अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़ा: संख्या 18 के पार
अचानकमार में बाघों की संख्या में बड़ा इजाफा बिलासपुर स्थित अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। करीब दो साल पहले जहां रिजर्व में बाघों की संख्या 5 से 6 के आसपास थी, वहीं वर्ष 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 18 से अधिक हो चुका है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया (WWF India) और छत्तीसगढ़ वन विभाग के संयुक्त आकलन में भी स्थिति में बड़ा सुधार दर्ज किया गया है। बांधवगढ़ और कान्हा से भी पहुंचे बाघ वर्ष 2023-24 के कैमरा ट्रैप सर्वेक्षण में करीब 10 बाघ दर्ज हुए थे, जिनमें कुछ बाघ बांधवगढ़ और कान्हा टाइगर रिजर्व से आए थे। बांधवगढ़ से एटीआर पहुंची एक बाघिन अब तक चार शावकों को जन्म दे चुकी है। प्रबंधन के अनुसार बाघों और बाघिनों की नंबरिंग की जा चुकी है और ट्रैप कैमरों में सभी की तस्वीरें कैद हुई हैं। लमनी, छपरवा और अचानकमार रेंज में इनका मूवमेंट लगातार बना हुआ है। एक माह में 72 वन्यजीवों का शिकार एटीआर के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में बाघों ने 72 जंगली जानवरों का शिकार किया है। इनमें जंगल के वन्यजीवों के साथ ग्रामीणों द्वारा छोड़े गए कुछ मवेशी भी शामिल हैं। हाल ही में बफर जोन में करील व पिहरी लेने गए एक युवक पर मादा बाघ व उसके शावक के हमले की घटना भी सामने आई थी। 24 घंटे पेट्रोलिंग और ट्रैप कैमरों से सख्त निगरानी एटीआर के डिप्टी डायरेक्टर दिनेश कुमार पटेल के अनुसार, जंगल का माहौल वन्यजीवों के अनुकूल है। बाघों और वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए कोर और बफर जोन में 24 घंटे पेट्रोलिंग स्टाफ तैनात किया गया है। साथ ही ट्रैप कैमरों से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने व सतर्क रहने को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
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