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<title>World One News &#45; The Best  News channel &amp;amp; ads agency &#45; : स्कूल</title>
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<description>World One News &#45; The Best  News channel &amp;amp; ads agency &#45; : स्कूल</description>
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<dc:rights>© 2026  World One News</dc:rights>

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<title>गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी: एम.पी.एड. प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप, यूजी की रिक्त सीटों पर स्पेशल काउंसिलिंग समाप्त</title>
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<description><![CDATA[ 1. फिजिकल डिपार्टमेंट में गड़बड़ी का आरोप

मामला: गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) के शारीरिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित एम.पी.एड. पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की है।

अनियमितता के आरोप:

छात्रों का कहना है कि आमतौर पर पहली मेरिट लिस्ट की तुलना में दूसरी लिस्ट का कट-ऑफ कम होता है। लेकिन यहाँ पहली लिस्ट में कम अंक वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश दे दिया गया।

विरोध बढ़ता देख प्रशासन ने दूसरी लिस्ट में अधिक अंक वाले छात्रों के नाम जोड़े, जिसके कारण मेधावी छात्रों को इंतजार करना पड़ा।

अनारक्षित वर्ग के दो, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के एक, अनुसूचित जनजाति (ST) के दो, अनुसूचित जाति (SC) के दो और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के दो अधिक अंक वाले छात्र अब भी प्रवेश से वंचित हैं।

पूर्व का रिकॉर्ड: छात्रों ने सीधा आरोप लगाया है कि विभाग ने धांधली कर योग्य छात्रों के हक पर डाका डाला है। इससे पहले बीएड (B.Ed.) प्रवेश प्रक्रिया में भी गड़बड़ी को लेकर छात्रों ने घेराव और प्रदर्शन किया था।

2. यूजी पाठ्यक्रमों में स्पेशल काउंसिलिंग समाप्त, अधिकांश सीटें भरीं

काउंसिलिंग स्थिति: यूनिवर्सिटी में सीयूईटी (CUET) के अंकों के आधार पर तीन राउंड (ऑनलाइन व ऑफलाइन) की काउंसिलिंग के बाद भी यूजी के विभिन्न पाठ्यक्रमों में लगभग 460 सीटें रिक्त रह गई थीं।

स्पेशल ऑफलाइन राउंड: बची हुई सीटों को भरने के लिए मंगलवार को स्पेशल ऑफलाइन काउंसिलिंग आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचे। शाम तक अधिकांश खाली सीटें भर ली गईं।

सीटों का गणित: यूनिवर्सिटी में यूजी की कुल करीब 2200 सीटें हैं। तीन नियमित काउंसिलिंग के बाद लगभग 1700 सीटों पर दाखिला हुआ था। बीए ऑनर्स (एंथ्रोपोलॉजी, हिंदी, जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन), बीए-एलएलबी, बीसीए, बीबीए, और विभिन्न बीएससी पाठ्यक्रमों की खाली सीटों पर अब एडमिशन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Sep 2026 17:24:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी</media:keywords>
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<title>जशपुर में बदहाल व्यवस्था: हैंडपंप खराब होने से खेतों का दूषित पानी पीने को मजबूर मासूम छात्र,</title>
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<description><![CDATA[ 1. मुख्य समस्या:
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत सुलेसा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला, करमघाट में पिछले कई दिनों से एकमात्र हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है। स्कूल में पेयजल की कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण मासूम बच्चे खेतों से बहकर आ रहे गंदे पानी से प्यास बुझाने को मजबूर हैं।

2. स्वास्थ्य पर गंभीर संकट:
खेतों और नालों से होकर बहने वाले इस दूषित पानी के सेवन से बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है और जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को बार-बार शिकायत देने के बावजूद अब तक हैंडपंप को दुरुस्त नहीं कराया गया।

3. प्रशासन का रुख:
BEO का बयान: मामले की जानकारी मिलने पर बगीचा विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सुदर्शन पटेल ने संज्ञान लेते हुए तकनीकी टीम को खराब हैंडपंप तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए हैं।

