश में डामर धूल की तरह उखड़ गया। स्थानीय नागरिकों की शिकायत के बाद नगर निगम ने डामर की जगह केवल सीमेंट की परत चढ़ाकर खानापूर्ति कर दी थी। इस वर्ष की बारिश ने निगम के इस अस्थायी पैचवर्क की भी पूरी पोल खोल दी है।

**इन प्रमुख स्थानों पर स्थिति सबसे बदतर:**

* गायत्री मंदिर के सामने
* पवन बाई हायर सेकेंडरी स्कूल के पास
* 8वीं बटालियन मोड़ एवं मंत्रालय गेट के पास
* अग्रवाल मेडिकल स्टोर एवं आस्था सिटी के सामने
* फोर्ड शोरूम के पास एवं राम लाइफ कॉलोनी से पहले

---

**जिम्मेदारों का पक्ष:**

&gt; &quot;सड़क अभी गारंटी पीरियड (डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड) में है। ठेकेदार को नोटिस जारी कर मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। सुधार कार्य न कराने पर ठेकेदार की पीजी राशि (Performance Guarantee) जब्त कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।&quot;
&gt; — **राजकुमार मिश्रा**, मुख्य अभियंता, नगर निगम बिलासपुर ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 13:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>15 करोड़ सड़क भ्रष्टाचार</media:keywords>
</item>

<item>
<title>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की दो&#45;टूक: विधवा की मौजूदगी में परिवार के किसी अन्य सदस्य को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति</title>
<link>https://worldone.news/6450</link>
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<description><![CDATA[ **छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अहम फैसला: अनुकंपा नियुक्ति पर पहला हक दिवंगत कर्मचारी की विधवा का**

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति के एक मामले में स्पष्ट फैसला सुनाते हुए कहा है कि दिवंगत सरकारी कर्मचारी की विधवा को नियुक्ति में सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी। यदि पत्नी पात्र और उपलब्ध है, तो बहन या परिवार का कोई अन्य सदस्य इस पर अपना दावा नहीं कर सकता।

जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की एकल पीठ ने दीपशिखा साहू की याचिका खारिज करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के उस निर्णय को बरकरार रखा, जिसके तहत दिवंगत कर्मचारी की पत्नी हीरा साहू को भृत्य के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी।

**मामले की पृष्ठभूमि**

* याचिकाकर्ता दीपशिखा साहू के पिता की मृत्यु के बाद उनके भाई अभिषेक साहू को अनुकंपा नियुक्ति (सहायक ग्रेड-3) मिली थी।
* 9 जुलाई 2021 को सेवा के दौरान अभिषेक साहू का भी निधन हो गया। उनके परिवार में पत्नी हीरा साहू, बहन दीपशिखा और एक दिव्यांग भाई थे।
* अभिषेक के निधन के बाद पत्नी और बहन दोनों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया।
* DEO ने 23 अक्टूबर 2021 को नियमों के तहत पत्नी हीरा साहू को नियुक्ति प्रदान कर दी।

**विवाद और कोर्ट की टिप्पणी**
बहन दीपशिखा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर तर्क दिया कि भाभी अलग रह रही हैं और परिवार की आर्थिक मदद नहीं कर रहीं, इसलिए नियुक्ति उन्हें मिलनी चाहिए।

राज्य सरकार की 14 जून 2013 की अनुकंपा नियुक्ति नीति के क्लॉज-5 का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता क्रम में सबसे पहला स्थान **विधवा/विधुर** का होता है, उसके बाद पुत्र और अविवाहित/आश्रित पुत्रियों का स्थान आता है। बहन का स्थान विधवा से ऊपर नहीं हो सकता। कोर्ट ने साफ किया कि अनुकंपा नियुक्ति निर्धारित सरकारी नियमों व प्राथमिकताओं के आधार पर ही तय होगी, भावनात्मक या अन्य पारिवारिक दावों पर नहीं। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Aug 2026 17:31:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर हाईकोर्ट</media:keywords>
</item>

<item>
<title>कोयला धूल से बिगड़ती सेहत पर हाईकोर्ट सख्त:</title>
<link>https://worldone.news/6449</link>
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<description><![CDATA[ 1. हाईकोर्ट का कड़ा रुख

बिलासपुर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के आसपास भारी वाहनों और ट्रकों से कोयला परिवहन के कारण उड़ने वाली कोयला धूल तथा स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के सीएमडी को नया व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।

2. शपथ पत्र में किन बातों का देना होगा ब्योरा?

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि शपथ पत्र में सिर्फ सामान्य जानकारी नहीं, बल्कि कोयला धूल के फैलाव को रोकने के लिए उठाए गए विशिष्ट और ठोस कदमों का पूरा विवरण होना चाहिए।

प्रभावित बस्ती के रहवासियों के स्वास्थ्य, कल्याण और सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपायों की भी विस्तृत जानकारी देनी होगी।

3. भारी वाहनों और कोयला परिवहन पर फोकस

कोर्ट ने निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास भारी वाहनों की आवाजाही और ट्रकों द्वारा कोयला ढोने से पैदा हो रहे प्रदूषण व स्वास्थ्य जोखिमों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।

4. राज्य सरकार व SECL की स्थिति और अगली सुनवाई

कोर्ट के पिछले आदेश के तहत राज्य सरकार ने SECL अधिकारियों को नोटिस जारी करने की सूचना दी।

SECL के अधिवक्ता द्वारा जवाब के लिए समय मांगे जाने पर कोर्ट ने नया हलफनामा पेश करने का आदेश दिया।

मामले की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 31 अगस्त की तिथि तय की है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Aug 2026 17:25:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>कोयला धूल प्रदूषण</media:keywords>
</item>

<item>
<title>टपकती छत के नीचे तहसील का कामकाज, नए भवन के लिए फंड और शिफ्टिंग दोनों अटके</title>
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<description><![CDATA[ **बिलासपुर: नए तहसील भवन का निर्माण फाइलों में अटका, न मिला बजट और न हो सकी शिफ्टिंग**

**बिलासपुर।** शहर के नेहरू चौक स्थित तहसील कार्यालय के नए और सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी केवल कागजों तक सीमित है। प्रशासनिक लेटलतीफी के चलते न तो अब तक निर्माण के लिए आवश्यक बजट जारी हो सका है और न ही वर्तमान कार्यालय को अस्थाई रूप से दूसरी जगह शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी हो पाई है।

**जर्जर भवन में टपकती छत के नीचे कामकाज**
वर्तमान तहसील भवन की स्थिति बेहद बदहाल हो चुकी है। बारिश के मौसम में छत से पानी टपकने के कारण पक्षकारों के साथ-साथ अधिकारी भी परेशान हैं। आलम यह है कि तहसीलदार स्वयं अपने न्यायालय कक्ष में बैठने से बचते नजर आते हैं। परिसर में धूप और बारिश से बचने के लिए आम जनता के बैठने तक की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।

**जगह को लेकर हुआ विवाद, अब शिफ्टिंग में पेंच**
डेढ़ साल पहले तहसील कार्यालय को कोनी शिफ्ट करने की योजना बनी थी, जिसका स्थानीय वकीलों ने कड़ा विरोध किया। महीनों तक चले पत्राचार और विवाद के बाद अंततः नेहरू चौक स्थित वर्तमान स्थान पर ही नया भवन बनाने पर सहमति बनी।

नया भवन निर्माण शुरू करने के लिए पुराने दफ्तर को सुपेला/जरहाभाठा चौक स्थित पुराने कमिश्नर कार्यालय में अस्थाई रूप से शिफ्ट किया जाना तय हुआ था। हालांकि, वहां भी लंबे समय से वीरान पड़े भवन से चोरों ने पंखे, लाइटें व बिजली के तार पार कर दिए। अब नगर निगम और पीडब्ल्यूडी व्यवस्था बहाल करने को लेकर जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं।

**बजट और बारिश का हवाला**
प्रशासन का कहना है कि नया भवन निर्माण तभी शुरू हो पाएगा जब शासन से फंड स्वीकृत होगा और कार्यालय की शिफ्टिंग पूरी होगी।

&gt; *&quot;बारिश के दौरान शिफ्टिंग होने से कामकाज प्रभावित हो सकता है। नए भवन के लिए अभी फंड भी स्वीकृत नहीं हुआ है। बारिश समाप्त होने के बाद कार्यालय शिफ्टिंग की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।&quot;*
&gt; — **मनीष कुमार साहू, एसडीएम बिलासपुर** ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Aug 2026 13:56:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर समाचार</media:keywords>
</item>

<item>
<title>बिलासपुर में अवैध खाद&#45;कीटनाशक गोदाम पर बड़ी रेड: 35 लाख का माल जब्त, गोदाम सील; नकली होने के संदेह में लैब भेजे गए सैंपल</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर (छत्तीसगढ़):

जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री सुनिश्चित कराने और अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं संचालक कृषि (रायपुर) के निर्देश पर कृषि, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने तखतपुर विकासखंड के ग्राम लोखंडी मेनरोड स्थित आशुपाल सिंह के मकान में संचालित अवैध गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान करीब 35 लाख रुपये मूल्य की अवैध कीटनाशक दवाइयां एवं जैव उत्प्रेरक खाद जब्त कर गोदाम को सील कर दिया गया है।

बिना लाइसेंस रिहायशी इलाके में चल रहा था अवैध खेल
संभागीय संयुक्त संचालक आर.के. राठौर ने बताया कि रिहायशी क्षेत्र में किराए के मकान में बिना किसी वैधानिक अनुज्ञा या लाइसेंस के बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण किया गया था। इसकी कोई भी पूर्व सूचना या आवेदन उप संचालक कृषि कार्यालय को नहीं दी गई थी।

नकली होने का संदेह, लैब भेजे गए सैंपल
संयुक्त टीम ने मौके से भारी मात्रा में भंडारित कीटनाशक और जैव उर्वरक के नमूने (सैंपल्स) जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सामग्री नकली या अमानक तो नहीं है। तत्काल प्रभाव से सामग्री की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

मौके पर मौजूद रहे आला अधिकारी
इस छापामार कार्रवाई में संभागीय संयुक्त संचालक कृषि आर.के. राठौर, उप संचालक कृषि एम.आर. तिग्गा, सहायक संचालक अनिल शुक्ला सहित कृषि, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। इस पूरी कार्रवाई में एसएसपी रजनेश सिंह का विशेष सहयोग रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खाद-बीज और कीटनाशक विक्रेताओं के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Aug 2026 13:08:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर अवैध कीटनाशक गोदाम छापा</media:keywords>
</item>

<item>
<title>लिपिक संघ की जिला कार्यकारिणी का पुनर्गठन, प्रदीप तिवारी बने जिलाध्यक्ष</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ, जिला शाखा बिलासपुर की जिला कार्यकारिणी का पुनर्गठन गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित मंथन सभागार में किया गया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इस दौरान संगठन को मजबूत करने के साथ ही लिपिक कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी ढंग से कार्य करने पर जोर दिया गया।
पुनर्गठन के तहत जिला कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ प्रदीप तिवारी को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं शिक्षा विभाग के प्रशांत पाण्डेय को जिला सचिव नियुक्त किया गया। कलेक्ट्रेट की जूही सोम को महिला प्रकोष्ठ जिला सचिव तथा शिक्षा विभाग के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य सुमंत यादव को उप प्रांताध्यक्ष का दायित्व दिया गया।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए लिपिक वर्ग के हितों के लिए सक्रियता से कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों और कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने और लिपिक कर्मचारियों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने की बात कही।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी, प्रांतीय सचिव वर्षा रानी चरण, प्रदीप तिवारी, प्रशांत पाण्डेय, सुमंत यादव, अंकित तिवारी, देवेंद्र पटेल, गोपी चौहान, अनिल पुजारी, राकेश सूर्यवंशी, जूही सोम, रजनी मेहर, जमुना शंकर जायसवाल, रजनी तिवारी, शिमला टंडन, हरेन्द्र सूर्यवंशी, रूपेंद्र बंजारे सहित बड़ी संख्या में लिपिक कर्मचारी उपस्थित रहे। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Aug 2026 21:53:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
</item>

<item>
<title>15 करोड़ की इमारत, फिर भी बेबस छात्र: 30 कमरों में 300 बच्चे, पढ़ाई छोड़ खुद बना रहे खाना</title>
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<description><![CDATA[ **15 करोड़ का प्रयास आवासीय विद्यालय बदहाल: 30 कमरों में 300 छात्र, खुद खाना बनाने को मजबूर नौनिहाल**

**बिलासपुर।**
करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद बिलासपुर के छठघाट स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में अव्यवस्थाएं चरम पर हैं। 15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस नए भवन में सुविधाओं के अभाव के चलते छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है।

**अव्यवस्था की प्रमुख बातें:**

* **कमरों की भारी किल्लत:** विद्यालय में 300 छात्रों के लिए मात्र 30 कमरे उपलब्ध हैं, जिसके चलते प्रति कमरे में 10-10 छात्रों को ठूंसा जा रहा है।
* **खुद खाना बनाने को मजबूर छात्र:** परिसर में रसोइया और सहायक स्टाफ की कमी के चलते पढ़ाई करने आए छात्र खुद खाना पकाने और परोसने का काम कर रहे हैं।
* **परिसर में गंदगी और आवारा कुत्ते:** मेस व डाइनिंग एरिया में साफ-सफाई नदारद है। भोजन स्थल के आसपास आवारा कुत्ते बेरोकटोक घूमते नजर आते हैं।
* **दावों के उलट जमीनी हकीकत:** 26 जनवरी 2025 को लोकार्पित इस मॉडल स्कूल में नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग और आधुनिक सुविधाओं का दावा किया गया था, लेकिन बुनियादी व्यवस्थाएं तक नदारद हैं।

---

**रमतला से छठघाट शिफ्ट हुआ बालकों का सेंटर**
पहले यह आवासीय विद्यालय रमतला में संचालित हो रहा था, जहां बालक व बालिकाएं एक साथ अध्ययनरत थे। छात्रों की बढ़ती संख्या के बाद बालकों को छठघाट के इस नए भवन में स्थानांतरित किया गया, जबकि बालिकाएं रमतला में ही रह रही हैं।

**अधिकारियों का पक्ष:**
नोडल अधिकारी जीव अवस्थी के अनुसार, अव्यवस्था को लेकर छात्रों की तरफ से कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। छात्रों ने केवल एक दिन अपनी पसंद का भोजन बनाने की बात कही थी। प्रशासन का दावा है कि व्यवस्थाएं सुचारू की जा रही हैं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Aug 2026 14:35:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>प्रयास आवासीय विद्यालय बिलासपुर</media:keywords>
</item>

<item>
<title>सक्ती में मिलावटखोरों पर प्रशासन का कड़ा प्रहार: रक्षाबंधन पर &amp;apos;बने खाबो&#45;बने रहिबो 2.0&amp;apos; अभियान शुरू</title>
<link>https://worldone.news/6416</link>
<guid>https://worldone.news/6416</guid>
<description><![CDATA[ **सक्ती में मिलावटखोरों पर नकेल: रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग का &#039;बने खाबो-बने रहिबो 2.0&#039; अभियान शुरू**

रक्षाबंधन के त्योहार पर शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक पूरे जिले में सात दिवसीय विशेष खाद्य सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान **‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’** चलाया जा रहा है।

---

**जांच के दायरे में क्या-क्या रहेगा?**

* **खाद्य सामग्री:** मिठाइयां, दूध व डेयरी उत्पाद, नमकीन और कन्फेक्शनरी।
* **पैकेजिंग और लेबल:** बिना लेबल, सामग्री विवरण छुपाने वाले या भ्रामक नाम से बेचे जाने वाले उत्पाद।
* **डेयरी एनालॉग्स:** गैर-दुग्ध उत्पाद जिन्हें भ्रामक तरीके से दूध उत्पाद बताकर बेचा जा रहा हो।

