महतारी सदन बना महिला सशक्तिकरण का नया केंद्र, महिलाओं के सपनों को मिला नया पंख
बालोद - छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण अंचलों में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महतारी सदन न केवल एक भवन है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सपनों को उड़ान देने वाला एक मजबूत आधार स्तंभ है। बालोद जिले के गुरूर विकासखण्ड स्थित प्रसिद्ध देवस्थल राजाराव पठार ग्राम कर्रेझर में महतारी सदन क्षेत्र की महिलाओं के लिए स्वावलंबन और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा लोकार्पित यह सदन अब महिलाओं की रचनात्मक गतिविधियों और आर्थिक उन्नति का मुख्य केंद्र है। क्षेत्र की महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस भव्य महतारी सदन का निर्माण किया गया है। यह सदन केवल एक बैठक कक्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक व्यावसायिक हब के रूप में विकसित किया गया है। महतारी सदन एक व्यवस्थित बुनियादी ढांचा है जिसमें एक समर्पित कार्यालय कक्ष और बड़ा बैठक हॉल। उत्पादों के भंडारण और विक्रय के लिए अतिरिक्त कमरा और आधुनिक रसोई घर तथा महिला एवं पुरुष प्रसाधनों की समुचित व्यवस्था की गई है। महतारी सदन के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं अब संगठित होकर अपने कौशल को निखार रही हैं। पहले बैठकों और उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए जगह का अभाव एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब एक ही छत के नीचे चिंतन-मनन और व्यापार दोनों संभव हो रहे हैं। बिहान से जुड़ी दिनेश्वरी साहू ने बताया कि पहले हमें बैठकों के लिए जगह की तलाश करनी पड़ती थी, जिससे काफी परेशानी होती थी। अब हमारे पास अपना स्थायी ठिकाना है। समूह के उत्पादों को रखने के लिए स्टॉक रूम और शौचालय की सुविधा ने हमारी राह आसान कर दी है। ममता निषाद और गायत्री साहू ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस प्रयास से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि आपसी समरसता और सामाजिक भागीदारी के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। यह सदन महिलाओं को उनके उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान कर रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।
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