बड़ा सवाल: ग्रामीणों का सवाल है कि जब तक हैंडपंप की मरम्मत का काम पूरा नहीं होता, तब तक मासूम बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल का तात्कालिक प्रबंध कौन करेगा? ]]></description>
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<pubDate>Wed, 09 Sep 2026 14:49:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>जशपुर स्कूल पेयजल संकट</media:keywords>
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<title>छत्तीसगढ़ RTE दाखिले में बड़ा बदलाव: 6 महीने पहले पूरी होगी प्रक्रिया, 10 फरवरी 2027 तक पूरे होंगे एडमिशन</title>
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<description><![CDATA[ 6 महीने पहले ही पूरी होगी RTE दाखिले की प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के मुफ्त दाखिले की व्यवस्था में राज्य सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। इस बार पूरी प्रवेश प्रक्रिया लगभग 6 महीने पहले ही पूरी कर ली जाएगी। पिछले साल जहां दाखिले की प्रक्रिया अगस्त के महीने तक खिंची थी, वहीं नए शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए फरवरी 2027 में ही दाखिले बंद हो जाएंगे।

सत्र 2027-28 के लिए नया टाइमलाइन

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए नए शेड्यूल के अनुसार:

ऑनलाइन आवेदन: 1 दिसंबर से 31 दिसंबर 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे (जबकि पिछले सत्र में यह 16 फरवरी से 31 मार्च तक चला था)।

कंप्यूटर लॉटरी: 11 और 12 जनवरी 2027 को निकाली जाएगी (पिछले सत्र में यह 13 से 17 अप्रैल के बीच खुली थी)।

दाखिले की अंतिम तिथि: 10 फरवरी 2027 तक सभी बच्चों का दाखिला पूरा कर लिया जाएगा।

एक ही चरण में एडमिशन: पिछले सत्र (2026-27) में दो अलग-अलग चरण आयोजित किए गए थे जिससे प्रक्रिया 17 अगस्त तक चली थी, लेकिन इस बार केवल एक ही चरण में दाखिला पूरा किया जाएगा।

1 अप्रैल से शुरू होगा नया सत्र, पढ़ाई के नुकसान से बचेंगे बच्चे

छत्तीसगढ़ में पहले स्कूलों का नया सत्र जून के मध्य से शुरू होता था, लेकिन राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि देश के अन्य बड़े शिक्षा बोर्डों की तर्ज पर अब राज्य में भी नया शैक्षणिक सत्र हर साल 1 अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च तक चलेगा। नए सत्र के साथ तालमेल बिठाने के लिए ही RTE टाइमलाइन में यह बदलाव किया गया है। समय से दाखिला हो जाने से गरीब बच्चों की शुरुआती तीन महीने की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा और वे 1 अप्रैल से अन्य बच्चों के साथ पहले दिन से स्कूल जा सकेंगे। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:07:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़ RTE एडमिशन</media:keywords>
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<title>बिलासपुर: स्वामी आत्मानंद स्कूल में 20 लाख का नया फर्नीचर बना कबाड़, छत पर पड़े&#45;पड़े सड़ रही कुर्सियां&#45;टेबल, घटिया खरीदी पर उठे सवाल</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। जिले सहित पूरे प्रदेश के स्कूलों में फर्नीचर खरीदी में गड़बड़ी के आरोप हमेशा लगते रहे हैं। ताजा मामला सरकंडा स्थित पंडित शिव दुलारे स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है, जहाँ विद्यार्थियों की सुविधा के लिए सरकारी पैसों से खरीदा गया करीब 20 लाख रुपये का नया फर्नीचर स्कूल की छत पर कबाड़ में तब्दील हो चुका है।

छत पर खुले आसमान के नीचे रखी कुर्सियां, टेबल और अन्य सामग्रियां धूप, बारिश और जंग के कारण पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। यह फर्नीचर किस आधार पर खरीदा गया और इसका इस्तेमाल क्यों नहीं हुआ, इसकी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। वहीं लंबे समय से छत पर जमा भारी कबाड़ के बोझ से स्कूल भवन की छत में दरारें आने और लिंटर दबने का खतरा भी मंडरा रहा है।

गुणवत्ता इतनी खराब कि वेल्डिंग तक संभव नहीं

स्कूल के प्राचार्य पी. मंडल ने स्पष्ट किया कि छत पर पड़ा फर्नीचर उनके पदभार ग्रहण करने से पहले खरीदा गया था और यह साल भर से छत पर लावारिस पड़ा है। उन्होंने बताया कि स्कूल स्तर पर इसे मरम्मत कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन फर्नीचर की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि वेल्डिंग तक नहीं हो पा रही है। स्कूल में पर्याप्त जगह न होने के कारण इसे छत पर रखना पड़ा। प्राचार्य के अनुसार अनुपयोगी फर्नीचर के निपटारे की जिम्मेदारी जिला शिक्षा विभाग की है।

