शक्कर का इथेनॉल में रूपांतरण: शक्कर की कमी का सबसे बड़ा कारण है गन्ने से इथेनॉल बनाना।
**शक्कर की कीमतों में भारी उछाल: थोक और चिल्हर भाव** * **थोक भाव:** ₹63 प्रति किलोग्राम (नया स्टॉक ₹61 से ₹62 की दर पर आ रहा है)। * **चिल्हर (खुदरा) भाव:** ₹65 से ₹70 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। * **देशभर का हाल:** मिलों में चीनी की औसत कीमत ₹5,400 से ₹5,500 प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है, जो पिछले साल ₹3,900 प्रति क्विंटल थी। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार खुदरा कीमतों में 13% की सालाना बढ़ोतरी हुई है। **छत्तीसगढ़ में सप्लाई संकट के आंकड़े** * **रोजाना खपत/मांग:** 600 टन से अधिक। * **वर्तमान आवक:** केवल 400 टन (महाराष्ट्र और कर्नाटक से आवक घटने के कारण 35% तक सप्लाई प्रभावित)। * **प्रमुख बाजारों पर असर:** रायपुर के डुमरतराई थोक बाजार में जहां रोजाना 4 ट्रक (लगभग 100 टन) शक्कर आती थी, वहां केवल 2 से 3 ट्रक पहुंच रहे हैं। गुढ़ियारी, भनपुरी, भिलाई-दुर्ग, राजनांदगांव और बिलासपुर में भी माल की किल्लत बनी हुई है। **शक्कर संकट के मुख्य कारण** * **एथेनॉल निर्माण:** गन्ने का बड़ा हिस्सा एथेनॉल बनाने में उपयोग होना। * **कम पैदावार:** इस सीजन में गन्ने की फसल कम होने की आशंका। * **कम शुरुआती भंडार:** मिलों के पास पिछले सत्र का शुरुआती स्टॉक कम होना। **कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार के कदम** * **10 लाख टन शुल्क मुक्त आयात:** घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को थामने के लिए सरकार ने 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात (TRQ) को मंजूरी दी है। * **भंडारण सीमा (स्टॉक लिमिट):** हर महीने 10 टन से अधिक चीनी का उपयोग करने वाले बड़े उपभोक्ताओं पर स्टॉक सीमा लागू की गई है। वे अब अधिकतम 15 दिनों की खपत के बराबर ही चीनी का स्टॉक रख सकेंगे।
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