बिलासपुर संभाग के 08 जिलो के 159 प्रकरण में महा जन सुनवाई किया गया, जिसमें 28 प्रकरण नस्तीबद्ध हुआ

बिलासपुर - छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक द्वारा राज्य की महिलाओं को त्वरित राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक वृहद और संवेदनशील निर्णय लिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोग द्वारा आगामी 10 मार्च 2026 को बिलासपुर संभाग के लिए महा जन-सुनवाई सप्ताह का आयोजन जिला पंचायत सभाकक्ष, बिलासपुर में किया जा रहा है। आज बिलासपुर संभाग में 02 महा जन-सुनवाई व प्रदेश स्तर पर 377वी एवं जिला स्तर पर 22वीं सुनवाई हुई। जिसमें बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिले बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर चांपा, सक्ति, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कुल 159 प्रकरणों की एक साथ सुनवाई की गई। इस महाजन-सुनवाई में बिलासपुर संभाग के जिला कोरबा के 29 में से 05 प्रकरण, जांजगीर-चाम्पा के 22 में से 04 प्रकरण सक्ती के 10 में से 01 प्रकरण रायगढ़ के 46 में से 05 प्रकरण तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़, के 13 में से 03, मंुगेली के 07 में से 03, जीपीएम 02, बिलासपुर के 19 में से 04 प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। कुल 159 प्रकरण में से 28. प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। दोनो पक्षो के कुल 159 पक्षकारो ने पंजीयन कराया था बाकी पक्षकार अनुपस्थित है जिसमें आगामी निराकरण हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया जायेगा। सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका एवं अनावेदक दोनो पक्ष उपस्थित हुये। उनको सुना गया अनावेदक ने अपना दस्तावेज प्रस्तुत किया आगे की सुनवाई दिनांक 06.04.2026 को रायपुर में रखी गई। एक अन्य प्रकरण में दोनो पक्ष उपस्थित हुये। आवेदिका उपस्थित एवं अनावेदकगण क्रं. 02 अनुपस्थित शेष अनावेदकगण उपस्थित। आवेदिका ने बताया कि विवाह के समय सूची अनुसार 29 लाख 73 हजार का सामान दिया गया था। जिसमें लगभग 15 लाख कीमत की कार दी गई जो अभी आवेदिका के पास है शेष सामान अनावेदकगण के पास है। जिसे अनावेदकगण ने अब तक वापस नहीं किया है। अनावेदक कं. 02 जो कि आवेदिका का ससुर है उसे तीलक का 5 लाख रूपया आवेदिका के माता पिता ने दिया था उस समय दो गवाह भी उपस्थित थे। जिनके समक्ष अनावेदक क्र 02 को 5 लाख रूपये दिया गया था। अनावेदक पक्ष इस राशि को लेने से इंकार कर रहे है। शादी में दिया गया सभी सामान वापस करने को तैयार है इस हेतु निगरानी हेतु सूरजपुर की संरक्षण अधिकारी को नियुक्त किया जाता है और उन्हें सामाग्री की सूची दी जाती है और दोनो पक्षों से एक तारीख पर बुलाकर सामान का आदान प्रदान करायेगी। शेष बचे धनराशि और अंतिम भरण पोषण राशि तथा आपसी सहमती से तलाक प्रक्रिया के लिये कांउसलिंग करेगे। इसमें बलरामपुर की संरक्षण अधिकारी भी इस प्रकरण में दोनो पक्षो के साथ सूरजपुर की संरक्षण अधिकारी से समन्वय कर रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करेगे। आगे की सुनवाई दिनांक 06.04.2026 