अधिक कीमत पर घटिया सप्लाई का आरोप

जानकारी के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर तैयार सामान को बाहरी या &#039;इंपोर्टेड&#039; बताकर स्कूलों में खपाया गया। जिस फर्नीचर की स्थानीय बाजार में सामान्य कीमत थी, उसे 5 से 10 गुना अधिक दरों पर सरकारी स्तर पर खरीदा गया। स्कूल के एक वरिष्ठ शिक्षक ने बताया कि पुराने फर्नीचर की तुलना में नया सामान इतना कमजोर था कि उपयोग के शुरुआती दिनों में ही कुर्सियां-टेबल टूटने लगीं। जब गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए, तो रायपुर से सीधी सप्लाई होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया गया।

अफसरों का पक्ष

शिक्षा विभाग की संयुक्त संचालक अश्वनी भारद्वाज का कहना है कि इन सामानों की खरीदी और सप्लाई पिछले सत्र में हुई थी। इसका उपयोग क्यों नहीं हुआ और गुणवत्ता में क्या खामियां थीं, इसकी पूरी जानकारी लेने के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकेगा। इधर मामले में फाइल, स्वीकृत दर, गुणवत्ता परीक्षण और भुगतान प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 05 Sep 2026 15:58:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>स्वामी आत्मानंद स्कूल फर्नीचर घोटाला</media:keywords>
</item>

<item>
<title>बिलासपुर में नवाचार की गूंज: &amp;apos;वेदर गार्ड स्मार्ट बैग&amp;apos; बनाने वाली तृषा समेत होनहार छात्राएं सम्मानित</title>
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<description><![CDATA[ **बालिकाओं की शिक्षा और नशामुक्त समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव: विधायक अमर अग्रवाल**

**बिलासपुर।** नगर विधायक अमर अग्रवाल ने विभिन्न सामाजिक व शैक्षणिक आयोजनों में शिरकत कर छात्र-छात्राओं और नागरिकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने दयालबंद स्थित स्वामी आत्मानंद महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (सेजस) में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद वे टिकरापारा स्थित गुजराती समाज भवन में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में भी शामिल हुए।

**छात्र कैबिनेट को दिलाई शपथ, नशामुक्ति का लिया संकल्प**
सेजस महारानी लक्ष्मीबाई कन्या शाला में विधायक ने छात्राओं की नवगठित &#039;छात्र कैबिनेट&#039; को शपथ दिलाई और उन्हें विद्यालय के बेहतर संचालन व रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा। छात्राओं से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि माता-पिता और गुरुजनों से मिलने वाली सीख ही जीवन में कामयाबी का असली आधार है। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित नागरिकों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प भी लिया।

**सफल छात्राओं का सम्मान व सरस्वती साइकिल वितरण**
कार्यक्रम में &#039;इंसायर अवार्ड मानक प्रतियोगिता&#039; के तहत राष्ट्रीय स्तर पर चयनित बिल्हा विकासखंड की दो प्रतिभावान छात्राओं—कुमारी रेणुका धनुआर और कुमारी तृषा कमलेश को विधायक ने सम्मानित किया। बिझौर की छात्रा तृषा ने नवाचार के तहत &#039;वेदर गार्ड स्मार्ट बैग&#039; तैयार किया है। ये दोनों छात्राएं 4 सितंबर को रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय मेंटरशिप प्रशिक्षण में अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगी। इस अवसर पर छात्राओं को &#039;सरस्वती साइकिल वितरण योजना&#039; के तहत साइकिलें भी बांटी गईं।

विधायक ने बताया कि सत्र 2026-27 के लिए नवाचारी विचारों के ऑनलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि 15 सितंबर है, जिसमें कक्षा 6वीं से 12वीं तक के प्रत्येक स्कूल से 5 विद्यार्थियों का चयन किया जाना है।

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, पार्षद बंधु मौर्य, रंगा नादम और एल्डरमैन योगेश बोले सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 12:58:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>सेजस महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल</media:keywords>
</item>