---

**शहर से लेकर गांवों तक सख्त पहरा**
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम न केवल शहरी थोक बाजारों में, बल्कि ग्रामीण दुकानों, साप्ताहिक हाट-बाजारों, होटलों, ढाबों और स्ट्रीट फूड स्टॉल्स पर भी औचक निरीक्षण करेगी। किसी भी तरह के संदिग्ध उत्पाद मिलने पर उनके सैंपल लिए जाएंगे और जब्ती के साथ आपूर्ति नेटवर्क पर भी कानूनी कार्रवाई होगी।

&gt; **प्रशासन की अपील:** दुकानदार खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें और उपभोक्ता खरीदारी करते समय गुणवत्ता व सही लेबलिंग पर विशेष ध्यान दें। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Aug 2026 17:49:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>रक्षाबंधन मिलावट जांच</media:keywords>
</item>

<item>
<title>जेल सुरक्षा पर बड़ा खतरा: निगम की ढिलाई या मालिक की मनमानी?</title>
<link>https://worldone.news/6405</link>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर: सेंट्रल जेल से सटकर बना 5 मंजिला अवैध मकान, सुरक्षा और गोपनीयता पर खड़ा हुआ बड़ा खतरा

मुख्य घटनाक्रम व पूरा मामला:

नियम विरुद्ध निर्माण: सेंट्रल जेल के बाजू नाले पर बनी एप्रोच सड़क से लगी जमीन पर बिना अनुमति 5 मंजिला मकान का निर्माण कर लिया गया है। इस जमीन का नियमितीकरण (Regularization) भी नहीं हुआ है।

जेल की सुरक्षा खतरे में: मकान अधिक ऊंचा होने के कारण इसकी दो मंजिलों और छत से केंद्रीय जेल का अंदरूनी परिसर साफ नजर आता है, जिससे जेल की सुरक्षा व गोपनीयता पूरी तरह बाधित हो रही है। स्थानीय लोगों और जेल प्रशासन ने इसकी शिकायत नगर निगम से की है।

जोन कमिश्नर का नोटिस: जोन क्रमांक-3 के कमिश्नर की ओर से मकान मालिक सैयद रज्जाक अली को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा गया।

मकान मालिक की स्वीकारोक्ति और 2 साल पुराना विवाद:

अवैध निर्माण स्वीकारा: मकान मालिक ने अवैध निर्माण की बात स्वीकार करते हुए निगम के नोटिस का जवाब दे दिया है। मालिक का कहना है कि निगम पेनाल्टी लगाए या कोई अन्य कार्रवाई करे, वह मंजूर होगी।

पहले भी हुआ था विवाद: 2 साल पहले भी इस निर्माण को लेकर विवाद हुआ था और नियमितीकरण का आवेदन खारिज कर दिया गया था। निगम ने जेल की दीवार से 2 मीटर नीचे तक निर्माण हटाने का नोटिस दिया था, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल पर्दा डाल दिया गया, जिसे बाद में हटाकर निर्माण पूरा कर लिया गया।

आसपास भी नियम विरुद्ध कब्जे:

एप्रोच रोड बनने के बाद नाले के दोनों छोर की जमीनों पर लगातार नियम विरुद्ध निर्माण किए गए हैं।

आधे से ज्यादा नाले की जमीन पर कब्जा हो चुका है, जिससे अवैध निर्माणों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

अधिकारियों का रुख:

&quot;शिकायत के आधार पर मकान मालिक को नोटिस जारी किया गया था। मकान मालिक ने जवाब दे दिया है। अब निगम की टीम मौके पर पहुंचकर नापजोख करेगी, जिसके बाद अवैध हिस्से को तोड़ने या पेनाल्टी लगाने पर फैसला लिया जाएगा।&quot; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Aug 2026 13:49:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>सेंट्रल जेल सुरक्षा विवाद</media:keywords>
</item>

<item>
<title>BMS का मांग दिवस पुरानी पेंशन बहाली समेत 11 मांगों को लेकर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, पेंशन में वृद्धि सहित श्रमिकों और कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने सोमवार को मांग दिवस के तहत जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कर्मचारी और श्रमिक कलेक्टोरेट पहुंचे और केंद्र सरकार के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की।

बीएमएस जिला मंत्री संजय कुमार तिवारी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। संघ ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की।

ज्ञापन में EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 1100 रुपये से बढ़ाकर 7500 रुपये प्रतिमाह करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने और न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की मांग की गई। संघ ने योजना कर्मियों के मानदेय में वृद्धि, ईपीएफ और ईएसआईसी की कवरेज सीमा बढ़ाने तथा बोनस का लाभ अधिक श्रमिकों तक पहुंचाने की मांग भी रखी।

इसके अलावा ग्रेच्युटी की गणना 30 दिन के वेतन के आधार पर करने, बैंकों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने और श्रमिक हितों के विपरीत प्रावधानों में संशोधन की मांग की गई। बीएमएस ने केंद्र सरकार से श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर सभी मांगों का समयबद्ध समाधान करने की मांग की।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Aug 2026 11:57:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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</item>

<item>
<title>LPG सिलेंडर नियम: घर में एक्स्ट्रा गैस सिलेंडर रखना पड़ सकता है भारी, जानें क्या हैं नियम</title>
<link>https://worldone.news/6394</link>
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<description><![CDATA[ अगर आपके घर में आवश्यकता से अधिक LPG गैस सिलेंडर रखे हैं, तो सतर्क रहने की जरूरत है। देश के कुछ क्षेत्रों में रसोई गैस की किल्लत की आशंका और पैनिक बुकिंग के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को जमाखोरी, कालाबाजारी और घरेलू सिलेंडरों के अवैध इस्तेमाल पर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में नियमों से परे जाकर अतिरिक्त सिलेंडर स्टॉक करना भारी पड़ सकता है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास LPG सप्लाई की निगरानी करने और &#039;LPG कंट्रोल ऑर्डर 2000&#039; व &#039;आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955&#039; (Essential Commodities Act) के तहत कानूनी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। हालांकि, वैध कनेक्शन के साथ घर में दूसरा सिलेंडर रखना अपराध नहीं है, लेकिन अनधिकृत भंडारण, कालाबाजारी या घरेलू गैस का कॉमर्शियल इस्तेमाल पाए जाने पर सीधी कार्रवाई होगी।

सप्लाई को लेकर फैली अफवाहों के बीच सरकार ने आम जनता से पैनिक बुकिंग न करने और सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। इस दिशा में ओडिशा में बड़े स्तर पर अभियान चलाते हुए 2,503 ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से 4,992 अवैध सिलेंडर जब्त कर दर्जनों मामले दर्ज किए गए। प्रशासन का साफ संदेश है कि एजेंसी संचालक हों या आम उपभोक्ता, नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 17:41:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>LPG सिलेंडर भंडारण नियम</media:keywords>
</item>

<item>
<title>15 अगस्त: लाल किले की प्राचीर से गूंजेगा PM मोदी का संदेश! जानिए कब और कहां देख सकेंगे सीधा प्रसारण</title>
<link>https://worldone.news/6392</link>
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<description><![CDATA[ 🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस 2026: लाल किले से गूंजेगा PM मोदी का संबोधन, जानिए लाइव प्रसारण का समय और प्लेटफॉर्म
पूरा देश 15 अगस्त के पावन अवसर का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। वर्ष 2026 का यह स्वतंत्रता दिवस बेहद खास है, जब भारत अपनी आजादी के ऐतिहासिक पड़ाव का जश्न मना रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तिरंगा फहराएंगे और 140 करोड़ देशवासियों को संबोधित करेंगे।

यदि आप भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनना चाहते हैं, तो जानिए कब, कहाँ और कैसे देख सकते हैं इसका सीधा प्रसारण (LIVE Streaming)।

⏰ कितने बजे शुरू होगा प्रधानमंत्री का संबोधन?
कार्यक्रम स्थल: ऐतिहासिक लाल किला, दिल्ली

समय: सुबह लगभग 7:30 बजे (समारोह के अनुसार समय में मामूली बदलाव संभव)

शुरुआत: राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के तुरंत बाद प्रधानमंत्री अपना मुख्य भाषण शुरू करेंगे।

📺 कहाँ देखें PM मोदी का भाषण LIVE?
घर बैठे मोबाइल, टीवी या लैपटॉप पर लाल किले के समारोह का सीधा प्रसारण देखने के प्रमुख विकल्प:

यूट्यूब चैनल्स: PMO India, PIB India, DD News, ANI News और PTI के आधिकारिक YouTube चैनल्स पर।

टेलीविजन: दूरदर्शन (Doordarshan) नेटवर्क और सभी प्रमुख राष्ट्रीय समाचार चैनलों पर।

रेडियो: ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) पर लाइव कमेंट्री और प्रसारण सुना जा सकता है।

🚁 21 तोपों की सलामी और फूलों की बारिश
समारोह की शुरुआत भव्य औपचारिकताओं के साथ होगी:

तिरंगा फहराते ही 21 तोपों की सलामी दी जाएगी।

वायु सेना के आधुनिक Mi-17 हेलीकॉप्टरों द्वारा लाल किले के ऊपर से पुष्प वर्षा की जाएगी, जो इस समारोह का मुख्य आकर्षण रहेगा।

🎯 भाषण में क्या रह सकता है खास?
इस वर्ष के संबोधन में प्रधानमंत्री देश के भविष्य के रोडमैप पर जोर दे सकते हैं:

&#039;विकसित भारत 2047&#039; के संकल्प पर नई रूपरेखा।

आत्मनिर्भर भारत, युवा शक्ति, डिजिटल क्रांति और अर्थव्यवस्था की उपलब्धियां।

देश की सुरक्षा और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी अहम घोषणाएं।

📢 14 अगस्त की शाम: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संदेश
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या (14 अगस्त) पर शाम 7:00 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश को संबोधित करेंगी। इस संबोधन का प्रसारण भी सभी टीवी चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाइव देखा जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 17:32:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>स्वतंत्रता दिवस 2026: पीएम मोदी का भाषण लाइव</media:keywords>
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<title>छत्तीसगढ़ में हरेली तिहार पर सार्वजनिक अवकाश घोषित, सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद</title>
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<description><![CDATA[ **छत्तीसगढ़ में 12 अगस्त को हरेली पर्व पर सार्वजनिक अवकाश, स्कूल-कॉलेज और बैंक रहेंगे बंद**

**रायपुर:** छत्तीसगढ़ के प्रमुख पारंपरिक त्योहार **&#039;हरेली तिहार&#039;** के अवसर पर राज्य सरकार ने **बुधवार, 12 अगस्त** को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। इस दिन प्रदेश के सभी सरकारी व निजी स्कूल, कॉलेज, शासकीय कार्यालय और बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री निवास समेत पूरे राज्य में इस त्यौहार को धूमधाम से मनाने की विशेष तैयारियां की गई हैं।

---

### **हरेली पर्व का महत्व और परंपराएं**

* **प्रकृति और कृषि की पूजा:** सावन माह की अमावस्या को मनाया जाने वाला यह पर्व हरियाली और खुशहाली का प्रतीक है। इस समय तक खरीफ की बुआई का काम पूरा हो जाता है, जिसके बाद किसान अपने हल, कुदाली, फावड़ा और गैंती जैसे कृषि उपकरणों को साफ करके उनकी पूजा करते हैं।
* **पशुधन का ध्यान:** त्योहार के दिन मवेशियों की सेहत के लिए उन्हें जड़ी-बूटियों से बनी विशेष औषधीय लोई (आटे की लोंदी) खिलाई जाती है। ग्रामीण इलाकों में यादव समाज के लोग जंगलों से औषधियां लाकर किसानों को देते हैं, जिसके बदले उन्हें अनाज भेंट किया जाता है।
* **गेड़ी और पारंपरिक व्यंजन:** हरेली पर बांस से बनी &#039;गेड़ी&#039; चढ़ने की अनोखी परंपरा है, जिसका आनंद बच्चे और युवा जमकर उठाते हैं। इस दिन घरों में गुड़ का स्वादिष्ट &#039;चीला&#039; बनाया जाता है और भगवान ठाकुरदेव की पूजा कर नारियल चढ़ाया जाता है।

12 अगस्त की छुट्टी के कारण विद्यार्थियों और कर्मचारियों को त्योहार का आनंद लेने और परिवार के साथ समय बिताने का पूरा अवसर मिलेगा। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:52:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़ में 12 अगस्त को छुट्टी</media:keywords>
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<item>
<title>बिलासपुर में प्रशासनिक लापरवाही: 22 मीटर का नाला सिमटकर बचा 7 मीटर, 10 हजार परिवारों पर बाढ़ का खतरा</title>
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<description><![CDATA[ यहाँ दी गई समाचार की जानकारी को एक नए, पेशेवर और आकर्षक **न्यूज़ रिपोर्ट / प्रेस रिलीज़** के रूप में तैयार किया गया है:

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# गोकने नाले पर अवैध कब्जे से 15 कॉलोनियों में मंडराया बाढ़ का खतरा, 10 हजार परिवार परेशान

**बिलासपुर।** उसलापुर, गोकुलधाम से लेकर तिफरा क्षेत्र तक बहने वाले गोकने नाले पर बेखौफ अतिक्रमण के कारण जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। लगभग **22 मीटर चौड़ा गोकने नाला अवैध पाट-पटाई और कब्जों के चलते सिमटकर महज़ 7 मीटर** रह गया है। इसके कारण हर साल बारिश के मौसम में 15 से अधिक रिहायशी कॉलोनियों के लगभग 10,000 घरों में नाले का गंदा पानी घुस जाता है।

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### **प्रमुख बिंदु:**

* **100 से अधिक अवैध कब्जे दर्ज:** नगर निगम की नापजोख में नाले की ज़मीन पर 100 से अधिक अवैध निर्माण पाए गए हैं, लेकिन राजनीतिक संरक्षण और रसूखदारों के दबाव के कारण अब तक इन पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
* **सड़कें भी हुईं संकरी:** नाले के किनारे पाट-पटाई करने के कारण आसपास की सड़कें भी सिकुड़ गई हैं, जिससे आवागमन में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
* **आधी-अधूरी योजनाएं:** नाले को उसके मूल स्वरूप में लाने और डायवर्जन सीधा करने के लिए &#039;डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड&#039; (DMF) से ₹18 लाख खर्च किए गए थे, लेकिन काम बीच में ही ठप पड़ गया।
* **पलायन की मजबूरी:** हर मानसून में 3 से 5 दिनों तक घरों में पानी भरे रहने के कारण वैनर सिटी, साकेत होम, प्रगति विहार और उसलापुर क्षेत्र के रहवासियों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है।

---

### **प्रशासनिक रुख:**

मामले में अधिकारियों का कहना है कि गोकने नाले की वस्तुस्थिति और कब्जों की पूरी जानकारी जुटाकर जल्द ही नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और नाले को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू होगी।

--- ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:04:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर जलभराव समस्या</media:keywords>
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<item>
<title>सिरगिट्टी क्षेत्र में लो वोल्टेज का हाहाकार: ग्रामीणों ने घेरा बिजली अमला, पुलिस ने संभाला मोर्चा</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बन्नाकडीह और भनहापारा में बिजली की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। पिछले कई दिनों से चल रहे बिजली संकट, विशेष रूप से कम वोल्टेज और बार-बार बिजली गुल होने से ग्रामीण बेहद परेशान थे। रविवार को भीषण गर्मी के बीच उनकी सहनशीलता जवाब दे गई और उनका गुस्सा फूट पड़ा।

आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के वाहनों को रोक लिया और वहां मौजूद बिजली कर्मचारियों को बंधक बना लिया। बताया जा रहा है कि बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों में काफी नाराजगी थी। ग्रामीणों ने कर्मचारियों के साथ जमकर हुज्जतबाजी भी की। ग्रामीणों का कहना था कि लो वोल्टेज के कारण घरों के पंखे तक ठीक से नहीं चल पा रहे हैं, जिससे इस भीषण गर्मी में रहना दूभर हो गया है। सबसे गंभीर स्थिति पानी की आपूर्ति को लेकर बनी हुई है। गांव का बोर पूरी तरह बिजली पर निर्भर है, लेकिन कम वोल्टेज के चलते मोटर नहीं चल पा रही है, जिससे घरों में पीने के पानी की किल्लत हो गई है।

ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। उन्होंने शिकायत की कि हवा चलने और हल्की बारिश होते ही बिजली बंद हो जाती है, जिसे ठीक करने में विभाग को काफी समय लगता है।

क्षेत्र में ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली का लोड काफी बढ़ चुका है, लेकिन विभाग अभी भी ६३ केवी के पुराने ट्रांसफार्मर से ही काम चला रहा है। क्षमता से अधिक लोड के कारण यह ट्रांसफार्मर बार-बार ट्रिप हो जाता है और फ्यूज उड़ जाता है। ग्रामीणों ने बड़े लोड के अनुरूप अधिक क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है।

मामले की जानकारी मिलते ही डायल ११२ की टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया और शांत कराया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई। बिजली विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया कि सोमवार को नया ट्रांसफार्मर लगा दिया जाएगा और तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। इस भरोसे के बाद ग्रामीण शांत हुए और उन्होंने कर्मचारियों को मुक्त किया। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 13:31:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>पानी की किल्लत, पेयजल संकट, भीषण गर्मी, बोरवेल बंद</media:keywords>
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<title>18 करोड़ के बड़े नाले भी पड़े छोटे: रात भर की बारिश में बिलासपुर जलमग्न</title>
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<description><![CDATA[ जोरापारा, बंधवापारा, इंदिरा विहार, कपिल नगर, जरहाभाठा और श्रीकांत वर्मा मार्ग जैसी निचली बस्तियों में शनिवार रात और रविवार सुबह हुई भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया, जिससे पानी लोगों के घरों में घुस गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

नगर निगम द्वारा पिछले तीन सालों में जलभराव रोकने के लिए चार प्रमुख इलाकों में करीब 18 करोड़ रुपये खर्च कर बड़े नाले बनवाए गए थे। दावा किया गया था कि इससे जलभराव की समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन इसके बावजूद कई जगह नाले अधूरे छोड़ दिए गए, कहीं पुराने संकरे नाले नहीं बदले गए और कहीं पूरा ड्रेनेज सिस्टम ओवरफ्लो हो गया।

इसी तरह पुराने बस स्टैंड पर 7 करोड़ रुपये खर्च कर 20 फीट चौड़ा बड़ा नाला बनाया गया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है और हल्के पानी में भी जलभराव की समस्या हो रही है। बंधवापारा में भी 5 करोड़ रुपये की लागत से नाला निर्माण के बाद भी कई कॉलोनियों में पानी भर गया।

बारिश रुकने के बाद हालांकि जलस्तर कम हुआ और लोगों को कुछ राहत मिली, लेकिन बारिश रुकने पर उमस बरकरार रही। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 13:25:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>18 करोड़ नाला प्रोजेक्ट</media:keywords>
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<title>बिलासपुर: जनरेटर न होने से पहले ही दिन फेल हुई ग्रेन एटीएम की व्यवस्था, सिर्फ 8 लोगों को मिला चावल</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री द्वारा शनिवार को शहर के पहले ग्रेन एटीएम का उद्घाटन किया गया था। इस खबर के सामने आते ही रविवार को राशन उठाने के लिए लाभार्थियों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि, इलाके में लगातार पांच घंटे बिजली गुल रहने के कारण योजना के पहले ही दिन एटीएम की सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं।

एटीएम में लगा इन्वर्टर केवल आधे घंटे का बैकअप देने में सक्षम था, जिससे मात्र आठ लाभार्थी ही चावल निकाल सके। इसके बाद दोपहर 1 बजे से बिजली बंद होने की वजह से कई लोगों को बिना राशन लिए ही वापस लौटना पड़ा। केयर टेकर के मुताबिक, शाम साढ़े छह बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही और एटीएम परिसर में जनरेटर की कोई व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और बिगड़ गई।

एटीएम के छोटे स्टोरेज में लगभग डेढ़ से दो क्विंटल चावल ही स्टोर हो पाता है, जबकि बड़ा स्टोरेज उद्घाटन की आपाधापी और व्यस्तता के कारण भरा ही नहीं गया था। इसके अलावा, जनरेटर न होने से बिजली जाते ही पूरी प्रक्रिया ठप हो जाती है। इस समस्या पर खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम के तहत की गई है और आने वाले समय में जनरेटर की सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 13:13:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>प्राइमरी कीवर्ड्स: ग्रेन एटीएम बिलासपुर</media:keywords>
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<item>
<title>बस्तर में मलेरिया की वापसी: 15 हजार पार हुए मरीज, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप</title>
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<description><![CDATA[ **जगदलपुर।** बस्तर संभाग को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों के बीच हालिया आंकड़ों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इस वर्ष अब तक बस्तर संभाग में 15,934 मलेरिया पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं, जो क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण की ओर इशारा करते हैं।

बस्तर के 3 जिलों में घने जंगल, दूर-दराज़ के ग्रामीण अंचल और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने में होने वाली देरी के कारण मलेरिया के मामले लगातार बिगड़ रहे हैं। सुदूर जंगलों में रहने वाले ग्रामीणों और क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों को इसका बड़ा असर झेलना पड़ता है। हालांकि, पहले की तुलना में स्थिति में कुछ सुधार हुआ है और 2015 के मुकाबले मलेरिया मामलों में 70% से अधिक की कमी आई है। एक समय बस्तर में सालाना 60 हजार से अधिक पॉजिटिव केस मिलते थे। लेकिन पिछले दो वर्षों में आंकड़े फिर बढ़े हैं—वर्ष 2024 में 4,496 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 16,544 हो गए और 2026 में अब तक 15,934 केस सामने आ चुके हैं।

वर्ष-वार आंकड़ों की बात करें तो 2020 में 36,57,508 लोगों की जांच में 62,281 मरीज (1.70% दर), 2021 में 37,44,203 की जांच में 30,409 मरीज (0.81% दर), 2022 में 53,77,667 की जांच में 16,066 मरीज (0.30% दर), 2023 में 33,23,873 की जांच में 14,195 मरीज (0.43% दर), 2024 में 12,52,604 की जांच में 4,496 मरीज (0.36% दर), 2025 में 28,31,647 की जांच में 16,544 मरीज (0.58% दर) और 2026 में अब तक 22,29,558 लोगों की जांच में 15,934 मलेरिया पॉजिटिव मरीज (0.71% दर) पाए गए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रोगियों में **पी. फाल्सीपेरम (*P. falciparum*)** और **पी. वाइवैक्स (*P. vivax*)** दोनों प्रकार के परजीवी एक साथ मिल रहे हैं। यह &#039;मिक्स मलेरिया&#039; सामान्य मलेरिया की तुलना में अत्यधिक खतरनाक और जानलेवा हो सकता है। इससे पीड़ित मरीजों में तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी और भूख न लगना जैसी समस्याएं होती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी दिमाग, किडनी और लिवर पर गंभीर असर डाल सकती है तथा पी. वाइवैक्स के कारण संक्रमण बार-बार लौटने का खतरा बना रहता है।

स्वास्थ्य विभाग बस्तर संभाग के संयुक्त संचालक डॉ. महेश सांडिया ने संभाग के सभी जिलों के स्वास्थ्य अमले को कड़े निर्देश दिए हैं कि ग्रामीणों को जागरूक किया जाए ताकि वे बुखार आने पर झाड़-फूंक कराने के बजाय सीधे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। कठिन परिस्थितियों और दुर्गम क्षेत्रों के बावजूद स्वास्थ्य कार्यकर्ता ग्रामीण अंचलों में जोखिम उठाकर मरीजों की जांच और इलाज कर रहे हैं। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 07 Aug 2026 17:48:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>बस्तर मलेरिया आंकड़े 2026</media:keywords>
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<title>मुंगेली में औद्योगिक विकास की नई शुरुआत, बीईएमएल संयंत्र बनेगा विकास का आधार: कलेक्टर</title>
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<description><![CDATA[ मुंगेली, 05 अगस्त 2026// छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास के मानचित्र पर मुंगेली जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) के प्रस्तावित हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट निर्माण संयंत्र की स्थापना के लिए ग्राम चंद्रगढ़ी, तहसील पथरिया में 79.70 एकड़ शासकीय भूमि रियायती दर पर आबंटित करने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य मंत्रिपरिषद ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ मुंगेली में बड़े औद्योगिक निवेश और आधुनिक विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हो गया है। 
     यह संयंत्र राज्य का पहला उद्योग होगा, जिसकी स्थापना से छत्तीसगढ़ को देश के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी और राज्य में आधुनिक भारी मशीन निर्माण उद्योग की शुरुआत होगी। जिले में इस प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम की परियोजना शुरू होने से रोजगार, कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण, उद्यमिता और सहायक उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित होंगे। 

कलेक्टर ने ऐतिहासिक उपलब्धि पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं:

        कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर जिलेवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीईएमएल संयंत्र जिले में औद्योगिक विकास का आधार बनेगा। कैबिनेट के द्वारा मिली मंजूरी जिले में औद्योगिक विकास की पृष्ठभूमि तैयार करने में ऐतिहासिक कदम है। इससे आधुनिक विनिर्माण का आधार मजबूत होगा तथा स्थानीय युवाओं, उद्यमियों और व्यवसायियों के लिए विकास के नए रास्ते खुलेंगे। यह पहल जिले को आधुनिक विनिर्माण और इंजीनियरिंग गतिविधियों के नए केंद्र के रूप में नई पहचान दिलाएगी।
     विशेष प्रयासों से परियोजना को मुंगेली तक लाने में मिली सफलता - पथरिया एसडीएम श्रीमती रेखा चंद्रा ने बताया कि बीईएमएल की प्रस्तावित परियोजना के लिए प्रारंभिक स्तर पर रायगढ़ एवं जांजगीर-चांपा जिलों में भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान कंपनी ने जिले में भी उपयुक्त भूमि की उपलब्धता में रुचि व्यक्त की। 
    कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देश पर महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र तथा राजस्व विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उपयुक्त शासकीय भूमि की खोज और चिन्हांकन की प्रक्रिया प्रारंभ की। संयुक्त टीम द्वारा विस्तृत सर्वेक्षण के बाद 79 एकड़ से अधिक भूमि की उपलब्धता का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। भूमि की उपयोगिता का परीक्षण करने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए भूमि उद्योग विभाग को हस्तांतरित की गई।
     परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए भूमि तक पहुंच मार्ग सुनिश्चित करने की दिशा में भी विशेष प्रयास किए गए। इसके परिणामस्वरूप 79.70 एकड़ भूमि औद्योगिक प्रयोजन के लिए चिन्हांकित कर रियायती दर पर बीईएमएल को आबंटित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया, जिसे अब राज्य मंत्रिपरिषद से मंजूरी मिल गई है।
    औद्योगिक दृष्टि से रणनीतिक स्थान - महाप्रबंधक उद्योग विभाग श्री किशोर राजपूत ने बताया कि ग्राम चंद्रगढ़ी, प.ह.नं. 19, राजस्व निरीक्षक मंडल पथरिया, तहसील पथरिया में विभिन्न खसरों की कुल 79.70 एकड़ शासकीय भूमि का औद्योगिक प्रयोजन के लिए चयन किया गया है। यह भूमि बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग 30 किलोमीटर तथा मुख्य मार्ग से जुड़ा हुआ है, जिससे परियोजना के लिए इसकी उपयोगिता और बेहतर होती है। भूमि आबंटन एवं औद्योगिक प्रयोजन की प्रक्रिया के तहत संबंधित विभागों से आवश्यक अभिमत एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की कार्यवाही भी की गई है।
    रोजगार के साथ विकसित होगा औद्योगिक इकोसिस्टम - बीईएमएल जैसे प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम के संयंत्र की स्थापना से जिले में प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों, इंजीनियरिंग, मशीन पार्ट्स, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सर्विसिंग और अन्य सहायक उद्योगों के विकास की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 07 Aug 2026 14:20:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>79.70 एकड़ शासकीय भूमि रियायती दर पर आबंटन के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद से मिली स्वीकृति</media:keywords>
</item>

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<title>साय कैबिनेट का बड़ा फैसला: 6 लाख युवाओं और 1.5 लाख सरकारी कर्मियों को मिलेगी AI ट्रेनिंग</title>
<link>https://worldone.news/6334</link>
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<description><![CDATA[ छत्तीसगढ़ में एआई मिशन पर 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसके तहत 100 डेटा लैब बनेंगी और 6 लाख विद्यार्थियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस &#039;छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन&#039; को मंजूरी मिली है। इस मिशन के तहत 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होंगे, 300 से अधिक एआई स्टार्ट-अप्स को सहायता मिलेगी और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी।

इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए &#039;वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम&#039; के पहले चरण को मंजूरी दी गई है। सरकारी योजनाओं के फंड के पारदर्शी उपयोग के लिए स्टेट नोडल एजेंसी (SNA) मॉडल लागू करने का फैसला लिया गया है, जिससे राशि सीधे हितग्राहियों या वेंडरों को हस्तांतरित होगी। साथ ही एशियाई विकास बैंक (ADB) के सहयोग से ऊर्जा और लाइट तकनीकी सहायता परियोजनाओं के अनुदान प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 06 Aug 2026 13:37:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>विष्णुदेव साय कैबिनेट</media:keywords>
</item>

<item>
<title>आवासीय क्षेत्र में कमर्शियल गतिविधियों से 50 परिवार परेशान, विरोध के बाद नगर निगम ने बंद किया भारी वाहनों का रास्ता</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर के कश्यप कॉलोनी आवासीय क्षेत्र में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से करीब 50 परिवार बेहद परेशान हैं। स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बाद बुधवार को नगर निगम ने भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए सड़क के बीचों-बीच खंभा गाड़ दिया।

करबला रोड स्थित मूलचंद कॉम्प्लेक्स के पास कश्यप कॉलोनी जाने वाले मार्ग पर नाले के ऊपर स्लैब डालकर वैकल्पिक रास्ता बनाया गया था। कपड़ा व्यापारियों और अन्य कारोबारियों द्वारा भारी वाहनों से सामान की ढुलाई तथा गिट्टी-रेत से लदे ट्रकों की आवाजाही के कारण नाले का स्लैब जगह-जगह से टूट गया था और सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए थे। पूर्व में भी निगम कर्मी यहां गार्डर लगाने पहुंचे थे, लेकिन कारोबारियों ने उन्हें लौटा दिया था।

बुधवार को जब निगम कर्मी दोबारा खंभा लगाने पहुंचे, तो व्यापारियों ने फिर काम रोक दिया। इसकी सूचना मिलते ही महापौर पूजा विधानी, जोन कमिश्नर और निगम अमले के साथ मौके पर पहुंचीं। जब व्यापारियों ने बहस शुरू की, तो महापौर ने कॉलोनी में अवैध रूप से संचालित 18 दुकानों की नापजोख कराने और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इस कड़े रुख के बाद विरोधी व्यापारी पीछे हटने को मजबूर हुए और निगम ने खंभा गाड़ने की कार्रवाई पूरी की।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम की भवन शाखा की अनदेखी के कारण आवासीय मकानों की जगह खुलेआम दुकानें और गोदाम बनाकर व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। दिन में रोक के बाद अब कारोबारी रात के अंधेरे में निर्माण सामग्री की ढुलाई कर रहे हैं। कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों और भारी वाहनों पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाई गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। वहीं महापौर पूजा विधानी ने स्पष्ट किया कि सड़क की सुरक्षा और संरक्षण के लिए बीच में खंभा लगाया गया है और अब इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 06 Aug 2026 13:28:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अवैध दुकानें / कमर्शियल गतिविधियां</media:keywords>
</item>

