आध्यात्मिक सशक्तिकरण से ही नारी बनती है समाज की सच्ची शक्ति – बीके मनु दीदी
सतीश यादव सीपत - अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, सीपत द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सीपत मेन रोड स्थित हंसा पेट्रोल पम्प के पास सेवाकेन्द्र में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र की अनेक महिलाएँ, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके आत्मबल, आध्यात्मिक शक्ति और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता बीके मनु दीदी ने कहा कि महिला केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सशक्त प्रेरणा भी है। जब महिला आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक शक्ति से भर जाती है, तब वह पूरे परिवार और समाज को सकारात्मक दिशा दे सकती है। उन्होंने कहा कि आज की महिला हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है, लेकिन सच्ची उन्नति तभी संभव है जब बाहरी प्रगति के साथ-साथ आंतरिक शक्ति का भी विकास हो। उन्होंने बताया कि राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से महिलाएँ अपने अंदर शांति, धैर्य, सहनशीलता और सकारात्मक सोच का विकास कर सकती हैं। यदि महिला स्वयं सशक्त और खुश रहेगी तो वह पूरे परिवार को संस्कारवान और सुखी बना सकती है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था की विशेषता यह है कि यहाँ महिलाओं को नेतृत्व और सेवा का भरपूर अवसर मिलता है और आज हजारों बहनें देश-विदेश में आध्यात्मिक शिक्षा देकर समाज को नई दिशा दे रही हैं। कार्यक्रम में उपस्थित नवाडीह प्राथमिक शाला की प्रिंसिपल दुर्गा खरे ने कहा कि महिला दिवस केवल एक दिन मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनकी क्षमताओं को पहचानने का संदेश देता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा महिलाओं में आत्मविश्वास और संस्कारों का विकास करने के प्रयासों की सराहना की।वहीं कुसुम बघेल ने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में मानसिक तनाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे समय में राजयोग मेडिटेशन महिलाओं को मानसिक शांति और संतुलन प्रदान करता है, जिससे वे अपने परिवार और समाज की बेहतर सेवा कर सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रेरणादायक संदेश, अनुभव साझा करने के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और प्रेरणा से भर गया। उपस्थित महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आध्यात्मिक ज्ञान से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं को यह संकल्प दिलाया गया कि वे अपने जीवन में सकारात्मक सोच, श्रेष्ठ संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर परिवार और समाज में शांति व सद्भाव का वातावरण बनाने में सहयोग देंगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएँ, स्थानीय नागरिक तथा ब्रह्माकुमारी संस्था के भाई-बहन उपस्थित रहे।
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