को रायपुर में किया जाना नियत है। एक अन्य प्रकरण में दोनो पक्ष उपस्थित हुये। आवेदिका की बेटी आनावेदक के साथ उसकी दुसरी पत्नी के रूप में रहती थी किन्तु आवेदिका का कथन है कि उसकी हत्या कर दी गई है। इस पुरे प्रकरण की जांच के लिये आवेदिका ने पुलिस थाना शंकरगढ़ डीपाडिह को दिया गया था। लेकिन अब तक आवेदिका की बेटी का पता नहीं चला है इसलिये इस प्रकरण की जांच हेतु एस0पी0 बलरामपुर को पत्र भेजा जायेगा जिसके आधार पर प्रकरण का निकारण किया जायेगा। उभयपक्ष उपस्थित। दोनो अनावेदकगणो को जो कि थाना प्रभारी और वन अधिकारी बताया कि आवेदिका के खिलाफ भटगांव थाने में दिनांक 20.08.2025 को एफआईआर दर्ज कराया गया है। आवेदिका और उसके साथियो ने हमला किया लगभग 6 धारा पर मामला प्रतापपुर थाने में दर्ज है। आवेदिका ने स्वीकार किया कि न्यायालय में पेशी में उपस्थित हो रही है चलान में आवेदिका का अंतिम चलान का प्रथम पन्ना मामला न्यायालय में विचाराधीन होने से मामला नस्तीबद्ध किया जाता है। दोनो पक्ष उपस्थित आवेदिका ने तीनो अनावेदक के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराया था उसके पश्चात पण्डापारा थाना जिला जशपुर में एफ0आई0आर दर्ज हुआ और तीनो अनावेदक जेल में थे और उनका मामला न्यायालय में चल रहा है आवेदिका को जशपुर की संरक्षण अधिकारी को आवेदिका की सहयोग के लिए सुपुर्द किया गया कि वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क अधिवक्ता आवेदािक को दिलाये ताकि आवेदिका अनावेदकगणो के खिलाफ उचित पैरवी कर सके प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाता है। दोनो पक्ष उपस्थित पुलिस महानिरिक्षक सरगुजा की रिपोर्ट प्रस्तुत है जिसके अनुसार आवेदिका के साथ काई मानपिट नहीं की गई आवेदिका के उपर अनावेदक क्र0-01 के सोने के गहने चोरी की शिकायत पर थाना सुरजपुर पुलिस के द्वारा जॉच किया गया था उनके द्वारा आवेदिका का बयान का विडीयो दिखाया गया जिस पर आवेदिका का कथन है। की उनके साथ थाने में मारपीट किया गया था लेकिन अनावेदक क्र-03 ने आवेदिका का मेडिकल कराया था जिसमें कोई चोट नही पाई गई थी इस स्तर पर आवेदिका के पास कोई पर्याप्त सबुत या गवाह नहीं होने पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाता है। दोनो पक्ष उपस्थित अनावेदक पत्रकार है और आवेदिका को समय-समय पर अनावेदक प्रकाशन के माध्यम से आवेदिका को परेशान करते है उभयपक्षकार के मध्य सहमती बनी है अनावेदक ने भविष्य में आवेदिका को परेषान नही करने का आश्वाश्न दिया है जिस पर आवेदिका ने प्रकरण वापस लेने की सहमती दी है इस आधार पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाता है लेकिन एक वर्ष तक सुरजपुर की संरक्षण अधिकारी को मासिक निगरानी के लिए भी दिया जाता है इस अवधि में अनावेदक यदि आवदिका को परेषान किये तो प्रकरण पुनः खोला जा सकेगा । आवेदिका उपस्थित। अनावेदक खम्हारडिह रायपुर में निवास करता है इनकी सुनवाई रायपुर में दिनांक 06.04.2026 को अनावेदक को एस0 आई0 के माध्यम से उपस्थित कराने का निर्देष दिया गया। उभयपक्षकार उपस्थित अनावेदक 01 और 03 उपस्थित मामला कुटुम्ब न्यायालय में दर्ज हो चुका है। आवेदिका और