<item>
<title>दो मौतों का जिम्मेदार निगम और बिजली विभाग भी: नोटिस देकर अवैध निर्माण देखते रहे, पर रोका नहीं</title>
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<description><![CDATA[ **बिलासपुर।** स्वर्ण जयंती नगर में भूपेंद्र साहू और रवि बंजारे की मौत केवल करंट लगने की दुर्घटना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। नगर निगम ने 9 अप्रैल और 13 मई 2026 को निर्माण रोकने के नोटिस दिए थे, लेकिन इसके बाद कोई जिम्मेदार अफसर मौके पर यह देखने तक नहीं पहुंचा कि काम रुका या नहीं। दूसरी ओर, 11 केवी हाईटेंशन लाइन से सटकर पहली मंजिल के बाद दूसरी मंजिल तक निर्माण होता रहा, मगर बिजली विभाग ने भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

मंगलवार को इसी निर्माण के दौरान दोनों मजदूरों की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। निगम की जांच में सामने आया कि स्वीकृत नक्शे के विपरीत सामने की ओर करीब 3 फीट अतिरिक्त निर्माण किया गया था, जिससे छत हाईटेंशन लाइन के बेहद करीब पहुंच गई।

अब बड़ा सवाल यह है कि जब अवैध निर्माण आंखों के सामने आगे बढ़ रहा था, तब दोनों जिम्मेदार विभाग क्या कर रहे थे? दो लोगों की जान जाने के बाद अब निगम फाइलें खंगाल रहा है और बिजली विभाग नोटिस की तैयारी कर रहा है।

---

### मामले से जुड़े प्रमुख बिंदु और अधिकारियों के पक्ष:

* **पुलिस मकान मालिक, ठेकेदार और निर्माण से जुड़े लोगों की कर रही जांच:**
थाना प्रभारी किशोर केवट ने बताया कि दोनों मजदूर पहले भी ठेकेदार के साथ काम कर चुके थे और मंगलवार को काम मांगने पहुंचे थे। वे छत पर किस काम से पहुंचे थे, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस मकान मालिक, ठेकेदार और निर्माण कार्य से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। बुधवार सुबह प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
* **भाजपा नेता पर कार्रवाई रुकवाने का आरोप:**
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अनूप सिंह (कस्तूरबा नगर) के एक कथित भाजपा नेता का करीबी है। लोगों के अनुसार, अवैध निर्माण पर रोक और सीमांकन की कार्रवाई के दौरान उक्त नेता सक्रिय रहा और अधिकारियों से संपर्क कर कार्रवाई रुकवाने का प्रयास करता रहा।
* **नोटिस देने के बाद मौके पर नहीं पहुंचे जिम्मेदार अफसर:**
कॉलोनीवासियों की शिकायत के बावजूद निगम ने सिर्फ नोटिस जारी किए, लेकिन मौके पर पहुंचकर काम नहीं रुकवाया। यदि समय रहते कार्रवाई होती तो दो मजदूरों की जान बच सकती थी।
* **निगम का पक्ष (जांच के बाद कार्रवाई):**
नगर निगम भवन अधिकारी अनुपम तिवारी ने बताया कि मामले की फाइल मंगाई गई है। स्वीकृत नक्शे और मौके की स्थिति की जांच की जा रही है, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
* **जोन कमिश्नर का सख्त बयान:**
जोन कमिश्नर-3 प्रवेश कश्यप ने कहा, *&quot;पहले अवैध निर्माण रोकने के लिए नोटिस जारी किया गया था। अब जितना हिस्सा अवैध निर्मित हुआ है, उसे तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।&quot;*
* **नोटिस दिया, तहसीलदार को पत्र भेजा; आगे की जानकारी नहीं:**
नगर निगम के कार्यपालन यंत्री प्रवीण शुक्ला ने बताया कि शिकायत पर अनूप सिंह को नोटिस दिया गया था और सीमांकन के लिए तहसीलदार को पत्र भेजा गया था। इसके बाद उनका जोन बदल गया, इसलिए आगे की कार्रवाई की जानकारी उन्हें नहीं है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 06 Aug 2026 13:16:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>प्रशासनिक लापरवाही</media:keywords>
</item>

<item>
<title>बिजली बिल बकायेदारों के लिए राहत, पुराने बकाया पर 75 फीसदी तक छूट का मौक, 30 जून तक करें रजिस्ट्रेशन</title>
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<description><![CDATA[ (ओम तिवारी की रिपोर्ट )

अगर आपके बिजली बिल का बकाया लंबे समय से जमा नहीं हो पाया है, तो अब उसे कम राशि में चुकाने का अवसर है। राज्य सरकार की समाधान योजना के तहत पुराने बिजली बिलों पर 75% तक की छूट दी जा रही है। इस योजना का लाभ लेने के लिए 30 जून तक पंजीयन कराना जरूरी है।

योजना के तहत प्रदेश के करीब 15 लाख बकायेदार उपभोक्ताओं को लाभ मिलना है। अब तक 8 लाख से अधिक उपभोक्ता रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी इसका लाभ लेने से वंचित हैं।

🫂मोर बिजली ऐप पर करना होगा रजिस्ट्रेशन🫂

छूट का लाभ पाने के लिए उपभोक्ताओं को पहले मोर बिजली ऐप पर पंजीयन करना होगा। बिजली कंपनी ने लोगों से अपील की है कि अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते रजिस्ट्रेशन कर योजना का फायदा उठाएं।

🫂🎤किन उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ?🫂

बिजली वितरण कंपनी के अनुसार, 5 मार्च 2026 से शुरू हुई इस योजना के तहत बीपीएल, अशासकीय निम्न दाब घरेलू और कृषि श्रेणी के उन उपभोक्ताओं को राहत दी जा रही है, जिनके 31 मार्च 2023 तक के बिजली बिल बकाया हैं। योजना में मूल बकाया और सरचार्ज पर निर्धारित नियमों के अनुसार छूट दी जा रही है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:12:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>Om  Tiwari</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
</item>

<item>
<title>अवैध खनिज परिवहन पर फिर बड़ी कार्रवाई विशेष अभियान में 16 वाहन जब्त, 16 प्रकरण दर्ज 08 हाइवा, 06 ट्रैक्टर&#45;ट्रॉली और 02 माजदा वाहन किए गए जब्त</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर (ओम नारायण तिवारी )

 -  बिलासपुर, 05 जून 2026/ कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देश तथा उप संचालक, खनिज प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 2 जून से 5 जून 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान खनिज विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जांच कर अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त 16 वाहनों को जब्त करते हुए 16 प्रकरण दर्ज किए हैं।
       अभियान के दौरान तेंदुआ, कोटा, चौरभट्ठी, कछार, लोफंदी, सेंदरी, निरतु, कोनी, मंगला, हिर्री, पचपेड़ी, गोबरी, आमाकोनी, मल्हार, कुकुर्दीकला, गनियारी, चकरभांठा एवं अमसेना सहित विभिन्न क्षेत्रों में जांच की गई। जांच के दौरान अवैध रूप से चूनापत्थर, रेत, साधारण पत्थर एवं मिट्टी-ईंट का परिवहन करते पाए जाने पर वाहनों को जब्त किया गया।कार्रवाई में 08 हाइवा, 06 ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा 02 माजदा वाहन शामिल हैं। जब्त वाहनों में अवैध रूप से रेत, चूनापत्थर, साधारण पत्थर और मिट्टी-ईंट का परिवहन किया जा रहा था। सभी वाहनों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
      जब्त वाहनों को संबंधित पुलिस थानों कोनी, कोटा, चकरभांठा, सकरी, हिर्री एवं पचपेड़ी की अभिरक्षा में रखा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।जिला प्रशासन ने अवैध खनिज गतिविधियों में संलिप्त लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा तथा राजस्व हानि रोकने के लिए ऐसे मामलों में कड़ी निगरानी और प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:00:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>Om  Tiwari</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर, 05 जून 2026/ कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देश तथा उप संचालक</media:keywords>
</item>

<item>
<title>सुशासन तिहार से शासन और जनता के बीच विश्वास का संबंध हुआ मजबूत &#45; विधायक श्री धर्मजीत सिंह*</title>
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<description><![CDATA[ *सुशासन तिहार से शासन और जनता के बीच विश्वास का संबंध हुआ मजबूत - विधायक श्री धर्मजीत सिंह*

*गनियारी जिला स्तरीय समाधान शिविर में जल संरक्षण, जैविक खेती और नशामुक्ति का दिया गया संदेश* 
बिलासपुर, 1 जून 2026/सुशासन तिहार के तहत आज तखतपुर विकासखंड के ग्राम गनियारी में जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्रीय विधायक श्री धर्मजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माधवी वस्त्रकार, जिला पंचायत सभापति श्रीमती भारती माली, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मधुलिका सिंह, एसडीएम श्री नितिन तिवारी, श्री संतोष कौशिक सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। आज शिविर में कुल 683 आवेदन प्राप्त हुए।   
	   मुख्य अतिथि विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन तिहार शासन की संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक बनकर उभरा है। इस अभियान के माध्यम से शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि शासन और जनता के बीच संवाद जितना मजबूत होगा, विकास की गति उतनी ही तेज होगी। सुशासन तिहार ने शासन और जनता के बीच विश्वास का संबंध और अधिक मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के समाधान और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने, बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने तथा गांव के विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
	   जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माधवी वस्त्रकार ने कहा कि सुशासन तिहार ग्रामीणों को शासन से सीधे जोड़ने का प्रभावी माध्यम बना है। इससे लोगों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर हो रहा है और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से विकास कार्यों में सहभागिता निभाने की अपील की। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भारती माली ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रामीणों के सहयोग से ही विकास कार्यों को स्थायित्व मिलता है। उन्होंने महिलाओं, युवाओं और किसानों से शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने तथा अपने गांव को स्वच्छ, समृद्ध और विकसित बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
	   कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अपने संबोधन में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि पानी की प्रत्येक बूंद को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि गनियारी में इंजेक्शन वेल निर्मित किया जा रहा है, जो भू-जल संवर्धन की दिशा में एक अभिनव पहल है। उन्होंने ग्रामीणों से श्रमदान के माध्यम से सोखता गड्ढे बनाने और वर्षा जल संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। कलेक्टर ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने तथा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के इस्तेमाल को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने प्रत्येक परिवार से वर्षाकाल में पौधरोपण कर उसके संरक्षण का संकल्प लेने का भी आह्वान किया।
	    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए घातक है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी तथा कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी एवं बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें और किसी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
	    शिविर में 11 हितग्राहियों को राशनकार्ड, 9 को पेंशन स्वीकृति हेतु पात्र, 10 को मनरेगा जॉब कार्ड, 19 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 55 हितग्राहियों को लर्निंग ड्राईविंग लाइसेंस, 189 लोगों ने बी.पी. एवं शुगर जांच कराया। 89 लोगों ने सिकल सेल जांच एवं 389 ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसी प्रकार 15 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रदान की गई। 7 समूहों को 22 लाख का चेक वितरण, 8 शिशुओ का अन्न प्रासन एवं 8 महिलाओं की गोद भराई रस्म संपन्न हुई। वहीं 2 हितग्राहियों को 40 हजार का चेक वितरण किया गया, 3 हितग्राहियों को केसीसी वितरण एवं अन्य हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई। 
रचना/
--00-- ]]></description>
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<pubDate>Tue, 02 Jun 2026 11:01:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>Om  Tiwari</dc:creator>
<media:keywords>गनियारी जिला स्तरीय समाधान शिविर में जल संरक्षण, जैविक खेती और नशामुक्ति का दिया गया संदेश*</media:keywords>
</item>

<item>
<title>एनटीपीसी सीपत ने निकाली वृहत स्वच्छता जागरूकता रैली, सामूहिक श्रमदान से दिया जनभागीदारी का संदेश</title>
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<description><![CDATA[ (रिपोर्टर -  ओमनारायण तिवारी )

स्लग -  एनटीपीसी सीपत ने निकाली वृहत स्वच्छता जागरूकता रैली, सामूहिक श्रमदान से दिया जनभागीदारी का संदेश

एंकर -  एनटीपीसी सीपत में दिनांक 30 मई 2026 को स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत वृहत् स्वच्छता जागरूकता रैली एवं सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परियोजना प्रमुख श्री स्वपन कुमार मंडल के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में लगभग 800 लोगों ने सहभागिता की। रैली एनटीपीसी मुख्य द्वार से शुरू होकर सीपत हाट तक लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए निकाली गई, जिसमें स्वच्छता को जनभागीदारी बनाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान एनटीपीसी गेट से सीपत हाट तक चिन्हित लगभग आठ स्थानों पर विशेष श्रमदान कर लंबे समय से जमा कूड़ा-कचरा हटाया गया तथा क्षेत्र को स्वच्छ बनाया गया। इसके अतिरिक्त मुख्य मार्ग से लगे बलदेव तालाब क्षेत्र में भी व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। यह क्षेत्र प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन का केंद्र होने के कारण विशेष महत्व रखता है। इस अभियान के दौरान, विभिन्न स्थलों पर स्वच्छता संबंधी संदेश प्रदर्शित कर नागरिकों से सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ बनाए रखने तथा स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई।

इस अभियान में एनटीपीसी सीपत के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ उनके परिजन, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि, सीआईएसएफ जवान, बाल भारती पब्लिक स्कूल के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं, स्थानीय पुलिस प्रशासन, संविदा एजेंसियों के कर्मचारी, ठेका श्रमिक, ग्रामीणजन तथा पत्रकारगण बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए अभियान में सक्रिय योगदान दिया।

सीपत हाट पहुंचने पर परियोजना प्रमुख, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों से संवाद कर स्वच्छ परिवेश के सामाजिक, स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उन्होंने संदेश दिया कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझी जिम्मेदारी है। सभी उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं और अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

ज्ञात हो कि इस अभियान के आयोजन से पूर्व एनटीपीसी सीपत द्वारा सभी हितधारकों—सरपंच, सीआईएसएफ, बाल भारती पब्लिक स्कूल, स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय, स्थानीय पुलिस प्रशासन, कॉन्ट्रैक्टिंग एजेंसियों तथा प्रेस क्लब के पत्रकारों—के साथ बैठकें आयोजित की गई थीं। इन बैठकों का उद्देश्य अभियान को सफल बनाना तथा इसमें अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना था, ताकि व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश अधिकतम लोगों तक पहुंचाया जा सके।

रैली के दौरान प्रतिभागियों ने स्वच्छता संबंधी संदेशों के माध्यम से लोगों को अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा स्वच्छ भारत अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर श्री सुरोजीत सिन्हा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण), श्री अशोक सरकार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं ईंधन प्रबंधन), श्री विकास खरे, महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग), श्री अनुराग गौतम, अपर महाप्रबंधक (मेंटेनेंस), श्री जयप्रकाश सत्यकाम, प्रमुख (मानव संसाधन), सभी विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारीगण, बाल भारती पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य श्री सलभ निगम, सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, एनटीपीसी सीपत के अधिकारी एवं कर्मचारी, उनके परिवारजन, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि, बाल भारती पब्लिक स्कूल के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं, सीपत पुलिस, संविदा एजेंसियों के कर्मचारी, ठेका श्रमिक, ग्रामीणजन तथा पत्रकारगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि 16 से 31 मई 2026 तक आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत एनटीपीसी सीपत द्वारा क्विज प्रतियोगिता, चित्रकला, निबंध लेखन, स्वच्छता शपथ एवं अन्य जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के प्रति एनटीपीसी सीपत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 30 May 2026 23:52:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>Om  Tiwari</dc:creator>
<media:keywords>एनटीपीसी सीपत में दिनांक 30 मई 2026 को स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत वृहत् स्वच्छता जागरूकता रैली एवं सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।</media:keywords>
</item>

