राजीव गांधी शिक्षा मिशन घोटाला: ACB ने तत्कालीन DPO और ठेकेदार को किया गिरफ्तार, 12 फर्मों पर भी जांच की तलवार
**राजीव गांधी शिक्षा मिशन फर्नीचर घोटाला: ACB की बड़ी कार्रवाई, तत्कालीन DPO समेत 3 गिरफ्तार** राजीव गांधी शिक्षा मिशन में वर्ष 2011-12 के दौरान हुए बहुचर्चित करोड़ों रुपये के फर्नीचर घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ा एक्शन लिया है। लंबे समय से चल रही जांच और साक्ष्यों के आधार पर ACB ने तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) एसपी पाण्डेय और दर्शन फेब्रिकेशन फर्म के संचालक संजय पटेल सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। करीब डेढ़ दशक पुराने इस मामले में हुई इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग और संबंधित ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। **मामले के मुख्य बिंदु:** * **करोड़ों की अनियमितता:** वर्ष 2011-12 में स्कूलों के लिए फर्नीचर खरीदी के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई थी। इस मामले में विभाग के 6 से 7 तत्कालीन अधिकारियों और करीब 12 सप्लायर फर्मों की भूमिका जांच के घेरे में रही है। * **दस्तावेजों की जब्ती से खुला राज:** लगभग दो महीने पहले ACB की टीम ने मिशन के दफ्तर में दबिश देकर फर्नीचर खरीदी से जुड़े महत्वपूर्ण मूल दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किए थे। इन्हीं फाइलों और डिजिटल रिकॉर्ड्स की गहन पड़ताल के बाद यह गिरफ्तारी हुई है। * **दर्ज धाराएं:** आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120(B) (आपराधिक षड्यंत्र) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 13(1) व 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज है। ACB अब गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, जिससे इस सिंडिकेट में शामिल अन्य अधिकारियों और फर्मों के नामों का खुलासा होने की संभावना है।
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