अनावेदक की ढाई वर्ष की एक पुत्री है जिसका भरण पोषण अनावेदक नही दे रहा हैं और जन्म प्रमाण पत्र भी नहीं बनवा रहा है। ऐसी स्थति में संरक्षण अधिकारी सुरजपुर को जिम्मेदारी दी जाती है कि अनावेदक से दहेज का सामान वापस करवाये बेटी का जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनावाने के लिये अनावेदक क्रमांक 01 को समझाईश दिया गया है इस हेतु संरक्षण अधिकारी सूरजपुर द्वारा तालमेल कराया जाकर आवेदिका की शादी की सामान की सूची लगभग 10 लाख की है उसकी सूची भी संरक्षण अधिकारी को दी जाती है और अनावेदक को भी दिया जाता है। 15 दिवस के भीतर सामान वापस किया जाये तथा संबंधित दस्तावेज बनवाए अनावेदक द्वारा ऐसा नहीं किये जाने पर दहेज का प्रकरण दर्ज किया जाऐगा प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाता है। आवेदिका उपस्थित उभयपक्ष उपस्थित, उसके द्वारा पूर्व में दिनांक 29.04.2025 को कुटुम्ब न्यायालय का आदेश प्रति प्रस्तुत किया है जिसके अनुसार अनावेदक 5000 प्रति माह दे रहा है इस स्तर पर अनावदेक को समझाईश दिया गया महिला आयोग के सम्पूर्ण प्रतिलिपि ए0सी0सी0एल0 जाकर उच्च अधिकारीयों से मिलकर आवेदिका का आधार कार्ड के आधार पर अनावेदक के सर्विस बुक पर पत्नी के स्थान पर अपना नाम दर्ज कराये और ए0सी0सी0एल0 के उच्च अधिकारी का नाम पता देवे जिसे महिला आयोग द्वारा पत्र दिया जायेगा। जिसके बाद उभयपक्षकार के रूप में जोड़ा जायेगा नाम जोड़ने के प्रक्रिया के बाद प्रकरण नस्तीबद्ध किया जायेगा। एक प्रकरण में समस्त अनावेदक को रायपुर में एस0आई0 के माध्यम से आवश्यक रूप से सुनवाई में रखा जाए इस आशय का पत्र सरगुजा पुलिस महा निरीक्षक को भेजा जाये माह मई की सुनवाई में रायपुर में उपस्थित कराये। उभयपक्ष उपस्थित इस प्रकरण में पांच आवेदक है अनावेदक उच्च अधिकारी है सभी आवेदक फिल्ड ड्यूटी और ऑफिस ड्यूटी से परेशान है और अनावेदक उन्हे कार्यालयीन अवधि के बाद भी बुलाकर परेशान करते है अनावेदक का कथन है कि कर्मचारी की कमी है वह उन्हे समय-समय पर नोटिस देते है इससे यह स्पष्ट है कि अनावेदक के व्यवहार से परेशान है आंतरिक शिकायत समिति से जांच कराना आवश्यक है अतः कृषि विकासखण्ड लखनपुर के वरिष्ट अधिकारी से मिलकर सरगुजा की संरक्षण अधिकारी को आंतरिक शिकायत समिति का गठन करवाकर इस प्रकरण में जांच कर दो माह में रिपोर्ट प्रस्तुत कर प्रकरण का निराकरण किया जा सके। आवेदिका और अनावेदक उपस्थित आवेदिका का कोर्ट में कोई प्रकरण नही है आवेदिका ने बताया कि इस आवेदन में सुशासन तिहार में आवेदन दिया था। जिसकी जांच अनावेदक क्रमांक 02 ने किया था और अनावेदक क्रमांक 01 आवेदिका की स्थिति आने जाने लायक नहीं है और उसके स्वयं की कही शिकायत नही है ऐसी स्थिति में प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाता है। महा जन-सुनवाई में बिलासपुर संभाग के सभी जिलों से महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, संरक्षण अधिकारी, सखी केन्द्र प्रशासिका, विधिक प्राधिकरण (डालसा) एवं पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा।

Mar 10, 2026 - 17:34
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