<item>
<title>&amp;apos;तिरंगा शहीदों के बलिदान का प्रतीक&amp;apos;: पूर्व विस अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने दिया &amp;apos;हर घर तिरंगा&amp;apos; का संदेश</title>
<link>https://worldone.news/6379</link>
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<description><![CDATA[ यहाँ दी गई समाचार कटिंग की भाषा को बेहतर और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत किया गया है:

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# पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के नेतृत्व में बोदरी से तिफरा तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा

**&quot;तिरंगा हमारे बलिदान और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक, 15 अगस्त तक हर घर में फहराएं&quot;: धरमलाल कौशिक**

**हरिभूमि न्यूज | बिलासपुर**

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के &#039;हर घर तिरंगा&#039; अभियान और देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से सोमवार को नगर पालिका परिषद बोदरी से एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा का नेतृत्व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने किया। यात्रा के दौरान सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और आम नागरिक हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे, जिससे पूरा क्षेत्र &#039;भारत माता की जय&#039; के नारों से गुंजायमान हो उठा।

तिरंगा यात्रा की शुरुआत बोदरी नगर पालिका परिषद से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। सबसे पहले गुरु घासीदास जी के स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया गया, जिसके बाद छत्तीसगढ़ के निर्माता एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। यात्रा मार्ग में जगह-जगह नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर और तिरंगा लहराकर यात्रा का भव्य स्वागत किया। यह यात्रा बोदरी ग्राम से शुरू होकर धमनी, नगरीडीह, हरदी कला, बसिया, कोरमी, वन्नक डीह होते हुए तिफरा तक पहुँची।

इस अवसर पर धरमलाल कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि 15 अगस्त के पावन अवसर पर देश का हर नागरिक गर्व के साथ अपने घर पर तिरंगा फहराए। उन्होंने कहा, *&quot;तिरंगा केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह हमारे शहीदों के बलिदान, एकता और अखंडता का प्रतीक है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति का भाव जगाना है।&quot;*

यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्री कौशिक ने ग्रामीणों से संवाद किया और उन्हें तिरंगा वितरित किया। इस दौरान महिलाओं, युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। कई स्थानों पर स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर माहौल को राष्ट्रभक्ति के रंगों से भर दिया।

यात्रा का समापन यदुनंदन नगर तिफरा में एक विशाल आमसभा के साथ हुआ। यहाँ मुख्य अतिथि के रूप में श्री कौशिक ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी और उपस्थित जनसमूह को देश सेवा की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी वीरों की माटी है और बोदरी से तिफरा तक लोगों का यह उत्साह साबित करता है कि देशभक्ति की भावना हर नागरिक के दिल में बसी है।

उन्होंने सभी से अपील की कि 15 अगस्त तक अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा अवश्य लगाएं और सोशल मीडिया पर अपनी फोटो साझा करें। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, पार्षदगण, मंडल अध्यक्ष, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

---

## सरगाँव: बूथ सशक्तिकरण व तिरंगा यात्रा को लेकर बनी संगठनात्मक योजना

**सरगाँव।** भारतीय जनता पार्टी मंडल की संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन को बूथ स्तर पर और अधिक मजबूत, सक्रिय एवं प्रभावी बनाने तथा आगामी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संचालित करने की रणनीति तैयार की गई।

बैठक में जिला प्रभारी ज्योति नंद दुबे, मंडल प्रभारी सोम वैष्णव, मंडल सह-प्रभारी कोटूमल दादवानी, जिला महामंत्री कैलाश सिंह ठाकुर, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नरेंद्र शर्मा एवं मंडल अध्यक्ष पोषण यादव, पंकज वर्मा, अनिल दुबे, घनश्याम राजपूत, मनजीत सिंह, हुप अंबालिका साहू, शक्ति केंद्र प्रभारी, संयोजक, सह-संयोजक सहित समस्त मोर्चों के अध्यक्ष, महामंत्री और निर्वाचित जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

