नारायणा स्कूल पर भ्रामक प्रचार का मामला: प्रबंधन ने दी सफाई, DEO जांच में मिली क्लीन चिट

नारायणा स्कूल पर भ्रामक प्रचार का मामला: प्रबंधन ने दी सफाई, DEO जांच में मिली क्लीन चिट बिलासपुर। सोशल मीडिया पर नारायणा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों के बीच स्कूल प्रबंधन ने सामने आकर अपना आधिकारिक पक्ष रखा है। प्राचार्य प्रभात चंद्र झा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि संस्थान सभी शासकीय नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन कर रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा की गई जांच में स्कूल को क्लीन चिट मिल चुकी है। जांच रिपोर्ट में यह पुष्टि की गई है कि संस्थान नियमों के अनुरूप संचालित हो रहा है। 8वीं तक बोर्ड मान्यता जरूरी नहीं प्राचार्य झा ने कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि शिक्षा नियमों के अनुसार कक्षा 8वीं तक स्कूल संचालन राज्य शिक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस स्तर तक किसी भी बोर्ड (जैसे CBSE या राज्य बोर्ड) से संबद्धता अनिवार्य नहीं होती। उन्होंने बताया कि बोर्ड से संबद्धता कक्षा 9वीं से आगे के लिए जरूरी होती है, और स्कूल को आगामी सत्र के लिए CBSE से कक्षा 9 में प्रवेश की अनुमति प्राप्त हो चुकी है। 5वीं-8वीं में ‘बोर्ड परीक्षा’ का भ्रम स्कूल प्रबंधन ने 5वीं और 8वीं की परीक्षा को लेकर फैल रही गलतफहमियों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि इन कक्षाओं में कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होती, बल्कि यह राज्य शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित केंद्रीकृत परीक्षा होती है। स्कूल में आयोजित सभी परीक्षाएं शासन और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही कराई जा रही हैं। अभिभावकों की सहमति से निर्णय प्राचार्य ने बताया कि स्कूल ने सभी निर्णय पारदर्शिता के साथ लिए हैं। अभिभावकों को समय-समय पर पूरी जानकारी दी गई और उनकी सहमति के बाद ही आगे की प्रक्रिया अपनाई गई। ऑनलाइन सत्यापन की सुविधा प्रबंधन ने कहा कि स्कूल का UDISE कोड, मान्यता क्रमांक और CBSE से जुड़ी जानकारी सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध है। कोई भी व्यक्ति इन्हें ऑनलाइन सत्यापित कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि नारायणा ग्रुप पिछले 47 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है और राष्ट्रीय मानकों का पालन करता आ रहा है। अफवाहों से दूर रहने की अपील अंत में प्राचार्य प्रभात चंद्र झा ने मीडिया और अभिभावकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की जांच अवश्य करें। निष्कर्ष: नारायणा स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि संस्थान पूरी तरह नियमों के अनुरूप संचालित है और DEO जांच में मिली क्लीन चिट के बाद अफवाहों पर विराम लगना चाहिए।

Mar 27, 2026 - 15:23
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