बिलासपुर नगर निगम में बड़ा घोटाला: खेल परिसर में फ्लड लाइट के नाम पर 70 लाख की गड़बड़ी, 500 वाट का बल्ब लगाकर 1000 वाट का वसूला बिल;
बिलासपुर:बिलासपुर नगर निगम एक बार फिर भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के घेरे में आ गया है। खेल परिसर मैदान में फ्लड लाइट लगाने के नाम पर लगभग 70 लाख रुपये की बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जोन क्रमांक 3 के कार्यपालन अभियंता प्रवीण शुक्ला और सहायक अभियंता भिमेंद्र गौतम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही रायपुर की ठेका कंपनी 'दीपक इलेक्ट्रिकल' के 30 लाख रुपये के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। 1.50 करोड़ का टेंडर और बल्ब का फर्जीवाड़ा:खेल परिसर मैदान में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए नगर निगम ने चारों कोनों पर 4 बड़े खंभे लगाकर प्रत्येक में 50-50 बल्ब (कुल 200 बल्ब) लगाने हेतु 1.50 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। यह काम रायपुर की दीपक इलेक्ट्रिकल को सौंपा गया। ठेकेदार द्वारा मैदान पर 500 वाट के बल्ब लगाए गए, जबकि बिल 1000 वाट के बल्ब का लगाकर निगम से पूरा भुगतान प्राप्त कर लिया गया। निगम की ओर से बिना किसी प्रारंभिक तकनीकी जांच के ठेकेदार को लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया था। जांच कमेटी की रिपोर्ट में खुलासा:नगर निगम के एमआईसी सदस्य और बिजली विभाग के प्रभारी विजय ताम्रकार द्वारा आयुक्त से लिखित शिकायत करने के बाद चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई। जांच में शिकायत पूरी तरह सही पाई गई और पोल पर 500 वाट के ही बल्ब लगे मिले। इसके अलावा, इलेक्ट्रिकल शेड्यूल ऑफ रेट्स (एसओआर) की दरें उपलब्ध होने के बावजूद नियम विरुद्ध नॉन-एसओआर दर पर खरीदी की गई, जिससे ठेकेदार को 26 लाख 72 हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान हुआ। इस बिंदु पर भी दोनों अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिन्होंने इसे महज लिपिकीय त्रुटि बताया है। जोन 7 का काम जोन 3 से कराने पर उठे सवाल:खेल परिसर क्षेत्र जोन क्रमांक 7 के अंतर्गत आता है, लेकिन टेंडर और भुगतान की पूरी प्रक्रिया जोन 7 या निगम मुख्यालय के बजाय जोन क्रमांक 3 से गोपनीय तरीके से निपटा दी गई। बिजली विभाग को भनक लगे बिना बिल पास करा लिया गया और अकाउंट विभाग में फाइल पहुंचने पर इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जिम्मेदारों के बयान:विजय ताम्रकार (एमआईसी सदस्य, बिजली विभाग): "मुझे अंधेरे में रखकर पूरी प्रक्रिया जोन 3 से की गई, जो नियम विरुद्ध है। जांच में गड़बड़ी प्रमाणित हो चुकी है; ठेकेदार के साथ ही संलिप्त अधिकारियों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।" पूजा विधानी (महापौर): "निगम अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। किस जोन का काम कहां भेजा जा रहा है, इसकी पूरी जानकारी एमआईसी सदस्यों व अधिकारियों से लेने के बाद ही ठोस कदम उठाया जाएगा।" प्रकाश कुमार सर्वे (निगम आयुक्त): "जोन 3 के कार्यपालन व सहायक अभियंता को नोटिस दिया गया था, जिनका जवाब प्राप्त हो चुका है। जवाब की गहन समीक्षा कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और फिलहाल ठेका कंपनी का भुगतान रोक दिया गया है।"
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