बैठक में वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया गया। विशेष रूप से आगामी शक्ति केंद्र एवं बूथ स्तरीय बैठकों, तिरंगा यात्रा तथा &#039;हर घर तिरंगा&#039; अभियान को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:12:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>Karan Aadle</dc:creator>
<media:keywords>हर घर तिरंगा अभियान</media:keywords>
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<title>सेंट जेवियर्स हाई स्कूल भरनी में अलंकरण समारोह संपन्न, छात्र परिषद ने संभाली नेतृत्व की जिम्मेदारी</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, भरनी में मंगलवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए वार्षिक अलंकरण समारोह का आयोजन विद्यालय सभागार में उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया। समारोह में विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लायंस क्लब बिलासपुर की अध्यक्ष श्रीमती अश्विनी यादव तथा विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीमती अर्चना तिवारी थीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान की देवी मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. जी.एस. पटनायक, निदेशक सुश्री लेखाश्री, प्रबंध समिति सदस्य सुश्री दिव्याश्री, सीईओ एवं प्राचार्य डॉ. बी.बी. महाता, उपप्राचार्य श्री दिनेश विष्ट तथा प्रधान पाठिका श्रीमती नैंसी पारेख सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
समारोह का मुख्य आकर्षण नवगठित छात्र परिषद का अलंकरण रहा। मुख्य अतिथियों ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बैज एवं ध्वज प्रदान कर उन्हें विद्यालय की गरिमा बनाए रखने, अनुशासन, नेतृत्व और सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शपथ दिलाई। इस वर्ष सेम अंबस्थ को हेड बॉय तथा अनन्या शुक्ला को हेड गर्ल चुना गया। इसके अलावा विभिन्न क्लबों, हाउसों एवं छात्रावास की छात्र परिषद के पदाधिकारियों को भी सम्मानित कर जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
मुख्य अतिथि श्रीमती अश्विनी यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नेतृत्व का अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने साथियों के लिए प्रेरणा बनना और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना है। वहीं प्राचार्य डॉ. बी.बी. महाता ने कहा कि अलंकरण समारोह विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम का समापन उपप्राचार्य श्री दिनेश विष्ट के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके पश्चात लायंस क्लब के सदस्यों एवं विद्यालय परिवार ने परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 04 Aug 2026 18:41:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Rakesh Mishra</dc:creator>
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<title>पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी विद्यालय दाऊपारा, मुंगेली के  प्राचार्य डॉ.आई.पी.यादव के सेवानिवृत्ति पर किया गया विदाई कार्यक्रम का आयोजन.</title>
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<description><![CDATA[ लोकेशन -  मुंगेली 

(रिपोर्टर - ओमनारायण तिवारी बिलासपुर)

 -  पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी विद्यालय दाऊपारा, मुंगेली के 
प्राचार्य डॉ.आई.पी.यादव के सेवानिवृत्ति पर किया गया विदाई कार्यक्रम का आयोजन.

 -  पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी विद्यालय दाऊपारा, मुंगेली के प्राचार्य डॉ. पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी विद्यालय दाऊपारा, मुंगेली के 
प्राचार्य डॉ.आई.पी.यादव के सेवानिवृत्ति पर किया गया विदाई कार्यक्रम का आयोजन.
आई.पी. यादव के 62 वर्ष की अर्धवार्षिकी आयु 31 मई 2026 को 39 वर्ष पूर्ण करने के उपरांत, आज दिनांक 01 जून 2026 को विद्यालय एवं संकुल परिवार द्वारा एमडीएम हॉल में सेवानिवृत्ति सम्मान सह विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत के साथ हुआ।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए सर्वप्रथम व्याख्याता सांत्वना दत्ता ने डॉ.यादव के सम्मान में अभिनंदन पत्र का वाचन किया। जिसके पश्चात उपस्थित अधिकारियों, एसएमडीसी अध्यक्ष और संकुल के शैक्षिक समन्वयक व प्रधान पाठकों द्वारा निवर्तमान प्राचार्य डॉ.यादव को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं उपहार भेंट कर उनके दीर्घकालीन एवं प्रशंसनीय सेवाकाल के लिए सम्मान किया गया।

इस दौरान उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने डॉ. यादव की उत्कृष्ट कार्यकुशलता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं समन्वय और शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न पदों पर उनके सफल योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उनके द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों को रेखांकित किया। सम्मान से अभिभूत होकर डॉ. यादव ने अपने उद्बोधन में सभी वक्ताओं व सहयोगियों के प्रति सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया और अपने लंबे, गौरवशाली सेवाकाल के प्रेरणादायक अनुभवों को साझा करते हुए विद्यालय की निरंतर प्रगति की कामना की।