<item>
<title>माननीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चन्द्र दुबे ने एसईसीएल के कार्यों की समीक्षा की</title>
<link>https://worldone.news/6100</link>
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<description><![CDATA[ (ओम नारायण तिवारी कि रिपोर्ट )
बिलासपुर माननीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चन्द्र दुबे ने एसईसीएल के कार्यों की समीक्षा की

एक-दिवसीय दौरे के दौरान आधारभूत संरचना एवं अस्पताल प्रबंधन से जुड़े डिजिटल पोर्टलों का किया शुभारंभ, अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का किया लोकार्पण

माननीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री सतीश चन्द्र दुबे ने आज एसईसीएल के एक दिवसीय दौरे के दौरान कंपनी के कार्यों एवं उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल परिवर्तन एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ एवं लोकार्पण भी किया।

एसईसीएल मुख्यालय पहुँचने पर सर्वप्रथम माननीय मंत्री ने एसईसीएल मुख्यालय परिसर स्थित कोयला श्रमिक स्मारक पर माल्यार्पण कर कोयला श्रमिकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की तथा राष्ट्र निर्माण एवं देश की ऊर्जा सुरक्षा में उनके अमूल्य योगदान को नमन किया।

इसके पश्चात एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए माननीय मंत्री ने कोयला उत्पादन, डिस्पैच, गुणवत्ता प्रबंधन, सुरक्षा, कोल गैसीफिकेशन, माइन क्लोजर, पर्यावरणीय पहलों, डिजिटलीकरण, सीएसआर गतिविधियों तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन, निदेशकगण, सीवीओ, विभागाध्यक्ष, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। 

माननीय मंत्री ने सुरक्षित एवं सतत खनन को बढ़ावा देने, परिचालन दक्षता में वृद्धि तथा आधुनिक तकनीकों के अधिकाधिक उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि एसईसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा उत्पादन, गुणवत्ता, सुरक्षा एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में कंपनी द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सीएसआर के माध्यम से कोयलांचल के अंतिम व्यक्ति तक विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है।

इस अवसर पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक कोल इंडिया द्वारा अब तक किए गए 100 मिलियन टन उत्पादन में एसईसीएल ने 26.86 मिलियन टन के सर्वाधिक योगदान के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई एवं कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में राष्ट्र की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एसईसीएल निरंतर प्रतिबद्ध है।
डिजिटल परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

समीक्षा बैठक के दौरान माननीय मंत्री द्वारा ई-डाडास (डिज़ाइन एंड ड्राविंग्स एप्रूवल इन एसईसीएल) पोर्टल एवं हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम पोर्टल का शुभारंभ किया गया। यह पहल एसईसीएल में डिजिटल परिवर्तन, कार्यकुशलता एवं पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

ई-डाडास पोर्टल के माध्यम से एफएमसी, सीएचपी-साइलो, रेलवे साइडिंग, इन-पिट कन्वेयर सिस्टम सहित अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं से संबंधित इंजीनियरिंग डिज़ाइन एवं ड्रॉइंग्स की ऑनलाइन जाँच, परीक्षण, निगरानी एवं अनुमोदन प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जाएगा। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं दक्षता सुनिश्चित होगी।

वहीं, एचएमआईएस पोर्टल के माध्यम से एसईसीएल चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण, मरीजों के रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित प्रबंधन, त्वरित चिकित्सा सुविधा तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवा निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में अत्याधुनिक हेमेटोलॉजी यूनिट का लोकार्पण

दौरे के दौरान माननीय मंत्री ने बिलासपुर स्थित इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का लोकार्पण भी किया। यह मशीन श्वेत रक्त कोशिकाओं की 5-पार्ट डिफरेंशियल जाँच के माध्यम से संक्रमण एवं विभिन्न रोगों की अधिक सटीक पहचान सुनिश्चित करेगी।

स्वचालित परीक्षण प्रणाली से युक्त यह अत्याधुनिक मशीन तेज़, सटीक एवं त्रुटिरहित रिपोर्ट उपलब्ध कराने में सहायक होगी, जिससे अस्पताल एवं प्रयोगशाला सेवाओं की गति और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। 
लोकार्पण उपरांत माननीय मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र का भ्रमण कर विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सेवाओं का जायजा लिया एवं स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने हेतु किए जा रहे कार्यों की सराहना कि । ]]></description>
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<pubDate>Tue, 26 May 2026 22:03:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>Om  Tiwari</dc:creator>
<media:keywords>एक-दिवसीय दौरे के दौरान आधारभूत संरचना एवं अस्पताल प्रबंधन से जुड़े डिजिटल पोर्टलों का किया शुभारंभ, अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का किया लोकार्पण</media:keywords>
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<title>बिलासपुर वार्ड क्र. 58 खमतराई में नाली जाम और तलाबों कि खराब इस्तिथि से वार्ड वासी परेशान</title>
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<description><![CDATA[ लोकेशन -  बिलासपुर 

रिपोर्टर - ओमनारायण तिवारी की खास रिपोर्ट 

बिलासपुर वार्ड क्र. 58 खमतराई में नाली जाम और तलाबों कि खराब इस्तिथि से वार्ड वासी परेशान


एंकर -  बिलासपुर नगर निगम की लापरवाही के कारण वार्ड क्र. 58 के कई इलाकों में नाली जाम और रोड लाइट बंद होने से स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मोहल्ले की सड़कों पर गंदा पानी जमा होने से बदबू फैल रही है, वहीं रात के समय अंधेरा रहने से लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो नालियों की सफाई कराई जा रही है और न ही खराब रोड लाइट को सुधारा जा रहा है। बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे आने-जाने में दिक्कत होती है और बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
रहवासियों ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन केवल कागजों में सफाई अभियान चला रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम दिखाई नहीं रहा। कई गलियों में महीनों से रोड लाइट बंद पड़ी है, जिससे रात में दुर्घटना और चोरी की आशंका बनी रहती है। वही तालाबों का हाल भी बेहाल है जहाँ तलाबों से आरहे दुर्गन्ध से वार्ड वासी और आने जाने वाले   राहगीर भी त्रस्त है ]]></description>
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<pubDate>Sat, 23 May 2026 14:53:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>Om  Tiwari</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर नगर निगम की लापरवाही के कारण वार्ड क्र. 58 के कई इलाकों में नाली जाम और रोड लाइट बंद होने से स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</media:keywords>
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<item>
<title>&#45; पीड़िता का आरोप – पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट</title>
<link>https://worldone.news/pidita-ka-aarop-pulis-ne-nhin-likhi-riport</link>
<guid>https://worldone.news/pidita-ka-aarop-pulis-ne-nhin-likhi-riport</guid>
<description><![CDATA[ जिला - जांजगीर चांम्पा

रिपोर्टर ओमनारायण तिवारी 

स्लग - पीड़िता का आरोप – पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट

एंकर - जांजगीर-चांपा जिले से एक बड़ी लापरवाही और संवेदनहीनता का मामला सामने आया है, जहां एक महिला न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
ग्राम मुरलीडीह, अकलतरा की रहने वाली शिलादेवी राय ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि गांव के सरपंच कमलेश पाटले, उनके भाई सुम्मत पाटले, पुत्र करण पाटले समेत अन्य लोगों ने जमीन कब्जाने की नीयत से उनके साथ बेरहमी से मारपीट की।
पीड़िता के मुताबिक मारपीट इतनी गंभीर थी कि उन्हें बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में 5 दिनों तक भर्ती रहना पड़ा, इसके बाद निजी अस्पताल में भी 3 दिन तक इलाज चला।
शिलादेवी का आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौच करते हुए जान से मारने और गांव से भगा देने की धमकी भी दी। डर के कारण पूरा परिवार गांव छोड़कर अकलतरा के अमोरा में शरण लेने को मजबूर है।
सबसे गंभीर बात यह है कि जब पीड़िता रिपोर्ट दर्ज कराने मुलमुला थाना पहुंची, तो वहां उसकी शिकायत तक दर्ज नहीं की गई। पीड़िता का आरोप है कि थाना प्रभारी पारस पटेल ने यह कहकर भगा दिया कि “10 दिन बाद आई हो, अब कौन रिपोर्ट लिखेगा”, इतना ही नहीं पीड़िता का यह भी आरोप है कि थाना प्रभारी ने धमकी देते हुए कहा कि “तुम्हारा रिपोर्ट नहीं लिखूंगा।”
पीड़िता ने इस मामले की शिकायत जांजगीर एसपी कार्यालय और बिलासपुर आईजी को भी दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
अब सवाल यह उठता है कि जब एक महिला के साथ इतनी गंभीर मारपीट होती है और वह कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहती है, तो आखिर पुलिस कार्रवाई करने से पीछे क्यों हट रही है?
फिलहाल पीड़िता न्याय की गुहार लगाते हुए लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रही है।

वीडियो में मुलमुला थाना प्रभारी पारस पटेल के सामने पीड़िता ने रो रो कर कार्यवाही करने की बात कह रही है लेकिन थाना प्रभारी उल्टा धमका रहा है जिसका वीडियो पीड़िता ने मीडिया के सामने पेस की है ]]></description>
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<pubDate>Sat, 23 May 2026 13:16:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>Om  Tiwari</dc:creator>
<media:keywords>जिला - जांजगीर चांम्पा  रिपोर्टर ओमनारायण तिवारी   स्लग - पीड़िता का आरोप – पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट  एंकर - जांजगीर-चांपा जिले से एक बड़ी लापरवाही और संवेदनहीनता का मामला सामने आया है, जहां एक महिला न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। ग्राम मुरलीडीह, अकलतरा की रहने वाली शिलादेवी राय ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि गांव के सरपंच कमलेश पाटले, उनके भाई सुम्मत पाटले, पुत्र करण पाटले समेत अन्य लोगों ने जमीन कब्जाने की नीयत से उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। पीड़िता के मुताबिक मारपीट इतनी गंभीर थी</media:keywords>
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<item>
<title>बिलासपुर में निजी बोर मशीनों पर सख्ती, पेट्रोल&#45;डीजल देने पर पूर्ण प्रतिबंध</title>
<link>https://worldone.news/6092</link>
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<description><![CDATA[ लोकेशन - बिलासपुर 

रिपोर्टर - ओमनारायण तिवारी 

स्लग -  बिलासपुर में निजी बोर मशीनों पर सख्ती, पेट्रोल-डीजल देने पर पूर्ण प्रतिबंध


एंकर -   बिलासपुर जिले में अवैध बोर खनन और भूजल दोहन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर बिलासपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में संचालित सभी निजी बोर मशीनों एवं वाहनों को अब पेट्रोल पंपों से डीजल-पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।जारी आदेश में कहा गया है कि पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत जिले में बोर खनन एवं बोरिंग कार्य पर पहले से पूर्ण प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद निजी बोर वाहनों द्वारा लगातार अवैध बोरिंग किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। साथ ही इन वाहनों में अत्यधिक मात्रा में डीजल के उपयोग की भी जानकारी सामने आई है।कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले के किसी भी पेट्रोल पंप संचालक द्वारा निजी बोर मशीन अथवा बोरिंग वाहनों को ईंधन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ मोटर स्पिरिट एवं उच्च वेग डीजल (प्रदाय एवं वितरण का विनियमन तथा अवैध निवारण) आदेश 2005 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस आदेश की सूचना खाद्य विभाग, अनुविभागीय अधिकारी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, पुलिस विभाग तथा पेट्रोल पंप एसोसिएशन को भी भेज दी गई है। प्रशासन का कहना है कि भूजल संरक्षण और अवैध बोरिंग पर नियंत्रण के लिए यह कार्रवाई जरूरी है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 23 May 2026 12:24:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Om  Tiwari</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर जिले में अवैध बोर खनन और भूजल दोहन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।</media:keywords>
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<item>
<title>अवैध खनिज उत्खनन पर सख्ती : 2 हाइवा, 1 चैन माउंटेन सहित 6 वाहन जप्त</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिला बिलासपुर में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में  लगभग डेढ़ दर्जन राजस्व एवं खनिज अमले द्वारा संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान तखतपुर, काठकोनी, भरनी, चोरभट्ठी, गनियारी, नेवरा, टांडा, अमने, मंगला एवं धुरिपारा क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। नेवरा क्षेत्र से खनिज मुरुम का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करते हुए 1 चैन माउंटेन मशीन एवं 2 हाइवा वाहन जप्त किए गए। तखतपुर क्षेत्र से मुरुम का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा मंगला-धुरिपारा क्षेत्र से रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करते 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली जप्त की गई। इस प्रकार कुल 6 वाहनों को जप्त कर थाना सकरी, कोटा एवं कोनी की अभिरक्षा में रखा गया है, वहीं चैन माउंटेन मशीन को यथास्थान सीलबंद किया गया है। खनिज विभाग, राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 12:36:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>Durgesh Maravi</dc:creator>
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<item>
<title>“विकास के नए आयाम गढ़ता बेलतरा – ₹12 करोड़ से अधिक के कार्यों का शिलापूजन एवं लोकार्पण”</title>
<link>https://worldone.news/5762</link>
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<description><![CDATA[ 13 अप्रैल 2026
बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में रविवार को “विकास उत्सव” के रूप में ऐतिहासिक दिन दर्ज हुआ, जब क्षेत्र में ₹12 करोड़ 16 लाख 97 हजार की लागत से विभिन्न जनहितकारी कार्यों का शिलापूजन एवं लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सुशांत शुक्ला रहे। इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी जनपद पंचायत अध्यक्ष बिल्हा श्री रामकुमार कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस आयोजन ने न केवल क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया, बल्कि “विकास ही संकल्प” के विजन को भी साकार किया।
लोकार्पित प्रमुख कार्य
कोनी बस डिपो से सिटी बस सेवा का शुभारंभ
हरश्रृंगार सामुदायिक भवन में बाउंड्रीवाल एवं मरम्मत कार्य (₹18 लाख)
वार्ड क्रमांक 48, मोपका चौक में शहीद दीपक उपाध्याय उद्यान (गार्डन) का निर्माण (₹1 करोड़)
शिलापूजित प्रमुख कार्य
सीपत-बेलतरा मार्ग से भाड़ी तक 1 किमी सड़क निर्माण (₹132.36 लाख)
पौसरा-सेलर मार्ग पर खारून नदी में पुल निर्माण (₹518.46 लाख)
राजकिशोर नगर से शनि मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण एवं नाली निर्माण (₹417.15 लाख)
लिंगियाडीह प्राथमिक शाला में बाउंड्रीवाल (₹19 लाख)
लिंगियाडीह आंगनबाड़ी भवन निर्माण (₹12 लाख)
सुबह 9 बजे कोनी बस डिपो से सिटी बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवागमन और अधिक सुगम होगा। इस नई सुविधा को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखा गया।
सिटी बस सेवा के शुभारंभ के बाद विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, एमआईसी सदस्य एवं पार्षदगण सिटी बस में सवार होकर अगले कार्यक्रम के लिए राजकिशोर नगर स्थित हरश्रृंगार सामुदायिक भवन पहुंचे, जहां लोकार्पण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
राजकिशोर नगर स्थित हरश्रृंगार सामुदायिक भवन के लोकार्पण से मध्यमवर्गीय परिवारों को सामाजिक आयोजनों के लिए सुलभ एवं किफायती स्थान उपलब्ध होगा।
मोपका में निर्मित ₹1 करोड़ लागत का “शहीद दीपक उपाध्याय उद्यान” अपने आप में अद्भुत और आकर्षक है। यह उद्यान शहरवासियों के लिए एक विशेष सौगात के रूप में विकसित किया गया है, जहां परिवार के साथ सुकून के पल बिताए जा सकेंगे। उद्यान में बच्चों के लिए पानी के फव्वारों की व्यवस्था की गई है, वहीं बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधाएं एवं आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था इसे और भी मनमोहक बनाती है।
वहीं, भाड़ी में आयोजित शिलापूजन कार्यक्रम में विधायक का कर्मा दल एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भव्य स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्सवमय बन गया।
सिटी बस सेवा – रूट एवं लाभ
बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों को अब सिटी बस सेवा का सीधा लाभ मिलेगा। यह सेवा कोरोना काल में अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थी, जिसे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन एवं उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव के
मार्गदर्शन में पुनः प्रारंभ किया गया है।
प्रमुख रूट इस प्रकार हैं:
  बिलासपुर रेलवे स्टेशन से गढ़वट मार्ग
गांधी चौक, तोरवा चौक, मोपका चौक, राजकिशोर नगर, साइंस कॉलेज, तिफरा, सकरी, बैमा, नगौई, पौंसरा, लखराम, अकलतरी, सरवनदेवरी
  बिलासपुर रेलवे स्टेशन से बेलतरा मार्ग
तारबाहर चौक, पुराना बस स्टैंड, नेहरू चौक, सरकंडा, राजकिशोर नगर, मोपका, लगरा, रेंदा, पंती, मटियारी, मोहदा, सेंटर, खैरा, ढनगनिया, टेंकर, नेवसा, गिरौध, जाली
  बिलासपुर रेलवे स्टेशन से रानीगांव मार्ग
तारबाहर चौक, पुराना बस स्टैंड, नेहरू चौक, सरकंडा, कोनी, रमतला, सेंदरी, कछार, लोफंदी, अमतरा, चुककांवा, पेंडरवा
इन रूटों के माध्यम से बेलतरा विधानसभा के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को सस्ती, सुरक्षित एवं सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा—
“बेलतरा की जनता को बेहतर सड़क, परिवहन और आधारभूत सुविधाएं देना हमारी प्राथमिकता है। जो वादे किए गए थे, उन्हें हम धरातल पर उतार रहे हैं। आने वाले समय में बेलतरा एक आदर्श विधानसभा के रूप में स्थापित होगा।”
उन्होंने आगे कहा—
“सरकारी निर्माण कार्यों में हम सभी की सहभागिता आवश्यक है। यदि हमारे गांव या आसपास कोई निर्माण कार्य हो रहा है, तो उसकी जानकारी रखें और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सहयोग करें। यदि कहीं सीसी रोड या अन्य निर्माण कार्य हो रहा है, तो एक बाल्टी पानी डालकर भी हम अपनी भागीदारी निभा सकते हैं। साथ ही यदि कहीं निर्माण में कोई कमी दिखाई दे, तो तत्काल अपने जनप्रतिनिधियों को अवश्य सूचित करें।”
महापौर पूजा विधानी ने कहा—
“सिटी बस सेवा बेलतरा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हमारा लक्ष्य है कि आम जनता को कम खर्च में बेहतर सुविधाएं मिलें और शहरी व ग्रामीण विकास के बीच संतुलन बना रहे।”
जनभावनाओं की अभिव्यक्ति
भाड़ी ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती कुसमणिलता लक्ष्मी कश्यप ने बताया कि इस सड़क की मांग पिछले 20 वर्षों से की जा रही थी, जो अब विधायक सुशांत शुक्ला के प्रयासों से पूरी हो सकी।
इसी प्रकार, सेलर-पौसरा सेतु के भूमिपूजन अवसर पर सरपंच भोलू सिंह ठाकुर ने पशु चिकित्सालय, उप स्वास्थ्य केंद्र एवं नहर रोड निर्माण की मांग रखी। इस पर विधायक ने शीघ्र कार्य पूर्ण कराने का आश्वासन देते हुए कहा कि राजनीति केवल चुनाव तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसके बाद जनप्रतिनिधियों का जनता से दिल का रिश्ता बनता है।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से जनपद अध्यक्ष श्री रामकुमार कौशिक , शंकरदयाल शुक्ला,उमेश गौरहा,जनक देवांगन,बजरंग कश्यप,विक्रम सिंह, राजेन्द्र अग्रहरी, शैल भोई,कुंती मेहर,दारा सिंह,मनिदास मानिकपुरी ,मनीष कौशिक, पवन कस्यप,मोनू रत्नाकर श्रीवास,तिलक साहू,रुपाली गुप्ता,ओमप्रकाश पांडेय,ममता अमित मिश्रा,रेखा सुर्यवंशी, ऋषभ चतुर्वेदी,योगेस्वर दुबे,शैलेष गोरख,अनिल पांडेय, जागेन्द्र कस्यप,ज्योतिष कश्यप, कमल पटेल,त्रिदेव रजक,पंचराम ,लक्ष्मी सिन्हा, जय वाधवानी,पेशीराम जायसवाल, एवं अन्य  जनप्रतिनिधि, सरपंच,भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र में “विकास के नए आयाम गढ़ता बेलतरा” के नारों के साथ उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 08:04:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Chandan Kunar</dc:creator>
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</item>

