श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बेलगहना आश्रम में गूंजा भक्ति और गुरु-तत्त्व का जयघोष श्री श्री 108 स्वामी शिवानंद जी महाराज के अवतरण दिवस पर विशेष आयोजन, मध्यरात्रि में विधिवत पूजन, मंगल आरती और 56 भोग
बेलगहना। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं श्री श्री 108 श्री स्वामी शिवानंद जी महाराज के अवतरण दिवस के पावन अवसर पर श्री सिद्ध बाबा अद्वैत परमहंस आश्रम, बेलगहना में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। आश्रम परिसर पूरे दिन भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, गुरु-चरणों के प्रति श्रद्धा और सनातन संस्कारों की दिव्य चेतना से सराबोर रहा। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन में सहभागिता कर भगवान श्रीकृष्ण एवं सद्गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण का अवतार धर्म की स्थापना, अधर्म के विनाश तथा मानव जीवन को सत्य, प्रेम, करुणा और कर्तव्य के मार्ग पर प्रेरित करने का संदेश देता है। श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म, ज्ञान और भक्ति का महान संदेश मानव समाज को दिया। गुरु-परंपरा और स्वामी शिवानंद जी महाराज का अवतरण दिवस इसी पावन तिथि पर श्री श्री 108 श्री स्वामी शिवानंद जी महाराज का अवतरण दिवस भी श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ मनाया गया। सनातन परंपरा के परमहंस घराने से जुड़े स्वामी सदानंद महाराज परमहंस के कृपापात्र शिष्य स्वामी शिवानंद जी महाराज ने बचपन से ही त्याग, तपस्या और गुरुसेवा को अपने जीवन का आधार बनाया। शिक्षा-दीक्षा एवं संगीत का अध्ययन भी उन्होंने स्वामी सदानंद महाराज के सानिध्य में प्राप्त किया। 36 आश्रमों के संचालन एवं मार्गदर्शन की जिम्मेदारी गुरु-परंपरा के धर्मध्वज को आगे बढ़ाते हुए स्वामी शिवानंद जी महाराज सत्य, समता, सद्भावना, सेवा और मानव कल्याण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने में निरंतर जुटे हुए हैं। आश्रम से मिली जानकारी के अनुसार उनके मार्गदर्शन एवं देखरेख में बेलगहना सहित मध्य प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर और विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में स्थित कुल 36 आश्रमों का संचालन एवं मार्गदर्शन किया जा रहा है। इन आश्रमों के माध्यम से आध्यात्मिक साधना, गुरु-भक्ति, सनातन संस्कार, सेवा, सदाचार एवं मानव कल्याण की भावना को समाज तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। रात्रि 12 बजे हुआ विधिवत पूजन और मंगल आरती जन्माष्टमी की मध्यरात्रि 12 बजे आश्रम में श्री सिद्ध बाबा जी, भगवान श्रीकृष्ण एवं श्री गुरुदेव भगवान का विधिवत पूजन किया गया। दीप प्रज्वलित कर मंगल आरती संपन्न हुई। मध्यरात्रि की पावन बेला में जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का क्षण आया, पूरा आश्रम परिसर जयघोष और नाम-स्मरण से गूंज उठा। इस अवसर पर श्री गुरुदेव भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना एवं आरती में हिस्सा लिया। बाल सखाओं ने मटकी फोड़कर मनाया जन्मोत्सव जन्माष्टमी के उल्लास को और जीवंत बनाने के लिए बाल सखाओं द्वारा मटकी फोड़ कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक मटकी फोड़कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं। संगीत और भक्ति के बीच बाल सखाओं की उमंग ने पूरे आयोजन में विशेष आकर्षण जोड़ दिया। श्रद्धालु भी इस मनोहारी दृश्य का आनंद लेते नजर आए। भक्ति, गुरु-श्रद्धा और सनातन संस्कृति का संदेश श्री सिद्ध बाबा अद्वैत परमहंस आश्रम, बेलगहना में आयोजित यह पर्व केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, सद्गुरु-तत्त्व के प्रति श्रद्धा, गुरु-परंपरा के प्रति समर्पण और सनातन संस्कारों के संरक्षण का विशेष अवसर बना। भगवान श्रीकृष्ण जहां जीवन में धर्म, कर्म और प्रेम का मार्ग दिखाते हैं, वहीं सद्गुरु उस मार्ग को जीवन में उतारने की प्रेरणा और दृष्टि प्रदान करते हैं। इसी भावना के साथ श्रद्धालुओं ने सद्गुरुदेव भगवान के श्रीचरणों में श्रद्धा अर्पित की। आयोजन के दौरान परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-शांति तथा सर्वजन कल्याण की मंगलकामना की गई। श्रद्धालुओं ने प्रार्थना की कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा एवं सद्गुरुदेव भगवान के आशीर्वाद से प्रत्येक हृदय में भक्ति, प्रेम, ज्ञान, शांति और सद्भाव का प्रकाश निरंतर बना रहे। अंत में प्रबंध समिति एवं आश्रम परिवार ने आयोजन में उपस्थित सभी श्रद्धालु भक्तों के प्रति सेवा, सहयोग और सहभागिता के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।
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