BREAKING NEWS | जन्माष्टमी की छुट्टी में रेत माफिया का खेल! .....सरकारी छुट्टी बनी अवैध रेत कारोबारियों के लिए ‘गोल्डन चांस’! लोखड़ी पंचायत में आधी रात तक नदी से धड़ल्ले से रेत उत्खनन, सैकड़ों ट्रैक्टरों की लगी कतार
बिलासपुर। कृष्ण जन्माष्टमी की सरकारी छुट्टी का फायदा उठाकर ग्राम लोखड़ी पंचायत क्षेत्र में नदी से कथित अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि देर रात तक नदी और घाट में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर रेत भरने के लिए खड़े रहे और बेखौफ होकर रेत का परिवहन जारी रहा। मौके की तस्वीरें खुद पूरे हालात की कहानी बयां कर रही हैं। नदी घाट पर सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टरों की कतार नजर आ रही है। आरोप है कि नदी से बिना वैध अनुमति अथवा नियमों की अनदेखी करते हुए रेत निकाली जा रही है। ***सबसे बड़ा सवाल—खनिज विभाग कहां है?**** स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि खनिज विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद मौके पर कार्रवाई के लिए अधिकारी नहीं पहुंचे। इतना ही नहीं, विभाग की उड़नदस्ता टीम की गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकारी छुट्टी के दिन जब विभागीय गतिविधियां सीमित रहती हैं, उसी दौरान इतनी बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों का नदी घाट पर पहुंचना और देर रात तक रेत का परिवहन होना खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। *** सवालों के घेरे में पूरा सिस्टम!*** ***क्या सरकारी छुट्टी का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है? ***नदी घाट पर सैकड़ों ट्रैक्टर आखिर किसकी अनुमति से खड़े हैं? ***अगर विभाग को इसकी जानकारी थी तो तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई? ***मौके पर खनिज विभाग की टीम और उड़नदस्ता क्यों नहीं पहुंचा? ***क्या रेत कारोबारियों को कार्रवाई का कोई डर नहीं है? ***क्या विभाग का सूचना तंत्र विफल है या जानबूझकर कार्यवाही नहीं किया जा रहा है? मामला सिर्फ अवैध रेत उत्खनन का नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की कथित निष्क्रियता का भी है। अब देखना होगा कि तस्वीरें और शिकायत सामने आने के बाद खनिज विभाग मौके पर पहुंचकर जांच और कार्रवाई करता है या फिर यह पूरा मामला भी कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाता है।
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