<item>
<title>13 अप्रैल को निगम की सामान्य सभा, मेयर पेश करेंगी बजट</title>
<link>https://worldone.news/13-aprail-ko-nigm-ki-samany-sbha-meyr-pesh-krengi-bjt</link>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर नगर निगम की सामान्य सभा की महत्वपूर्ण बैठक 13 अप्रैल को आयोजित होगी। बैठक दोपहर 12 बजे स्व. लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में होगी, जिसमें शहर के विकास और प्रशासनिक कार्यों से जुड़े सात प्रमुख एजेंडों पर चर्चा कर निर्णय लिए जाएंगे। इस दौरान महापौर पूजा विधानी वर्ष 2026-27 का अनुमानित बजट पेश करेंगी, साथ ही 2025-26 के पुनरीक्षित बजट पर भी विचार किया जाएगा।
बैठक में सामाजिक प्रमाण पत्र से जुड़े प्रकरण, गोंडवाना चौक व देवरीखुर्द में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापना, मोपका चौक स्थित उद्यान के नामकरण तथा इमलीपारा रोड के नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स की दुकानों के किराया निर्धारण जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा शहर में जीआईएस आधारित सफाई व्यवस्था और करोड़ों रुपए की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृतियों पर भी चर्चा होगी।
निगम अधिकारियों के अनुसार, इन प्रस्तावों पर निर्णय से शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी। बैठक में पार्षद अपने-अपने वार्ड की समस्याएं भी उठाएंगे, जिससे हंगामे के आसार हैं।
पार्षदों को अपने प्रश्न 7 अप्रैल दोपहर 12 बजे तक जमा करने होंगे, जबकि 8 अप्रैल को लॉटरी के माध्यम से प्रश्नों का क्रम तय किया जाएगा। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 09:42:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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</item>

<item>
<title>बर्ड फ्लू पर प्रशासन सख्त: 22 हजार से ज्यादा पक्षियों का नष्टीकरण</title>
<link>https://worldone.news/5597</link>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में बड़े स्तर पर नष्टीकरण अभियान चलाया गया।
संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा विभाग के निर्देशन में गठित रैपिड रिस्पांस टीम ने संक्रमित और संदिग्ध इलाकों में मौजूद 22,808 पक्षियों, 25,896 अंडों और करीब 79 क्विंटल दाने को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया। यह पूरी कार्रवाई शासन के तय प्रोटोकॉल के तहत सावधानीपूर्वक की गई, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के लिए कलेक्टोरेट परिसर में 24×7 बर्ड फ्लू कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह की संदिग्ध जानकारी या मृत पक्षियों की सूचना तुरंत 07752-251000 नंबर पर दें।
संयुक्त संचालक डॉ. जी.एस.एस. तंवर के अनुसार जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि पोल्ट्री फार्मों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही पर नियंत्रण रखा जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि समय रहते उठाए गए इन कदमों से बर्ड फ्लू के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकेगा। फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सतर्कता और जागरूकता बनाए रखना जरूरी है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 25 Mar 2026 19:38:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>Pranjal Singh</dc:creator>
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</item>

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<title>24 घंटे से ज्यादा बह रहा वॉल पाइप से फुटकर पानी</title>
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<description><![CDATA[ तोरवा क्षेत्र के जॉन क्रमांक 6 में पानी की भारी बर्बादी का मामला सामने आया है।
विवेकानंद चौक के पास स्थित वॉल पाइप पिछले लगभग 24 घंटे से फूटा हुआ है, जिससे लगातार तेज रफ्तार में पानी बह रहा है।

मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि पाइप से भारी मात्रा में पानी सड़क पर फैल रहा है और नाली के जरिए बेकार बह रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अब तक कई हजार लीटर पानी व्यर्थ जा चुका है।

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि यह पाइप कल दोपहर से ही फूटा हुआ है, लेकिन अब तक इसे सुधारने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि यहां का वॉल ऑपरेटर पास में ही रहता है, फिर भी उसने मुख्य वॉल या साइड वॉल को बंद नहीं किया।

 रहवासियों का कहना है कि इस वार्ड में पहले से ही पानी की समस्या बनी रहती है, और इस तरह 24 घंटे पानी बहना बेहद चिंताजनक है।

 लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि इस समस्या का तुरंत समाधान किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए, ताकि आगे इस तरह पानी की बर्बादी न हो।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी ध्यान देता है और इसे कब तक ठीक किया जाता है।

--- ]]></description>
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<pubDate>Sun, 22 Mar 2026 15:06:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>Chandan Kunar</dc:creator>
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<title>टीवी जागरूकता अभियान</title>
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<description><![CDATA[ जिला बिलासपुर में आज राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत एक सराहनीय पहल देखने को मिली, जहाँ टीबी मरीजों के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का आयोजन जिला क्षय उन्मूलन समिति, बिलासपुर द्वारा किया गया, जिसमें एसईसीएल के सहयोग से मरीजों को पोषण आहार वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. बी.के. वैष्णव द्वारा टीबी मरीजों को प्रोटीन पाउडर वितरित किया गया, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिल सके।

इस अवसर पर ‘मुख दिवस (ओरल डे)’ भी मनाया गया, जिसमें अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय उपस्थिति रही। सभी ने मिलकर न केवल टीबी उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, बल्कि मौखिक स्वास्थ्य (ओरल हेल्थ) के महत्व के बारे में भी जागरूकता फैलायी।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न केवल मरीजों को पोषण सहायता प्रदान करना था, बल्कि समाज में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और साथ ही समग्र स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करना भी था।

अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को जल्द से जल्द हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखे जाएंगे। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Mar 2026 16:17:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>Chandan Kunar</dc:creator>
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<title>यूजीसी विनियम 2026 का जीएसएस ने किया समर्थन, ईडब्ल्यूएस प्रावधान पर जताई आपत्ति</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के विनियम 2026 को लेकर बिलासपुर में गुरुघासीदास सेवादार संघ (जीएसएस) ने समर्थन जताते हुए कुछ बिंदुओं पर सुधार की मांग उठाई है। 27 फरवरी को जेल रोड स्थित डॉ. अंबेडकर मूर्ति स्थल पर आयोजित सभा-प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी रही।
संगठन ने कहा कि University Grants Commission द्वारा जारी विनियम 2026 का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव के मामलों में अब अनुसूचित जाति-जनजाति के साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को भी संरक्षण के दायरे में शामिल किया गया है। जीएसएस ने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि Rohith Vemula और Payal Tadvi जैसे मामलों के बाद संस्थागत भेदभाव को रोकने के लिए सख्त नियमों की आवश्यकता महसूस की गई थी।
हालांकि संगठन ने विनियम में ईडब्ल्यूएस वर्ग को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई। उनका तर्क है कि यह प्रावधान मूल रूप से जातिगत भेदभाव के उन्मूलन के लिए बनाया गया है, ऐसे में आर्थिक आधार को जोड़ना इसके उद्देश्य से भटकाव है।
जीएसएस ने मांग की कि शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में छात्र प्रतिनिधि निर्वाचित हों, बैकलॉग भर्तियां शीघ्र पूरी की जाएं तथा जाति जनगणना कराई जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि विनियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन और आवश्यक संशोधनों के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 16:43:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>नियमितीकरण व वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता&#45;सहायिकाओं का दो दिवसीय धरना, कोंहेर गार्डन से कलेक्ट्रेट तक रैली</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर दो दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरना समाप्ति के बाद प्रदर्शनकारियों ने कोंहेर गार्डन से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से आगामी विधानसभा बजट में मांगों को शामिल करने की अपील की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि आईसीडीएस योजना के तहत 2 अक्टूबर 1975 से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं और योजना 50 वर्ष पूर्ण कर चुकी है। इसके बावजूद प्रदेश में कार्यरत एक लाख से अधिक कार्यकर्ता व सहायिकाओं को न्यूनतम पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वर्तमान में कार्यकर्ताओं को 4,500 रुपये तथा सहायिकाओं को 2,250 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। उनकी प्रमुख मांगों में सेवानिवृत्ति पर 5 व 4 लाख रुपये ग्रेच्युटी, 10,000 व 8,000 रुपये मासिक पेंशन, समूह बीमा योजना का लाभ, शासकीय कर्मचारी का दर्जा तथा नियमितीकरण तक 26,000 व 22,100 रुपये प्रतिमाह मानदेय स्वीकृति शामिल है।
प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन शासन को प्रेषित कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा जताई। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 16:34:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>सिटी मजिस्ट्रेट के स्टेनो पर रिश्वत मांगने का आरोप सिटी मजिस्ट्रेट एवं स्टेनो के खिलाफ जिला अधिवक्ता संघ ने जिलाधीश से की शिकायत</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर- जिला अधिवक्ता संघ बिलासपुर (छ.ग.) ने सिटी मजिस्ट्रेट रजनी भगत एवं स्टेनो जुही सोम पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधीश को लिखित शिकायत सौंपकर जांच एवं कार्रवाई की मांग की है.. संघ द्वारा प्रेषित शिकायत पत्र में बताया गया है कि 29 जनवरी 2026 को थाना सिविल लाइन द्वारा धारा 151 के तहत गिरफ्तार एक पक्षकार रोहित कश्यप को 30 जनवरी 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया गया था, अधिवक्ता द्वारा जमानत हेतु आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे..

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि, जमानत आवेदन प्रस्तुत करने के दौरान स्टेनो जुही सोम द्वारा अधिवक्ता से कथित रूप से कहा गया कि यहां “पैसे देने पर ही काम होता है”। आरोप है कि जमानत दिलाने के नाम पर 5000 रुपये की मांग की गई..

संघ का कहना है कि आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बावजूद राशि न देने पर जमानत नहीं दी गई और पक्षकार को जेल भेज दिया गया। जबकि बाद में 31 जनवरी 2025 को 5000 रुपये देने पर जमानत प्रदान किए जाने का भी आरोप पत्र में उल्लेख है.. शिकायत में यह भी कहा गया है कि धारा 151 जैसे प्रकरण में माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार अनावश्यक रूप से जेल भेजना उचित नहीं है, इसके बावजूद कथित रूप से नियमों की अनदेखी की गई..

