पहले से दी थी शराब पीने की जानकारी, फिर भी क्लेम खारिज करने पर इंश्योरेंस कंपनी पर ₹50 लाख का जुर्माना
1. उपभोक्ता आयोग का कड़ा फैसला नागपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने एडलवाइज टोकियो लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की मनमानी पर रोक लगाते हुए शिकायतकर्ता महिला के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी को ₹50 लाख का बीमा क्लेम 9% सालाना ब्याज (30 सितंबर 2023 से) के साथ चुकाने का आदेश दिया। इसके अलावा मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना के लिए ₹10,000 और कानूनी खर्च के रूप में ₹10,000 अतिरिक्त देने के निर्देश दिए। 2. पूरा मामला क्या था? मृतक ने अप्रैल 2021 में ₹50 लाख की जीवन बीमा पॉलिसी ली थी। जनवरी 2023 में उनकी आकस्मिक मृत्यु हो गई। पत्नी द्वारा क्लेम करने पर कंपनी ने पॉलिसी रद्द कर दी और केवल ₹18,713 का प्रीमियम रिफंड कर क्लेम देने से मना कर दिया। 3. इंश्योरेंस कंपनी की दलील कंपनी ने दावा किया कि मृतक ने पॉलिसी लेते समय अपनी पुरानी शराब पीने की लत, डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों की जानकारी छिपाई थी। 4. दस्तावेजों ने खोली कंपनी की पोल मेडिकल फॉर्म में दर्ज थी बात: 20 मई 2021 को भरे गए आधिकारिक मेडिकल फॉर्म में बीमित व्यक्ति ने साफ लिखा था कि वह पिछले 15 वर्षों से महीने में दो बार लगभग 90 मिलीलीटर व्हिस्की पीते हैं। पैनल डॉक्टर की जांच: पॉलिसी जारी होने से पहले कंपनी के पैनल डॉक्टर द्वारा किए गए मेडिकल परीक्षण में भी हाइपरटेंशन या डायबिटीज का कोई जिक्र नहीं था। 5. आयोग की मुख्य टिप्पणी आयोग ने स्पष्ट किया कि जब शराब के सेवन का ब्योरा पॉलिसी जारी होने से पहले ही कंपनी के रिकॉर्ड में था, तो उसी आधार पर क्लेम खारिज करना पूरी तरह अनुचित है। लाइफस्टाइल से जुड़ी सामान्य समस्याओं को आधार बनाकर वास्तविक क्लेम को खारिज नहीं किया जा सकता।
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