कौशल के साथ संस्कार और सकारात्मक सोच भी जरूरी: नरेश तिवारी

कौशल के साथ संस्कार और सकारात्मक सोच भी जरूरी: नरेश तिवारी ................आरसेटी बिलासपुर में ज्ञान, योग, ध्यान एवं मानव मूल्यों पर प्रेरणादायी सत्र आयोजित ............बिलासपुर, 10 सितंबर। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), कोनी, बिलासपुर में प्रशिक्षार्थियों के व्यक्तित्व विकास और सकारात्मक जीवन-दृष्टि को लेकर ज्ञान, योग, ध्यान एवं मानव मूल्यों पर विशेष प्रेरणादायी सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट के कुलपति नरेश तिवारी एवं डॉ. अनीता की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षार्थियों को रोजगारोन्मुख कौशल के साथ मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, आत्मचिंतन और मानवीय मूल्यों के महत्व से परिचित कराना था। कुलपति नरेश तिवारी ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता केवल रोजगार और आर्थिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। श्रेष्ठ विचार, अच्छे संस्कार, मानवीय संवेदनाएं और संतुलित व्यक्तित्व ही व्यक्ति के जीवन को वास्तविक रूप से सार्थक बनाते हैं। उन्होंने योग एवं ध्यान को मन की एकाग्रता, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। डॉ. अनीता ने भी मानव मूल्यों और सकारात्मक जीवन-दृष्टि पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षार्थियों से इन मूल्यों को अपने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम आरसेटी निदेशक राजेंद्र कुमार साहू के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में आयोजित हुआ। उन्होंने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आरसेटी का उद्देश्य केवल युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी, संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। कार्यक्रम का समापन अतिथियों के प्रति आभार एवं प्रशिक्षार्थियों द्वारा सकारात्मक जीवन के संकल्प के साथ हुआ।

Sep 11, 2026 - 17:22
Sep 11, 2026 - 17:24
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