जिला अधिवक्ता संघ ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सिटी मजिस्ट्रेट रजनी भगत एवं स्टेनो जुही सोम के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है, संघ के सचिव रवि कुमार पाण्डेय के हस्ताक्षर से जारी इस पत्र में कहा गया है कि न्यायालयीन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक है, अन्यथा अधिवक्ताओं और आम नागरिकों का विश्वास प्रभावित होगा.. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:16:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>राष्ट्रीय मांग दिवस पर कर्मचारियों का लंच आवर प्रदर्शन, 10 सूत्रीय मांगों को लेकर पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, बिलासपुर द्वारा अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर 26 फरवरी 2026 को “राष्ट्रीय मांग दिवस” के अवसर पर लंच आवर प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि महासंघ का 18वां राष्ट्रीय सम्मेलन 23 से 26 जनवरी 2026 तक शिरडी (महाराष्ट्र) में आयोजित हुआ था, जिसमें कर्मचारियों, श्रमिकों एवं पेंशनरों से जुड़े 20 प्रस्ताव पारित किए गए थे। इन्हीं प्रस्तावों के आधार पर यह आंदोलन किया गया।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में सभी संविदा, आउटसोर्स एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण, रिक्त पदों को नियमित आधार पर भरना, पीएफआरडीए एक्ट निरस्त कर एनपीएस/यूपीएस समाप्त करना तथा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करना शामिल है। इसके अलावा श्रम संहिताएं वापस लेने, निजीकरण पर रोक, 8वें वेतन आयोग की शर्तों की समीक्षा, हर पांच वर्ष में वेतन संशोधन, 10% अंतरिम राहत, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति व अनिवार्य टीईटी आदेश वापस लेने, अनुच्छेद 310 व 311(2) के प्रावधान निरस्त करने, लंबित डीए/डीआर एरियर सहित जारी करने, सहकारी संघवाद की रक्षा तथा संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता बनाए रखने की मांग भी रखी गई।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष चन्द्रशेखर पाण्डेय, जिला संरक्षक आर.पी. शर्मा, जिला सचिव राजेश दुबे, कोटा अध्यक्ष रमाकांत कौशिक, बिल्हा अध्यक्ष विकास कुमार साहू, कमलाकांत शुक्ला, उपाध्यक्ष श्यामलाल बंजारे, जिला कार्यालय सचिव कौशल कौशिक, जिला उप सचिव चन्द्रकांत कश्यप, निरजा पटेल, मस्तूरी अध्यक्ष एस.डी. भारद्वाज, तखतपुर अध्यक्ष प्रमोद कुमार भारद्वाज, शुभम तिवारी, श्वेता द्विवेदी, सूर्यकांत कौशिक (भृत्य बालक सरकंडा) सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 16:16:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>श्रम कानून संहिता के विरोध में भारतीय मजदूर संघ का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। श्रम कानून संहिता के विरोध में भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर बुधवार को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में बिलासपुर में भी संघ के कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर जोरदार विरोध दर्ज कराया और कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। रैली में बड़ी संख्या में मजदूर, कर्मचारी और संघ पदाधिकारी शामिल हुए।
संघ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू नई श्रम कानून संहिता में कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की गई है तथा कई प्रावधान श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करते हैं। ज्ञापन में 18 सूत्रीय मांगें रखी गईं, जिनमें ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों की सीधी भर्ती, सभी श्रमिकों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा, श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन तथा कार्यस्थलों पर अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
इसके अलावा शासकीय कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं और सेवा शर्तों को मजबूत करने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए श्रमिक हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 16:30:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” पर रोक की मांग कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर... “यादव जी की लव स्टोरी” नामक प्रस्तावित फिल्म को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सर्व यादव समाज छत्तीसगढ़ प्रदेश, जिला बिलासपुर तथा अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, फिल्म विकास निगम तथा छत्तीसगढ़ शासन को ज्ञापन भेजकर फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। ज्ञापन कलेक्टर बिलासपुर के माध्यम से प्रेषित किया गया।
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि फिल्म में एक यादव युवती और मुस्लिम युवक के प्रेम प्रसंग को जिस प्रकार दर्शाया गया है, उससे समाज की बहन-बेटियों के सम्मान और यादव समुदाय की छवि पर आघात पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म के पोस्टर, ट्रेलर और सोशल मीडिया प्रचार सामग्री से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है।
महासभा अध्यक्ष भुवनेश्वर यादव सहित अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भी हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाकर निष्पक्ष जांच कराने तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने की अपील की गई है, ताकि किसी प्रकार का जातिगत तनाव न उत्पन्न हो और सामाजिक समरसता बनी रहे। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 16:17:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में टीएल बैठक सम्पन्न...गर्मी पूर्व पेयजल प्रबंधन, जनगणना की तैयारी और शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर</title>
<link>https://worldone.news/5170</link>
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<description><![CDATA[ कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में टीएल बैठक सम्पन्न...गर्मी पूर्व पेयजल प्रबंधन, जनगणना की तैयारी और शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर


 कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आज आयोजित टीएल बैठक में जिले में आगामी गर्मी के मद्देनज़र पेयजल व्यवस्था, प्रस्तावित जनगणना की तैयारियों, जल संरक्षण कार्यों, न्यायालयीन प्रकरणों तथा शिकायत निवारण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पेयजल संकट वाले ग्रामों की अभी से करें पहचान
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभावित पेयजल संकट वाले ग्रामों की अग्रिम पहचान की जाए। गत वर्ष जिन क्षेत्रों में जल समस्या उत्पन्न हुई थी, उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाए। आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, किन्तु टैंकर से सीधे वितरण न करते हुए सार्वजनिक स्थलों पर सिम्प्लेक्स टैंक स्थापित कर उन्हें नियमित रूप से भरा जाए, जिससे लोग सुव्यवस्थित रूप से पानी प्राप्त कर सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में 15वें वित्त आयोग की उपलब्ध राशि का उपयोग पेयजल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु करने के निर्देश भी दिए गए।

जनगणना कार्य की तैयारी : शुद्धता, गोपनीयता और गुणवत्ता पर बल
बैठक में आगामी मई माह में प्रस्तावित जनगणना की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना का कार्य पूर्णतः शुद्ध, त्रुटिरहित एवं गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, क्योंकि यह नीति निर्माण एवं विकास योजनाओं का आधार है। उन्होंने नागरिकों से सही एवं सटीक जानकारी दर्ज कराने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल के शिक्षकों को मुख्य रूप से प्रगणक एवं सुपरवाइजर की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह कार्य निर्वाचन की भांति अनिवार्य है,जिसे न स्थगित किया जा सकता है और न ही टाला जा सकता है।

जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता, 8 मार्च से पूर्व शौचालय पूर्ण करने के निर्देश
कलेक्टर ने जी रामजी योजना के अंतर्गत जल संरक्षण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रस्ताव तत्काल तैयार कर स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि ग्रीष्मकाल में कार्य प्रारंभ किए जा सकें। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों में तालाबों की मिट्टी का उपयोग करने को कहा ताकि तालाब गहरा हो जाए और जल ग्रहण क्षमता बढ़े। उन्होंने साथ ही विद्यालयों में निर्माणाधीन शौचालयों को 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

भंडार क्रय नियमों का कड़ाई से हो पालन
शासकीय सामग्री की खरीदी में भंडार क्रय नियमों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रतिबंधित वस्तुओं की खरीदी न किए जाने पर विशेष बल दिया गया। विधानसभा सत्र प्रारंभ होने के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर ने कहा कि पूछे गए प्रश्नों के उत्तर तथ्यपरक, सटीक एवं समयबद्ध रूप से प्रस्तुत किए जाएं। हाई कोर्ट में लंबित प्रकरणों एवं जनहित याचिकाओं का जवाब दावा समयसीमा में प्रस्तुत करने तथा माननीय न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से सभी अधिकारी-कर्मचारियों को आईगॉट प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। गोपनीय चरित्रावली लेखन के दौरान इसे भी ध्यान में रखा जाएगा। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीएम पोर्टल एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष जोर दिया। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 13:43:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>Pranjal Singh</dc:creator>
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<title>जिला पंचायत सदस्यों का सात दिवसीय प्रशिक्षण प्रवास सम्पन्न, विकास मॉडलों का किया अध्ययन</title>
<link>https://worldone.news/5142</link>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। जिला प्रशासन के नवाचार उन्मुखीकरण कार्यक्रम के तहत जिला पंचायत बिलासपुर के सदस्यों का सात दिवसीय अध्ययन एवं प्रशिक्षण प्रवास सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। प्रतिनिधिमंडल 16 फरवरी को महाराष्ट्र के मुंबई स्थित कुशाभाऊ ठाकरे प्रबोधिनी संस्थान में प्रशिक्षण के लिए रवाना हुआ था। प्रवास का उद्देश्य सुशासन, ग्रामीण विकास, जल प्रबंधन, स्वावलंबन और सामुदायिक भागीदारी के सफल मॉडलों का अध्ययन करना था।
प्रशिक्षण के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता, जनसहभागिता और नवाचार आधारित कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि इस प्रशिक्षण से ग्राम विकास के व्यावहारिक मॉडल समझने का अवसर मिला, जिन्हें अब क्षेत्र की पंचायतों में लागू किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के आदर्श ग्राम रालेगण सिद्धि और हिवरे बाजार का भी भ्रमण किया, जहाँ जल संरक्षण, श्रमदान, पारदर्शी पंचायत संचालन और सामुदायिक नेतृत्व के मॉडल का अध्ययन किया गया।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने लौटे सदस्यों से चर्चा कर योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इन नवाचारों से जिले की ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर और आदर्श ग्राम के रूप में विकसित होंगी। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 22 Feb 2026 22:15:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>भ्रामक विज्ञापन पर सीजीरेरा की कड़ी कार्रवाई बिलासपुर के ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रमोटर पर 10 लाख रुपये का दंड</title>
<link>https://worldone.news/5088</link>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर, 20 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए बिलासपुर के बोदरी स्थित ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रवर्तक पवन अग्रवाल पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया है।
प्राधिकरण के अनुसार उक्त परियोजना का पंजीयन प्लॉटेड परियोजना के रूप में किया गया है, लेकिन विभिन्न माध्यमों में प्रकाशित विज्ञापनों की जांच में पाया गया कि इसका प्रचार हाउसिंग परियोजना के रूप में किया जा रहा था। यह पंजीकृत विवरण के विपरीत होने के कारण भ्रामक माना गया।
रेरा अधिनियम की धारा 7 के तहत यदि कोई प्रवर्तक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है या परियोजना से संबंधित गलत अथवा भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करता है, तो प्राधिकरण परियोजना के पंजीयन के विरुद्ध कार्रवाई कर सकता है, जिसमें पंजीयन निरस्तीकरण सहित अन्य दंडात्मक कदम शामिल हैं।
इसी प्रकार धारा 14 के अनुसार प्रवर्तक के लिए यह अनिवार्य है कि परियोजना का विकास और प्रचार स्वीकृत योजना, ले-आउट, विनिर्देश तथा पंजीयन के समय प्रस्तुत जानकारी के अनुरूप ही किया जाए। इन प्रावधानों के विपरीत किया गया कोई भी प्रचार उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
उल्लंघन को गंभीर मानते हुए प्राधिकरण ने प्रवर्तक पर 10 लाख रुपये का दंड अधिरोपित किया तथा संबंधित हाउसिंग क्षेत्र परियोजना का विधिवत पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए हैं।
सीजीरेरा ने स्पष्ट किया है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं के प्रिंट, डिजिटल एवं अन्य माध्यमों में प्रकाशित विज्ञापनों की सतत निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार का भ्रामक या पंजीकृत विवरण के विपरीत प्रचार पाए जाने पर संबंधित प्रवर्तकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने सभी प्रवर्तकों से अपील की है कि वे परियोजनाओं के विज्ञापन एवं प्रचार में केवल पंजीकृत विवरण का ही उपयोग करें और रेरा अधिनियम तथा नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 21:19:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>होली पर शराब दुकानें बंद रखने की मांग, शिवसेना ने मुख्यमंत्री व कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। होली पर्व के अवसर पर शराब दुकानों को बंद रखने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ शिवसेना ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा है। संगठन का कहना है कि होली जैसे प्रमुख त्योहार पर शराब बिक्री से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है और अप्रिय घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान समय में नशे के कारण शहर में लूट, चोरी, मारपीट, चाकूबाजी और अन्य आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में होली के दिन शराब दुकानें खुली रहने से हालात और बिगड़ सकते हैं तथा जनहानि जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
छत्तीसगढ़ शिवसेना ने सरकार से होली के दिन शराब दुकानें खोलने के कथित निर्णय को वापस लेने और त्योहार के दौरान पूर्ण रूप से बंद रखने की मांग की है।
ज्ञापन में प्रदेश उपाध्यक्ष धनंजय सिंह चौहान, प्रदेश सचिव संतोष कौशल, जिला प्रमुख मुकेश देवांगन, पूर्व जिला प्रमुख नवीन यादव, कामगार संभाग अध्यक्ष राधे खांडेकर, जिला उपाध्यक्ष अनिल कौशिक, महिला सेना अध्यक्ष रेवती यादव सहित अन्य पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 14:14:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>बिलासपुर में 14 मार्च को लोक अदालत यातायात चालान के लंबित मामलों का होगा निराकरण</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर, 19 फरवरी 2026। यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े लंबित प्रकरणों के त्वरित निपटारे के लिए 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली लोक अदालत में मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत दर्ज मामलों की सुनवाई कर समझौता योग्य प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। यातायात पुलिस ने ऐसे सभी वाहन चालकों से समय रहते अपने मामलों का पंजीयन कराने और निपटान सुनिश्चित करने की अपील की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिले में स्थापित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम (ITMS) के माध्यम से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को सीधे उनके मोबाइल नंबर पर ई-चालान भेजे जा रहे हैं, वहीं चालान की प्रतियां डाक के जरिए उनके पंजीकृत पते पर भी भेजी जा रही हैं।
यातायात पुलिस के अनुसार 14 मार्च 2026 की लोक अदालत के लिए पिछले तीन माह के लंबित प्रकरणों का पंजीयन किया जा रहा है। जिन वाहन चालकों को चालान जारी हो चुका है, वे तत्काल यातायात पुलिस कार्यालय पहुंचकर रजिस्ट्रेशन कराएं, ताकि उनके मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि वाहन चालक अपने प्रकरणों का निराकरण नहीं कराते हैं, तो मामले न्यायालय से आरटीओ कार्यालय भेजे जा सकते हैं, जहां लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा वाहन जब्ती सहित अन्य कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
जिन वाहन चालकों ने अब तक ई-चालान का भुगतान नहीं किया है और जिनके मामले न्यायालय में लंबित हैं, उनके प्रकरण भी 14 मार्च को होने वाली लोक अदालत में निपटाए जाएंगे। इसके लिए संबंधित व्यक्तियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर लगातार संदेश भेजे जा रहे हैं।
यातायात पुलिस बिलासपुर ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने मामलों का निराकरण कराएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई, सेवा बाधित होने या वाहन संबंधी असुविधा से बचा जा सके। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 19 Feb 2026 21:15:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>प्रदेश में 9 से 23 फरवरी तक ‘स्मार्ट मीटर पखवाड़ा’ मोबाइल पर मिलेगी हर आधे घंटे की बिजली खपत की जानकारी</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रदेशभर में 9 से 23 फरवरी तक ‘स्मार्ट मीटर पखवाड़ा’ मनाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के लाभों से अवगत कराना और बिजली उपयोग में पारदर्शिता व बचत के प्रति जागरूक करना है।
कंपनी द्वारा विभिन्न जोनों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शहर संभाग पश्चिम के नेहरू नगर जोन में 17 फरवरी को नेहरू नगर स्थित सामुदायिक भवन में दोपहर 3 बजे से कार्यक्रम आयोजित होगा। वहीं सरकंडा जोन में 18 फरवरी को बंधवापारा स्थित चंद्र मौली मंदिर परिसर में सुबह 11 बजे से स्मार्ट मीटर पखवाड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की मासिक, दैनिक और प्रत्येक आधे घंटे की जानकारी अपने पंजीकृत मोबाइल फोन पर कहीं से भी देख सकते हैं। इससे उपभोक्ता अनावश्यक विद्युत खपत पर नियंत्रण रख सकेंगे और बिजली बिल में बचत कर पाएंगे।
कार्यक्रमों में उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्मार्ट मीटर से संबंधित शंकाओं का समाधान भी किया जाएगा तथा उपभोक्ताओं को इसकी कार्यप्रणाली और लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रमों में शामिल होकर स्मार्ट मीटर की सुविधाओं का लाभ उठाएं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 21:26:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>चार माह से मानदेय नहीं मिलने पर मितानिन प्रशिक्षक व समन्वयकों ने सांसद से लगाई गुहार</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। शहरी क्षेत्र में कार्यरत मितानिन प्रशिक्षक एवं क्षेत्र समन्वयकों ने चार माह से लंबित क्षतिपूर्ति (मानदेय) राशि दिलाने की मांग को लेकर सांसद एवं केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया है कि अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक की राशि अब तक नहीं मिली है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति गंभीर हो गई है।
मितानिन प्रशिक्षकों और समन्वयकों का कहना है कि वे लगातार स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं, लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने के कारण परिवार चलाना कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ताओं की मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में अनुरोध किया गया है कि लंबित राशि का शीघ्र भुगतान कराया जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके। इस संबंध में विधायक, जिला कलेक्टर तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भी प्रतिलिपि भेजी गई है।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आगे की रणनीति बनाने के लिए बाध्य होंगे। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 20:10:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>सड़क निर्माण मुआवजा घोटाला किसान के नाम जारी 40 से अधिक चेक हड़पने का आरोप</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर.....ग्राम पंचायत सोढ़ा (छतौना) में सड़क निर्माण कार्य के दौरान अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आजाद युवा संगठन ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि किसान जल सिंह बैगा के नाम जारी लाखों रुपये के मुआवजा चेक पर जबरन अंगूठा लगवाकर रकम हड़प ली गई।
संगठन के अनुसार वर्ष 2023-24 में कोटा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सोढ़ा (छतौना) मुख्य मार्ग के निर्माण व चौड़ीकरण के दौरान जल सिंह बैगा की जमीन अधिग्रहित हुई थी, जिसके एवज में शासन द्वारा उनके नाम 40 से अधिक चेक जारी किए गए। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने जल सिंह बैगा को डराकर और गुमराह कर चेक अपने कब्जे में ले लिए तथा नगण्य राशि देकर शेष रकम का गबन कर लिया।
शिकायत में कहा गया है कि पीड़ित अशिक्षित और सीधे-साधे होने के कारण आरोपियों ने उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक दस्तावेज तथा मोबाइल सिम तक अपने पास रख लिया। पीड़ित को यह भी जानकारी नहीं है कि उसका बैंक खाता किस बैंक में खुलवाया गया। आरोपियों द्वारा विरोध करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी देने की बात भी सामने आई है।
आजाद युवा संगठन के प्रमुख इशहाक कुरैशी ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय व्यक्तियों और बैंक कर्मियों की मिलीभगत की आशंका है तथा यह धोखाधड़ी और कूटरचना का गंभीर मामला है। संगठन ने प्रशासन से पीड़ित किसान को पूरी मुआवजा राशि दिलाने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 22:11:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर.......कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक जनदर्शन में दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों और शहरवासियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रत्येक आवेदक से मुलाकात कर आवेदन प्राप्त किए और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जनदर्शन में व्यक्तिगत तथा सामुदायिक हितों से जुड़े अनेक मामलों पर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी उपस्थित रहे।
जनदर्शन में राजस्व रिकॉर्ड की त्रुटि सुधार, किसान सम्मान निधि, अवैध कब्जा हटाने, निस्तारी मार्ग खोलने तथा बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। ग्राम बोडसरा के छात्र ने रिकॉर्ड में नाम त्रुटि के कारण प्रमाण पत्र न बन पाने की समस्या बताई, जबकि तेंदुवा के ग्रामीणों ने तालाब मार्ग पर अवैध निर्माण हटाने की मांग की। शहर के बसंत भाई पटेल नगर वार्डवासियों ने सीसी रोड, नाली, बिजली पोल और पानी पाइपलाइन की मांग रखी।
इसके अलावा तालाब निर्माण भूमि पर कब्जा, आर्थिक सहायता, बैंक बकाया, आवास ऋण और जप्त सामान वापसी से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। कलेक्टर ने सभी मामलों की जांच कर नियमानुसार शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 16:26:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>पाली महोत्सव की तैयारी, आयोजन स्थल का कलेक्टर&#45;एसपी ने किया निरीक्षण</title>
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<description><![CDATA[ कोरबा। दो दिवसीय पाली महोत्सव 2026 (15 एवं 16 फरवरी) के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महोत्सव को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य रूप से संपन्न कराने हेतु व्यापक एवं समन्वित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
इसी क्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने पाली के केराझरिया स्थित आयोजन स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मंच निर्माण, दर्शक दीर्घा, बैठक व्यवस्था, व्हीआईपी बैठक, विभागीय स्टॉल, पार्किंग एवं बेरिकेडिंग की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के लिए मंच पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था, आपातकालीन स्थिति से निबटने के लिए स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी विभाग की टीम को मुस्तैद रहने हेतु निर्देशित किया साथ ही पेयजल, शौचालय, कलाकारों के ठहरने की व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने 15 फरवरी की प्रातः साइकिल रेस प्रतियोगिता एवं संध्या को शिव मंदिर घाट पर आयोजित होने वाले भव्य शिव आरती एवं दीपोत्सव की तैयारियों की भी जानकारी ली। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों के लिए एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।


पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर कटघोरा ओंकार यादव , एसडीएम पाली रोहित कुमार, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, खाद्य, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 14 Feb 2026 11:23:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>Durgesh Maravi</dc:creator>
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<title>निगम सामान्य सभा बनी रणभूमि  लिंगियाडीह विवाद और पेयजल संकट पर हंगामा, चक्काजाम से थमी रफ्तार</title>
<link>https://worldone.news/4924</link>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर, 13 फरवरी 2026। नगर निगम बिलासपुर की सामान्य सभा शुक्रवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। लिंगियाडीह क्षेत्र में कथित अतिक्रमण हटाने और पट्टा वितरण के मुद्दे पर कांग्रेस पार्षदों व स्थानीय रहवासियों ने स्वर्गीय लखीराम ऑडिटोरियम के गेट पर धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते परिसर सियासी रणभूमि में बदल गया और सभा की कार्यवाही प्रभावित हुई।
विपक्ष के नेता भरत कश्यप के नेतृत्व में पार्षदों ने आरोप लगाया कि सड़क और गार्डन निर्माण के नाम पर गरीब परिवारों के मकान तोड़े जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पहले पट्टा देने का आश्वासन दिया गया और कई लोगों से राशि भी ली गई, लेकिन अब तक वैध पट्टा नहीं मिला। उन्होंने प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही निगम के खजांची को हटाने और आर्थिक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
तनाव तब बढ़ गया जब कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिधांशु मिश्रा और जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री को गेट पर रोक दिया गया। इसे लेकर निगम कर्मचारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। आक्रोशित कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर उतर आईं और करीब एक घंटे तक चक्काजाम किया, जिससे यातायात बाधित रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
इधर, सभा के भीतर भी पेयजल संकट पर जोरदार हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेसी पार्षदों ने जल विभाग पर खराब पंपों और जली मोटरों की समय पर मरम्मत न करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कई वार्डों में हफ्तों से पानी की किल्लत है और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। सत्तापक्ष पर वार्डों के बीच भेदभाव का आरोप भी लगाया गया।
महापौर पूजा विधानी के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी पार्षदों ने नारेबाजी की। हंगामे के बीच महापौर और निगम अध्यक्ष ने अधिकारियों को तत्काल खराब पंप दुरुस्त करने के निर्देश दिए। हालांकि देर शाम तक विरोध जारी रहा और लिंगियाडीह का मुद्दा नगर राजनीति में बड़ा सियासी सवाल बनकर उभर आया है। अब नजर निगम प्रशासन की अगली कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को मिलने वाले न्याय पर टिकी है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 19:40:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>छत्तीसगढ़ में मसीही समुदाय ने राष्ट्रपति–प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन, झूठे धर्मांतरण आरोप व उत्पीड़न का लगाया आरोप</title>
<link>https://worldone.news/4916</link>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर....छत्तीसगढ़ के मसीही (क्रिश्चियन) समुदाय ने राज्य में कथित रूप से बढ़ रहे सामाजिक उत्पीड़न, झूठे धर्मांतरण के आरोपों तथा आराधना/उपासना के लिए प्रशासनिक अनुमति लेने के दबाव के विरोध में देश के सर्वोच्च पदाधिकारियों को ज्ञापन प्रेषित किया है। यह ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, माननीय गृहमंत्री एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को संबोधित कर जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा गया है।
ज्ञापन में समुदाय ने आरोप लगाया है कि कुछ हिंदू संगठन, जिनमें बजरंग दल का नाम उल्लेखित है, तथा असामाजिक तत्वों द्वारा आराधना के दौरान व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है। साथ ही झूठे धर्मांतरण के आरोप लगाकर शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं, जिन पर पुलिस द्वारा एफआईआर भी की जा रही है।
संविधानिक अधिकारों का हवाला
मसीही समाज ने अपने ज्ञापन में कहा है कि भारत का संविधान अनुच्छेद 25 से 28 के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन, प्रचार और प्रसार करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक निर्णय में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति अपनी निजी संपत्ति पर शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना कर सकता है और इसके लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
इसके बावजूद, समुदाय का आरोप है कि प्रशासन द्वारा चर्चों एवं आराधना स्थलों के पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर बैंक खातों सहित विस्तृत जानकारी मांगी जा रही है, जबकि अन्य संप्रदायों से ऐसी जानकारी नहीं ली जा रही। इसे उन्होंने भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक बताया है।
कब्रिस्तान व दफन प्रक्रिया पर भी आपत्ति
ज्ञापन में कांकेर (उत्तर बस्तर) क्षेत्र में शव दफनाने पर रोक लगाए जाने की सूचना का भी उल्लेख किया गया है, जिसे समुदाय ने असंवैधानिक बताया है। साथ ही, पूर्व में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई न होने तथा आरोपियों की गिरफ्तारी लंबित रहने पर प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए गए हैं।
पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
समुदाय ने आरोप लगाया कि कई मामलों में धार्मिक स्थलों में व्यवधान, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और त्योहारों के दौरान उपद्रव की घटनाएं सामने आई हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कुछ मामलों में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है और उपद्रवियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई।
प्रमुख मांगें
ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें की गई हैं—
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
झूठे धर्मांतरण मामलों में फंसाने वालों पर कठोर कार्रवाई हो।
प्रशासन को संविधानानुसार मौलिक अधिकारों की रक्षा हेतु निर्देशित किया जाए।
मसीही एवं अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को सुरक्षा प्रदान की जाए।
पूर्व में की गई शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई एवं गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
पुलिस प्रशासन की कथित पक्षपातपूर्ण भूमिका की जांच की जाए।
ज्ञापन के साथ उच्च न्यायालय के निर्णय की प्रति एवं चर्च को भेजे गए नोटिस की छायाप्रति संलग्न की गई है।
मसीही समाज ने केंद्र व राज्य सरकार से इस विषय में त्वरित संज्ञान लेकर संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 10:36:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>मितानिनों का हल्लाबोल सरकारी कर्मचारी का दर्जा और 10 हजार मानदेय की मांग, सीएम के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन</title>
<link>https://worldone.news/4913</link>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली मितानिनों (आशा कार्यकर्ताओं) ने अपनी मांगों को लेकर शासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ मितानिन (आशा) यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में मितानिनों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने 17 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करने की मांग करते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
यूनियन का कहना है कि कोरोना काल में ‘फ्रंटलाइन वॉरियर’ के रूप में कार्य करने के बावजूद मितानिनों को आज भी न्यूनतम मजदूरी तक नसीब नहीं हो रही है। शासन द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि बेहद कम है और उसका भुगतान भी समय पर नहीं किया जाता।
10 हजार मानदेय और कर्मचारी दर्जे की मांग
मितानिनों की प्रमुख मांग स्वास्थ्य विभाग के शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाना है। वर्तमान में उन्हें मिलने वाले 2200 रुपये के सरकारी अंश को बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की गई है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि मानदेय का भुगतान टुकड़ों में नहीं, बल्कि हर महीने की 6 तारीख तक एकमुश्त किया जाए।
रविवार की छुट्टी और सामाजिक सुरक्षा की मांग
मितानिनों ने बताया कि वे सातों दिन और 24 घंटे सेवाओं के लिए उपलब्ध रहती हैं। रविवार को भी मीटिंग और प्रशिक्षण आयोजित किए जाने से उनका पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर रविवार को सभी विभागीय कार्यों से उन्हें मुक्त रखा जाए।
इसके साथ ही पीएफ, पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा राशि के तत्काल भुगतान और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई है। यूनियन का कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें किसी प्रकार की स्थायी सुरक्षा नहीं मिल रही है।
चेतावनी: मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने उनकी 17 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल ज्ञापन सौंपने के बाद मितानिनों ने शासन से शीघ्र हस्तक्षेप की अपेक्षा जताई है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी मानी जाने वाली इन कार्यकर्ताओं की मांगों पर सरकार क्या रुख अपनाती है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 12 Feb 2026 22:11:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>जिंदा मतदाताओं को बताया मृत व गायब 117 नाम विलोपित कराने भरा गया फार्म&#45;7 कलेक्टोरेट में कांग्रेस का हंगामा</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के बीच बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के वार्ड क्रमांक 55-56 के अंतर्गत आने वाले बूथों में अल्पसंख्यक समुदाय के 117 मतदाताओं के नाम विलोपित कराने के लिए एक ही व्यक्ति द्वारा फार्म-7 भरकर बीएलओ को जमा किए जाने की शिकायत पर बुधवार को कलेक्टोरेट में कांग्रेसजनों ने हंगामा किया।
जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व बेलतरा विधानसभा के प्रत्याशी विजय केशरवानी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रभावित मतदाता कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल से मिले और पूरे प्रकरण की जांच की मांग की। कलेक्टर ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
एक व्यक्ति ने जमा किए 117 फार्म-7
शिकायत के अनुसार बूथ क्रमांक 191 में 10, बूथ 192 में 15 और बूथ 193 में 92 मतदाताओं—कुल 117 लोगों—के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फार्म-7 जमा किए गए। आरोप है कि ये सभी फार्म एक ही व्यक्ति द्वारा बीएलओ को सौंपे गए।
विजय केशरवानी ने सवाल उठाया कि जब संबंधित मतदाता वर्षों से उसी पते पर निवासरत हैं और वर्ष 2003 से मतदाता सूची में उनके नाम दर्ज हैं, तब उनके नाम काटने के लिए फार्म-7 क्यों भरे गए? उन्होंने कहा कि सभी 117 मतदाता जीवित हैं और उनका भौतिक सत्यापन भी किया जा चुका है।
‘षड़यंत्र की आशंका, निष्पक्ष जांच हो’
विजय केशरवानी ने फार्म-7 के दुरुपयोग और सुनियोजित षड़यंत्र की आशंका जताते हुए कहा कि एक व्यक्ति द्वारा इतनी बड़ी संख्या में नाम कटवाने के लिए आवेदन देना गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की कि यह जांच हो कि बीएलओ ने किन आधारों पर फार्म स्वीकार किए और इसके पीछे किसकी मंशा है।
उन्होंने सत्ताधारी दल पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस समर्थक, अल्पसंख्यक, एससी और एसटी मतदाताओं के नाम विलोपित कराने का प्रयास किया जा रहा है। उनका आरोप है कि कुछ स्थानों पर बीएलओ पर दबाव बनाकर फार्म-7 स्वीकार कराने की कोशिश की जा रही है।
‘एसआईआर अपने उद्देश्य से भटका’
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पूर्व में एसआईआर के दौरान भौतिक सत्यापन के आधार पर मतदाताओं के फार्म भरे जा चुके हैं और दस्तावेज सही पाए गए हैं। ऐसे में पुनः फार्म-7 भरने की कार्रवाई संदेहास्पद प्रतीत होती है।
कांग्रेस ने मांग की है कि संबंधित सभी फार्म-7 की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा वास्तविक मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखे जाएं।
प्रकरण को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है और अब प्रशासनिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 21:20:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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