बिलासपुर में प्रभारी सचिव मनोज पिंगुआ ने ली समीक्षा बैठक, जैविक खेती व भू-जल संरक्षण पर दिए कड़े निर्देश
खबर का व्यवस्थित विवरण: बिलासपुर: वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने बुधवार को कलेक्ट्रेट मंथन सभाकक्ष में जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागवार योजनाओं और कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। सुशासन और जमीनी लाभ पर जोर: प्रभारी सचिव ने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल भौतिक व वित्तीय लक्ष्य पूरे करने से नहीं, बल्कि हितग्राहियों के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलाव से तय होती है। अधिकारियों को केवल दफ्तर तक सीमित न रहकर हितग्राहियों से सीधा संवाद करने और योजनाओं का वास्तविक लाभ धरातल पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएम हेल्पलाइन से मिलने वाले फीडबैक को प्रशासनिक कार्यप्रणाली सुधारने का अहम जरिया बताया। कार्यालयीन अनुशासन एवं कार्यशैली: सभी शासकीय कर्मचारियों को जनता के साथ विनम्र व्यवहार करने और बायोमेट्रिक उपस्थिति का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा। समय पर कार्यालय पहुंचकर कार्य निपटाने की सलाह दी ताकि अनावश्यक देर रात तक दफ्तर में न बैठना पड़े। कृषि, स्वास्थ्य एवं भू-जल संरक्षण निर्देश: जैविक खेती व बीज उत्पादन: जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही धान के बदले दलहन-तिलहन फसलों को प्रोत्साहित करने की प्रगति जानी। स्वास्थ्य एवं जल संरक्षण: स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मलेरिया की स्थिति का जायजा लिया। जिले के गांवों में भू-जल संरक्षण के लिए इंजेक्शन वेल निर्माण को तेज करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 275 इंजेक्शन वेल संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है।
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