कार्यक्रम के अंत में प्रभारी प्राचार्य महादेव यादव ने गरिमामयी उपस्थिति के लिए सभी का आभार प्रदर्शन करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित जिला मिशन समन्वयक अशोक सोनी, सहायक जिला क्रीडा अधिकारी विजय वर्मा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुंगेली जितेंद्र कुमार बावरे, बीआरसी सूर्यकांत उपाध्याय, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष रामशरण यादव तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुंगेली के प्राचार्य कृष्ण कुमार नवरंग, व्याख्याता पारूल ओझा, सीएसी नेमीचंद भास्कर, पू.मा.शाला रामगढ़ प्रधान पाठक आनंद शर्मा, प्र.पा.प्रा.शा.खैरवार दिनेश निर्मलकर, लुकेश्वर ध्रुव ने डॉ. यादव के कार्यकाल को याद करते हुए सुखद, स्वस्थ, दीर्घायु एवं उज्जवल भावी जीवन की शुभकामनाएं दी।

इस गरिमामय विदाई समारोह को सफल बनाने में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संतोष मिश्रा, शत्रुहन कुलमित्र, अनिल कुमार डागौर, पूनम शर्मा, एसएमडीसी सदस्य ममता पाटले, पालक-शिक्षक संघ अध्यक्ष अरविंद सिंह राजपूत, व्याख्याता पंकज मिश्रा, रश्मि पाण्डेय, वंदिता गुप्ता, सविता देवांगन, रूही फातिमा, पुष्पांजली कोशले, संध्या कुजूर, दीपांजली सोनी, शबनम बानो, राहुल वर्मा, उमाशंकर साहू, हरिशंकर गुप्ता, दिलेश्वरी मरावी, रंजीता केंवट, शिक्षक वीर सिंह सिकंदर, ललिता प्रसाद पाटले, नर्मदा साहू, साकेत शुक्ला, पीटीआई राजेंद्र प्रसाद साहू, दुर्गेश देवांगन, डुलेश गबेल, नवीन कुमार, राहुल यादव, यीतेश्वरी, बंशीलाल कुम्हार, राकेश साहू सहित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद विद्यालय एवं संकुल के समस्त प्रधानपाठकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों की सहभागिता एवं उपस्थिति रही। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 02 Jun 2026 10:28:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>Om  Tiwari</dc:creator>
<media:keywords>पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी विद्यालय दाऊपारा, मुंगेली</media:keywords>
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<title>नारायणा ई&#45;टेक्नो स्कूल देशभर में विवादों में: बिलासपुर में CBSE मान्यता से पहले वसूली, RTE नियमों की खुली अनदेखी</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर। शहर के निजी शिक्षा क्षेत्र में तेजी से उभरे Narayana e-Techno School अब गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है। स्कूल की स्थापना को लगभग एक वर्ष ही हुआ है, लेकिन शुरुआत से ही इस पर मान्यता, फीस वसूली और शिक्षा अधिकार कानून के उल्लंघन जैसे आरोप लगते रहे हैं।
** CBSE मान्यता से पहले ही एडमिशन और वसूली का आरोप
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल ने CBSE पैटर्न और ब्रांड का हवाला देकर एडमिशन लिया, जबकि उस समय स्कूल के पास औपचारिक CBSE मान्यता नहीं थी।
**सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि:
 लगभग एक साल बाद ही CBSE मान्यता प्राप्त हुई,
 जिसे स्वयं स्कूल प्रबंधन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया।
**अभिभावकों का कहना है:
“अगर हमें पहले पता होता कि स्कूल को CBSE मान्यता नहीं है, तो हम अपने बच्चों का एडमिशन यहां नहीं कराते।”
 इसका सीधा मतलब यह निकलता है कि
पूरे एक साल तक अभिभावकों से कथित रूप से भ्रामक जानकारी देकर लाखों रुपये वसूले गए।
** “CBSE के नाम पर वसूली” – वित्तीय अनियमितता की आशंका
आरोप यह भी है कि:
बिना वैध मान्यता के स्कूल संचालन किया गया
CBSE स्कूल के नाम पर मोटी फीस वसूली गई
सोसाइटी पंजीयन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं
 इससे दस्तावेजी हेरफेर और वित्तीय दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है।
** RTE Act 2009 का उल्लंघन? 25% आरक्षण पर सवाल
Right to Education Act 2009 के तहत:
** निजी स्कूलों में 25% सीटें कमजोर और वंचित वर्ग (EWS) के बच्चों के लिए अनिवार्य हैं
लेकिन अभिभावकों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि:
