दो बेटियों ने दी मां को मुखाग्नि, परसाही गांव में रूढ़िवादी परंपरा को तोड़ा
बिलासपुर। जिले के ग्राम परसाही में सामाजिक रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़ते हुए दो बेटियों ने अपनी मां का अंतिम संस्कार कर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया। ग्राम परसाही निवासी 70 वर्षीय भूरी चौहान, पति बलदाऊ चौहान का निधन हो गया था। उनके कोई पुत्र नहीं हैं, केवल दो बेटियां—बड़ी बेटी जानकी चौहान और छोटी बेटी रानी चौहान हैं। मां के निधन के बाद दोनों बेटियों ने सामाजिक परंपराओं की परवाह किए बिना अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मां को कंधा दिया और पूरे विधि-विधान से उनका दाह-संस्कार किया। इस दौरान गांव के लोगों ने भी बेटियों का समर्थन किया और अंतिम संस्कार में शामिल होकर उनका हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में गांव के सरपंच प्रतिनिधि जितेंद्र कमलेश, चिंगराजपारा की पार्षद रेखा बेदराम सूर्यवंशी और पार्षद मोहन श्रीवास सहित बड़ी संख्या में मोहल्ले के लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि बेटियों द्वारा मां का अंतिम संस्कार करना समाज में बदलाव और समानता का संदेश देता है। परिवार ने इस अवसर पर सहयोग करने वाले सभी ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
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