मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ‘जशपुर : एक परिचय’ का विमोचन, दर्ज हुआ 28 साल का प्रशासनिक इतिहास
दी गई खबर को आसान और आकर्षक अंदाज में पढ़ने के लिए यहाँ 2 अलग-अलग **फ्रंट (फॉर्मेट/स्टाइल)** दिए गए हैं। आप अपनी जरूरत के हिसाब से किसी भी एक का इस्तेमाल कर सकते हैं: --- ### **फ्रंट 1: 'बुलेट पॉइंट्स' स्टाइल (सोशल मीडिया व क्विक न्यूज के लिए)** **CM विष्णुदेव साय ने किया ‘जशपुर : एक परिचय’ पुस्तक का विमोचन; जानें क्यों खास है यह किताब** * **विमोचन:** मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को रायपुर में भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) की छत्तीसगढ़ शाखा द्वारा प्रकाशित पुस्तक **‘जशपुर : एक परिचय’** का विमोचन किया। * **किताब का विषय:** यह पुस्तक जशपुर के इतिहास, सुशासन, जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और आजादी के बाद से अब तक के प्रशासनिक बदलावों का एक व्यापक दस्तावेज है। * **जशपुर का चुनाव:** छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से जशपुर को उसकी खास भौगोलिक, सांस्कृतिक और जनजातीय पहचान के कारण इस विशेष अध्ययन के लिए चुना गया। * **इतिहास से जुड़ा तथ्य:** पुस्तक में उल्लेख है कि 1998 में अलग जिला बनने से पहले जशपुर, रायगढ़ जिले की एक तहसील था। * **पर्यटन व विकास की संभावनाएं:** CM साय ने कहा कि सुंदर पहाड़ियों, नदियों और जंगलों से घिरा जशपुर प्राकृतिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है। यहाँ प्रकृति और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण के साथ कृषि, वनोपज और पर्यटन के जरिए अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया है। * **सामूहिक प्रयास:** यह किताब किसी एक व्यक्ति ने नहीं, बल्कि जशपुर जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के आंकड़ों और सहयोग से तैयार की गई है। * **प्रमुख उपस्थिति:** कार्यक्रम में IIPA छत्तीसगढ़ के चेयरमैन सुयोग्य कुमार मिश्रा, डॉ. इंदिरा मिश्रा और राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह मौजूद रहे। --- --- ### **फ्रंट 2: 'न्यूज आर्टिकल' स्टाइल (अखबार या ब्लॉग के लिए)** **जशपुर की संस्कृति और विकास यात्रा पर बनी पुस्तक: CM विष्णुदेव साय ने ‘जशपुर : एक परिचय’ का किया विमोचन** **रायपुर।** छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय परंपराओं और आजादी के बाद से अब तक की प्रशासनिक विकास यात्रा को अब एक पुस्तक का रूप दे दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA), नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित पुस्तक **‘जशपुर : एक परिचय’** का रायपुर में विमोचन किया। **प्रकृति और प्रशासनिक इतिहास का अनोखा संगम** मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक जशपुर की विशिष्ट पहचान को देश और दुनिया के सामने लाने में बेहद मददगार साबित होगी। छोटानागपुर पठार का हिस्सा होने के कारण जशपुर की जलवायु, वन संपदा और जनजातीय संस्कृति मैदानी इलाकों से अलग है। 1998 में पृथक जिला बनने से लेकर आज तक की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास को इस पुस्तक में बेहद बारीकी से दर्ज किया गया है। **पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा** CM साय ने जशपुर को प्राकृतिक पर्यटन के लिहाज से बेहद समृद्ध बताया। उन्होंने कहा कि पहाड़ों, घाटियों और जलप्रपातों के साथ-साथ यहाँ का जनजातीय जीवन और खान-पान पर्यटकों को आकर्षित करने की बड़ी क्षमता रखता है। कृषि, स्थानीय उत्पादों, वनोपज और महिला-युवा उद्यमिता के जरिए जिले की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है। **शोधार्थियों और नीति-निर्माताओं के लिए उपयोगी** जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के साझा सहयोग से तैयार की गई यह पुस्तक केवल इतिहास का दस्तावेज नहीं है, बल्कि भविष्य के विकास का रोडमैप भी है। CM साय ने विश्वास जताया कि यह पुस्तक प्रशासकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ (रेफरेंस बुक) साबित होगी।
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