बिलासपुर से मजबूत हुआ पुराना रिश्ता, संगठन विस्तार और विकास का रोडमैप लेकर लौटे अभिषेक वर्मा

दो दिवसीय प्रवास में संगठनात्मक बैठक, श्रीकांत वर्मा को श्रद्धांजलि, सम्मान समारोह और प्रेस कॉन्फ्रेंस सहित कई कार्यक्रम बिलासपुर, 23 सितंबर। शिवसेना के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक एवं शिवसेना NDA गठबंधन के डॉ. अभिषेक वर्मा का दो दिवसीय बिलासपुर प्रवास विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, संगठनात्मक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। प्रवास के दौरान उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, जनता से सीधा संवाद बढ़ाने तथा बिलासपुर और छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। बिलासपुर पहुंचने पर शिवसेना पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर डॉ. वर्मा का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने शिवसेना पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठक कर आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की। उन्होंने बूथ एवं मंडल स्तर तक संगठन को मजबूत करने और समाज के बीच सक्रिय संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया। पिता श्रीकांत वर्मा को दी श्रद्धांजलि प्रवास के दौरान डॉ. अभिषेक वर्मा ने अपने पिता, प्रख्यात साहित्यकार एवं पूर्व सांसद स्व. श्रीकांत वर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने श्रीकांत वर्मा के बिलासपुर एवं छत्तीसगढ़ से जुड़े संबंधों और उनकी स्मृतियों को याद किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव भी उनके साथ रहे और स्व. श्रीकांत वर्मा के योगदान को स्मरण किया। 35 परिवारों ने स्वीकार की सनातन धर्म में वापसी 23 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में 35 परिवारों ने सनातन धर्म में वापसी स्वीकार की। इस अवसर पर डॉ. वर्मा ने सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और भारतीय जीवन मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक एवं धार्मिक विषयों पर जागरूकता और संवाद को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके बाद श्रीकांत वर्मा ट्रस्ट द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में साहित्य, समाज, संस्कृति, शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को ‘श्रीकांत वर्मा सम्मान’ से सम्मानित किया गया। बिलासपुर को लेकर बोले—यह मेरी कर्मभूमि है प्रवास के समापन अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. अभिषेक वर्मा ने बिलासपुर और छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “बिलासपुर मेरी कर्मभूमि है। मेरे पिता स्वर्गीय श्रीकांत वर्मा और मेरी माता की अनेक स्मृतियां इस शहर से जुड़ी हैं। मैं इस रिश्ते को टूटने नहीं दूंगा, बल्कि इसे और मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करूंगा।” उन्होंने कहा कि बिलासपुर उनके लिए केवल पारिवारिक स्मृतियों का शहर नहीं, बल्कि सामाजिक और सार्वजनिक जिम्मेदारी की भूमि भी है। आने वाले समय में बिलासपुर तथा छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विषयों पर संवाद और सहयोग की भूमिका निभाई जाएगी। शिवसेना के संगठन विस्तार का रोडमैप डॉ. वर्मा ने छत्तीसगढ़ में शिवसेना के संगठनात्मक विस्तार को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी आगामी नगर निकाय एवं अन्य चुनावों में अपनी संगठनात्मक शक्ति के अनुरूप सक्रिय भूमिका निभाएगी। प्रदेश प्रमुख धनंजय परिहार के नेतृत्व में संगठन का विस्तार किया जा रहा है और आने वाले समय में बूथ एवं मंडल स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिवसेना की कार्यप्रणाली में सनातन संस्कृति, राष्ट्र सेवा, सामाजिक सेवा और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना प्रमुख रहेगी। धर्मांतरण से जुड़े मुद्दों, गौ-संरक्षण और सनातन संस्कृति के संरक्षण को लेकर भी पार्टी संवैधानिक दायरे में जनजागरूकता के लिए कार्य करेगी। दो दिवसीय प्रवास के समापन पर डॉ. अभिषेक वर्मा ने बिलासपुर की जनता, शिवसेना पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों, नागरिकों तथा मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिलासपुर और श्रीकांत वर्मा परिवार के बीच का पुराना संबंध आने वाले समय में और मजबूत होगा।

Sep 24, 2026 - 11:18
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