धमतरी में बारिश बनी काल: उफनते नाले में बहने से दो मासूमों की मौत,
जिले में जारी भारी बारिश के बीच खुले नालों और उफनते पानी के तेज बहाव ने दो मासूमों की जान ले ली। महज 48 घंटे के भीतर घटी दो अलग-अलग घटनाओं से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। सोरिद वार्ड में खुले नाले में बहे 7 वर्षीय लक्ष्य साहू का शव 24 घंटे की मशक्कत के बाद बरामद किया गया, वहीं शनिवार से लापता 14 वर्षीय छात्रा तराना निषाद का शव तीन दिनों की तलाश के बाद मंगलवार को महानदी के टापू से बरामद हुआ। बाढ़ देखने गई छात्रा नाले में फिसली, महानदी में मिला शव मेघा निवासी उदे राम निषाद की 14 वर्षीय पुत्री तराना निषाद शनिवार को महानदी में आई बाढ़ देखने गई थी। इसी दौरान मातारानी पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे बने नाले में तेज बहाव की चपेट में आने से उसका पैर फिसल गया और वह बह गई। प्रशासन, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने लगातार तीन दिनों तक खोजबीन की। मंगलवार को मगरलोड ब्लॉक के ग्राम सौंगा और परखंदा के बीच महानदी के एक टापू पर ग्रामीणों ने शव फंसा देखा। सूचना पर पहुंची मगरलोड पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जहां परिजनों ने उसकी शिनाख्त तराना के रूप में की। खेलते समय नाले में समा गया था 7 साल का लक्ष्य इससे पहले रविवार शाम सोरिद भरीपारा निवासी गौतम साहू का 7 वर्षीय पुत्र लक्ष्य साहू खेलते वक्त खुले नाले में गिरकर तेज बहाव में बह गया था। हादसे से आक्रोशित नागरिकों ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया था। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन तेज करते हुए पुलिया को तुड़वाया। सोमवार शाम करीब 5:30 बजे पुलिया के चौथे पाइप के भीतर से मासूम लक्ष्य का शव बरामद किया गया। सुरक्षा इंतजामों पर फूटा स्थानीय लोगों का गुस्सा लगातार दो बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नागरिकों में गहरा आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि: बारिश के दौरान खुले नालों, संवेदनशील पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले स्थानों पर न तो बैरिकेडिंग है और न ही चेतावनी बोर्ड। रिहायशी इलाकों के नालों में सुरक्षा जालियां (ग्रिल) नहीं होने के कारण हर साल मासूमों की जान जोखिम में पड़ती है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले भर में ऐसे तमाम संवेदनशील व खतरनाक जलभराव वाले स्थलों को चिन्हित कर तुरंत सुरक्षा जालियां, रेलिंग और बैरिकेड्स लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
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