ब्रह्मकुमारीज हेमू नगर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आध्यात्मिकता और नारी शक्ति का दिया संदेश
यू मुरली राव बिलासपुर - ब्रह्मकुमारीज हेमू नगर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुक्रवार शाम आशीर्वाद भवन में एक प्रेरणादायी एवं भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति के सम्मान के साथ-साथ समाज में आध्यात्मिक मूल्यों, संस्कारों और सकारात्मक जीवन शैली का संदेश देना था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएँ एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में महापौर पूजा विधानी तथा अरविश स्कूल के प्रबंधक भ्राता किरण चावला उपस्थित रहे। उनके साथ नीतू चावला भी विशेष रूप से कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में ब्रह्मकुमारी संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह विश्व की एक ऐसी अनूठी आध्यात्मिक संस्था है, जिसका संचालन मुख्य रूप से महिलाओं के द्वारा किया जाता है और जो नारी सशक्तिकरण के साथ-साथ समाज में आध्यात्मिक जागरूकता का प्रसार कर रही है। महापौर पूजा विधानी ने कहा कि ब्रह्मकुमारी संस्था महिलाओं को आत्मविश्वास, आध्यात्मिक शक्ति और नेतृत्व प्रदान कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएँ सशक्त और संस्कारी बनती हैं, तब पूरा परिवार और समाज मजबूत बनता है। वहीं भ्राता किरण चावला ने कहा कि महिलाओं के माध्यम से ही समाज में संस्कृति और संस्कारों का सृजन होता है। उन्होंने कहा कि यदि घर की महिलाएँ जागरूक और मूल्यवान जीवन जीने वाली हों, तो आने वाली पीढ़ियाँ भी संस्कारी और श्रेष्ठ बनती हैं। इस अवसर पर सिरगिट्टी सेवा केंद्र की संचालिका बीके कांता दीदी ने कहा कि परमात्मा ने स्वयं ज्ञान का कलश महिलाओं पर रखा है, क्योंकि उनमें समझ, सहनशीलता और संस्कारों को सृजित करने की विशेष क्षमता होती है। उन्होंने बताया कि ब्रह्मकुमारीज संस्था के माध्यम से महिलाओं को आत्मिक जागरूकता और राजयोग ध्यान की शिक्षा दी जाती है, जिससे वे अपने जीवन में शांति, शक्ति और सकारात्मकता का अनुभव कर सकें। ब्रह्मकुमारी हेमू नगर की संचालिका बीके लता दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला होना गर्व की बात है, क्योंकि एक महिला अपने जीवन में दो-दो परिवारों और दो-दो पीढ़ियों को जोड़ने का माध्यम बनती है। उन्होंने कहा कि जब महिला स्वयं को आत्मा समझकर परमात्मा से जुड़ती है, तब वह अपने भीतर छिपी शक्तियों को जागृत कर समाज में शांति, प्रेम और सद्भावना का वातावरण बना सकती है। कार्यक्रम के दौरान समाज में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कई महिलाओं का सम्मान किया गया। इनमें व्यापार के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका बहन, कुश्ती के क्षेत्र में उपलब्धि प्राप्त करने वाली ज्योति, तथा विद्यालय में नेत्र शिक्षिका के रूप में कार्यरत नेहा दोडवानी,सरवानी से RBK (महिला स्व सहायता समूह ) किरन बहन को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह ने उपस्थित महिलाओं में आत्मविश्वास और प्रेरणा का संचार किया। कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिनमें नारी शक्ति और भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली। अंत में सभी उपस्थितजनों को राजयोग ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा यह संदेश दिया गया कि परमपिता शिव परमात्मा सर्वशक्तिवान रचयिता हैं, जो मानव जीवन को अज्ञान, क्रोध, अशांति और बुराइयों से मुक्त करने के लिए दिव्य ज्ञान प्रदान करते हैं। कार्यक्रम का समापन शांति, आत्मिक जागरूकता और नारी सम्मान के संदेश के साथ हुआ।
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