मॉल में पार्किंग वसूली पर उपभोक्ताओं की बड़ी जीत: राज्य उपभोक्ता आयोग ने अंबुजा मॉल की अपील की खारिज,
रायपुर (छत्तीसगढ़)। मॉल में पार्किंग शुल्क वसूली के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई में उपभोक्ताओं के हक में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अंबुजा सिटी सेंटर मॉल प्रबंधन की अपील को खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश को पूरी तरह बरकरार रखा है। इस फैसले के तहत मॉल में आने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था अनिवार्य रहेगी। अवैध पार्किंग वसूली अनुचित व्यापार व्यवहार मामले में परिवादी के तौर पर अधिवक्ता अंजिनेश अंजय शुक्ला ने स्वयं पैरवी की। उन्होंने विभिन्न न्यायिक नजीरों और उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का हवाला देते हुए दलील दी कि पार्किंग मॉल का एक अनिवार्य हिस्सा है। आयोग ने माना कि मॉल प्रबंधन जब पहले से ही दुकानों व प्रतिष्ठानों से सुरक्षा, बिजली, एस्केलेटर और रखरखाव (मेंटेनेंस) शुल्क लेता है, तो आम उपभोक्ताओं व कर्मचारियों से अलग से पार्किंग शुल्क वसूलना पूरी तरह 'अनुचित व्यापार व्यवहार' (Unfair Trade Practice) है। FASTag से वसूली पर भी उठे सवाल मामले में निजी व्यावसायिक परिसर के भीतर FASTag के जरिए स्वचालित तरीके से पार्किंग शुल्क काटने को लेकर भी गंभीर आपत्ति जताई गई थी। आयोग के इस रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि भवन निर्माण अनुमति (Building Permission) के तहत निर्धारित पार्किंग क्षेत्र को मॉल प्रबंधन अतिरिक्त कमाई का जरिया नहीं बना सकता। अन्य व्यावसायिक परिसरों पर भी पड़ेगा असर जिला उपभोक्ता आयोग ने 22 अप्रैल 2026 को दिए अपने आदेश में निशुल्क पार्किंग सुनिश्चित करने के साथ शिकायतकर्ता को मुआवजा और वाद व्यय देने का निर्देश दिया था। राज्य आयोग द्वारा मॉल प्रबंधन की अपील खारिज किए जाने के बाद यह आदेश पूरी तरह प्रभावी हो गया है। इस फैसले की नजीर से छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों के मॉल और बड़े कमर्शियल परिसरों में चल रही अवैध पार्किंग वसूली पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0


