पुल निर्माण की मांग पर स्थल निरीक्षण कर परीक्षण कराने का दिया भरोसा
कोरबा - साल के घने जंगलों के बीच हल्की गर्म हवाओं के साथ पेड़ों से झरते पत्तों और दूर-दूर तक सूखे नजर आते खेतों को पार करते हुए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत जब आगे बढ़ रहे थे, तभी अचानक लबालब पानी और हरियाली से भरे खेतों का दृश्य सामने आया। इस मनोहारी दृश्य को देखकर न केवल उनकी गाड़ी रुकी, बल्कि हरियाली और सुकून से भरे इस वातावरण को देखकर उनकी नजरें भी कुछ पल के लिए ठहर गईं। गर्मी के मौसम में मक्का, मूंगफली और उड़द की लहलहाती फसल देखकर कलेक्टर ने स्वयं खेत तक जाने का निर्णय लिया। टेढ़े-मेढ़े रास्तों, धूल और कीचड़ की परवाह किए बिना वे खेत में उतरे और उन किसानों से संवाद किया, जिन्होंने पानी की उपलब्धता और अपनी मेहनत के दम पर गर्मी के मौसम में भी फसल लेकर सबका ध्यान आकर्षित किया है। कलेक्टर दुदावत ने कोरबा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम बरपाली के कलमीटिकरा में लबेद जलाशय से सिंचित क्षेत्र में किसानों द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के अंतर्गत किए जा रहे नवाचार और फसल उत्पादन का करीब से अवलोकन किया। उन्होंने मक्का, उड़द और मूंगफली की खेती कर रहे किसान टीकाराम राठिया और सहदेव राठिया से चर्चा कर उनकी खेती और शासन की योजनाओं से मिले लाभ की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि धान की फसल बेचने के बाद कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि 28 फरवरी को ही उनके खातों में प्राप्त हो गई है। यहाँ कृषि विभाग द्वारा खाद, बीज सहित अन्य आवश्यक सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों ने बताया कि पास में स्थित लबेद जलाशय से पर्याप्त पानी मिलने के कारण गर्मी के मौसम में भी फसल लेने में कोई विशेष परेशानी नहीं होती। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत मक्का, डीएमएफ से मूंगफली तथा दलहन आत्मनिर्भर योजना के तहत उड़द की खेती की जा रही है। कलेक्टर ने खेत में उतरकर फसलों का अवलोकन किया और किसानों को पपीता सहित अन्य लाभदायक फसलों की संभावनाओं पर भी ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि किसान चाहें तो इन फसलों की ओर भी आगे बढ़ सकते हैं और शासन-प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 5 हेक्टेयर में मक्का, 9 हेक्टेयर में उड़द तथा 21 हेक्टेयर में मूंगफली की खेती की जा रही है। इस दौरान किसानों ने विद्युत कटौती के कारण सिंचाई प्रभावित होने की शिकायत कलेक्टर से की। इस पर कलेक्टर ने तत्काल विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता को फोन कर समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कुछ किसानों ने खेतों तक विद्युत खंभे गिराने के बावजूद उन्हें खड़ा नहीं किए जाने की समस्या भी बताई, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने किसानों से फसल उत्पादन बढ़ाने तथा अन्य आवश्यक मार्गदर्शन के संबंध में भी जानकारी ली और कहा कि किसानों को जो भी तकनीकी मार्गदर्शन चाहिए, वह उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग तथा सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले,एसडीएम सरोज महिलांगे भी उपस्थित रहे। लबेद जलाशय में पुल निर्माण के लिए परीक्षण के निर्देश ग्राम कलमीटिकरा में किसानों ने कलेक्टर के समक्ष मांग रखी कि लबेद जलाशय के पास एक पुल का निर्माण आवश्यक है, जिससे किसानों को आवागमन में सुविधा मिल सके। किसानों के आग्रह पर कलेक्टर ने खेत की मेड़ों पर लगभग एक किलोमीटर से अधिक पैदल चलकर स्थल का निरीक्षण किया और जल संसाधन विभाग को पुल निर्माण की संभावनाओं का परीक्षण कराने के निर्देश दिए। मुढूनारा में ड्रिप सिंचाई से तरबूज की खेती का किया अवलोकन कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ग्राम मुढूनारा में किसान टीकाराम द्वारा लगभग 6 एकड़ में ड्रिप सिंचाई पद्धति से की जा रही तरबूज की खेती का भी अवलोकन किया। किसान ने बताया कि गांव के पांच किसान मिलकर वर्ष में तीन बार फसल लेते हैं, जिससे प्रत्येक किसान को लगभग एक लाख रुपये तक की आय हो जाती है। कलेक्टर ने किसानों को शकरकंद, पपीता सहित अन्य लाभदायक फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों को पॉलीहाउस और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की दिशा में भी आगे बढ़ने की सलाह दी तथा सिंचाई रकबा बढ़ाने और ड्रिप सिंचाई के विस्तार के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0