अब तक एक भी बच्चे को इस योजना का लाभ नहीं दिया गया
गरीब और स्थानीय परिवारों के लिए प्रवेश के अवसर नहीं बनाए गए
** यदि यह सही पाया जाता है, तो यह सीधे तौर पर कानूनी उल्लंघन माना जाएगा।
***देशभर में पहले भी विवादों में रहा है नारायणा ग्रुप
Narayana Group of Schools की विभिन्न शाखाओं में पहले भी कई गंभीर मामले सामने आ चुके हैं:
** प्रमुख मामले:-
लखनऊ: स्कूल स्टाफ के साथ मारपीट, FIR दर्ज
**इंदौर: किताब/यूनिफॉर्म जबरन खरीदवाने पर DEO की कार्रवाई
**नागपुर: मान्यता को लेकर जांच
**लातूर: नियम उल्लंघन पर लाखों का जुर्माना
** इन घटनाओं से यह सवाल उठ रहा है कि:
क्या बिलासपुर का मामला भी उसी पैटर्न का हिस्सा है?
 स्थानीय स्तर पर बढ़ता आक्रोश
बिलासपुर में अभिभावकों के बीच नाराजगी देखने को मिली ।
कई लोगों का कहना है कि:
शिक्षा के नाम पर “व्यवसाय” हावी हो रहा है
पारदर्शिता की कमी है
प्रशासन को तत्काल जांच करनी चाहिए
**प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने मांग की है कि:
स्कूल की मान्यता और दस्तावेजों की जांच हो
फीस वसूली की ऑडिट जांच की जाए
RTE के तहत 25% आरक्षण लागू कराया जाए
दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई हो
** स्कूल प्रबंधन का पक्ष (अपेक्षित)
इस मामले में स्कूल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
हालांकि, प्रबंधन द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में CBSE मान्यता बाद में मिलने की बात स्वीकार करने की चर्चा है।
 देखा जा रहा है कि बिलासपुर का यह मामला सिर्फ एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि
 पूरे निजी शिक्षा सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
चूंकि आरोप सही साबित हो चुका हैं, तो यह अभिभावकों के साथ विश्वासघात और कानून का उल्लंघन दोनों माना चाहिए और प्रशासन को इस मामले पर स्कूल प्रबंधन पर संज्ञान लेना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 02 Apr 2026 12:10:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>SURESH KHARE</dc:creator>
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<title>CBSE के नाम पर ठगी? बिलासपुर के Narayana e&#45;Techno School पर गंभीर आरोप, एक साल तक बिना मान्यता वसूली! स्कूल प्रबंधन ने किया स्वीकार</title>
<link>https://worldone.news/5637</link>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर।
शहर के निजी शिक्षा क्षेत्र में तेजी से उभरे Narayana e-Techno School अब गंभीर विवादों में घिर गया है। स्कूल की स्थापना को अभी लगभग एक वर्ष ही हुआ है, लेकिन शुरुआत से ही इस पर मान्यता, फीस वसूली और शिक्षा नियमों के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगते रहे हैं।इसमें
 CBSE मान्यता से पहले ही एडमिशन और वसूली!का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने CBSE पैटर्न और ब्रांड का हवाला देकर बड़े पैमाने पर एडमिशन लिए, जबकि उस समय स्कूल के पास औपचारिक CBSE मान्यता नहीं थी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि:
स्कूल को पूरे एक सत्र के बाद CBSE मान्यता मिली । वही स्कूल के खिलाफ लगातार चल रहे खबरों से घबराकर स्कूल प्रबंधन ने आनन फानन में पत्रकारों को मानमनोव्वल करने प्रेसवार्ता किया ।इस तथ्य को खुद स्कूल प्रबंधन ने प्रेस वार्ता में स्वीकार किया ।उन्होंने पत्रकारों को स्वंय बतलाया कि अभी CBSE की मान्यता मिल गई हैं ।
वही नाराज अभिभावकों का कहना है:
“अगर हमें पहले पता होता कि स्कूल को CBSE मान्यता नहीं है, तो हम अपने बच्चों का एडमिशन यहां नहीं कराते।”
इससे यह संकेत मिलता है कि एक साल तक अभिभावकों को कथित रूप से भ्रमित कर लाखों रुपये की वसूली की गई। आरोपों के अनुसार:
बिना वैध मान्यता के स्कूल संचालन किया गया
CBSE स्कूल बताकर मोटी फीस वसूली गई
सोसाइटी पंजीयन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी देखी गई एवं
दस्तावेजी हेरफेर और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका 
⚖️ कानूनी सवाल: क्या हो सकती है कार्रवाई?
अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो स्कूल प्रबंधन पर:
धोखाधड़ी (IPC 420) का मामला दर्ज हो सकता है ,इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक शिक्षा विभाग और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। अभिभावक अब इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।देखा गया कि
CBSE का नाम बिना मान्यता के एक साल तक वसूली की गई है, तो यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि सीधा अभिभावकों के विश्वास के साथ खिलवाड़ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 16:52:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>SURESH KHARE</dc:creator>
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<title>नारायणा स्कूल पर भ्रामक प्रचार का मामला: प्रबंधन ने दी सफाई, DEO जांच में मिली क्लीन चिट</title>
<link>https://worldone.news/5612</link>
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<description><![CDATA[ नारायणा स्कूल पर भ्रामक प्रचार का मामला: प्रबंधन ने दी सफाई, DEO जांच में मिली क्लीन चिट
 बिलासपुर।
सोशल मीडिया पर नारायणा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों के बीच स्कूल प्रबंधन ने सामने आकर अपना आधिकारिक पक्ष रखा है। प्राचार्य प्रभात चंद्र झा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि संस्थान सभी शासकीय नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन कर रहा है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा की गई जांच में स्कूल को क्लीन चिट मिल चुकी है। जांच रिपोर्ट में यह पुष्टि की गई है कि संस्थान नियमों के अनुरूप संचालित हो रहा है।
 8वीं तक बोर्ड मान्यता जरूरी नहीं
प्राचार्य झा ने कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि शिक्षा नियमों के अनुसार कक्षा 8वीं तक स्कूल संचालन राज्य शिक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस स्तर तक किसी भी बोर्ड (जैसे CBSE या राज्य बोर्ड) से संबद्धता अनिवार्य नहीं होती।
उन्होंने बताया कि बोर्ड से संबद्धता कक्षा 9वीं से आगे के लिए जरूरी होती है, और स्कूल को आगामी सत्र के लिए CBSE से कक्षा 9 में प्रवेश की अनुमति प्राप्त हो चुकी है।
 5वीं-8वीं में ‘बोर्ड परीक्षा’ का भ्रम
स्कूल प्रबंधन ने 5वीं और 8वीं की परीक्षा को लेकर फैल रही गलतफहमियों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि इन कक्षाओं में कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होती, बल्कि यह राज्य शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित केंद्रीकृत परीक्षा होती है। स्कूल में आयोजित सभी परीक्षाएं शासन और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही कराई जा रही हैं।
अभिभावकों की सहमति से निर्णय
प्राचार्य ने बताया कि स्कूल ने सभी निर्णय पारदर्शिता के साथ लिए हैं। अभिभावकों को समय-समय पर पूरी जानकारी दी गई और उनकी सहमति के बाद ही आगे की प्रक्रिया अपनाई गई।
 ऑनलाइन सत्यापन की सुविधा
प्रबंधन ने कहा कि स्कूल का UDISE कोड, मान्यता क्रमांक और CBSE से जुड़ी जानकारी सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध है। कोई भी व्यक्ति इन्हें ऑनलाइन सत्यापित कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि नारायणा ग्रुप पिछले 47 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है और राष्ट्रीय मानकों का पालन करता आ रहा है।
 अफवाहों से दूर रहने की अपील
अंत में प्राचार्य प्रभात चंद्र झा ने मीडिया और अभिभावकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की जांच अवश्य करें।
 निष्कर्ष:
नारायणा स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि संस्थान पूरी तरह नियमों के अनुरूप संचालित है और DEO जांच में मिली क्लीन चिट के बाद अफवाहों पर विराम लगना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Mar 2026 15:23:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>SURESH KHARE</dc:creator>
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