मोबाइल की तरह स्वयं को भी रोज करें चार्ज, मेडिटेशन से बढ़ेगी आंतरिक शक्ति : मंजू दीदी

बिलासपुर, 10 अक्टूबर 2026। जिस प्रकार मोबाइल को सुचारू रूप से चलाने के लिए नियमित चार्ज करना जरूरी है, उसी प्रकार स्वयं को तनावमुक्त और शक्तिशाली बनाए रखने के लिए प्रतिदिन मेडिटेशन करना आवश्यक है। यह प्रेरणादायी संदेश ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने एसईसीएल के मानव संसाधन विकास संस्थान में नव-चयनित सुरक्षा प्रहरियों को दिया। 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के 25वें दिन आयोजित विशेष सत्र में उन्होंने प्रशिक्षुओं को सकारात्मक जीवनशैली, मानसिक संतुलन और आत्मिक सशक्तिकरण के सूत्र बताए। मंजू दीदी ने कहा कि सुरक्षा प्रहरियों का कार्य जिम्मेदारी और सतर्कता से जुड़ा होता है। ऐसे में शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ मानसिक शांति और एकाग्रता भी जरूरी है। प्रतिदिन 10 से 15 मिनट राजयोग मेडिटेशन के लिए निकालकर परमात्मा से मन का संबंध जोड़ने से आंतरिक शक्ति बढ़ती है और तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी स्वयं को संतुलित रखने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि शांति, प्रेम और खुशी आत्मा के मूल गुण हैं, जिन्हें सकारात्मक चिंतन और आध्यात्मिक अभ्यास से जीवन में अनुभव किया जा सकता है। राजयोग मेडिटेशन से तनावमुक्ति के बताए सूत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुरुआती सत्रों में बीके गायत्री दीदी ने राजयोग मेडिटेशन की विधि, सकारात्मक चिंतन, योग, कर्म सिद्धांत, तनावमुक्ति, प्राणायाम, योग निद्रा और अष्टशक्तियों सहित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन किया। इन सत्रों के माध्यम से उन्हें विचारों पर नियंत्रण, मानसिक शांति और अनुशासित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी गई। मंजू दीदी ने प्रशिक्षुओं को सभी के प्रति सम्मानपूर्ण व्यवहार रखने और अनुशासित जीवन जीने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम के आयोजन एवं प्रशिक्षुओं तक आध्यात्मिक संदेश पहुंचाने का अवसर प्रदान करने के लिए मंजू दीदी ने एसईसीएल के सीएमडी श्री हरीश दुहन जी, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर दक्षिणामूर्ति मूर्ति, सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक कुमार सिंह व प्रधान सुरक्षा प्रहरी रवि मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में प्रशिक्षुओं को ईश्वरीय वरदान कार्ड प्रदान किए गए।

Oct 12, 2026 - 13:04
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