एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड,
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया है। इस ऐतिहासिक स्वर्णिम विजय में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ग्राम केराकछार की रहने वाली स्टार रेडर संजू देवी (संजू यादव) ने अहम भूमिका निभाई। इस उपलब्धि पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संजू देवी से फोन पर आत्मीय बातचीत कर उन्हें जीत की बधाई दी और कहा कि उनकी इस सफलता से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित महसूस कर रहा है। साधारण परिवार से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का संघर्ष: 19 दिसंबर 2002 को जन्मी संजू एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आती हैं। उनके पिता रामजी यादव ड्राइवर व दैनिक मजदूर हैं, जबकि माता अमरिका बाई गृहिणी हैं। संजू ने पांचवीं कक्षा से अपने गांव के स्कूल से कबड्डी खेलना शुरू किया था। उनकी प्रतिभा को जिला कबड्डी संघ के कोच अनुज प्रताप सिंह ने तराशा। इसके बाद संजू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वर्तमान में वे बहतराई बालिका आवासीय खेल अकादमी, बिलासपुर में प्रशिक्षण ले रही हैं। खेल के साथ उन्होंने शासकीय महाविद्यालय कटघोरा से उच्च शिक्षा और आईटीआई की पढ़ाई भी पूरी की है। वर्ल्ड कप 2025 के बाद अब एशियन गेम्स में दिखाया दम: संजू देवी वर्ष 2025 में ढाका (बांग्लादेश) में आयोजित महिला कबड्डी विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम की भी प्रमुख सदस्य रही हैं। एशियन गेम्स 2026 में भी एक मुख्य रेडर के तौर पर उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने लीग मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 42-21 की जीत में निर्णायक अंक जुटाए और फिर सेमीफाइनल में नेपाल के खिलाफ 48-24 की एकतरफा जीत में लगातार सफल रेड कर भारत को फाइनल का टिकट दिलाया। मुख्यमंत्री ने सराहा संघर्ष और प्रतिभा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कोरबा के एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना संजू की कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के ग्रामीण व आदिवासी अंचल के युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगी।
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