मेंटल हॉस्पिटल में अव्यवस्था पर हाईकोर्ट सख्त, शासन को फटकार
छत्तीसगढ़ के एकमात्र मेंटल हॉस्पिटल की बदहाल स्थिति पर अब हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपना लिया है। संविदा चिकित्सकों की भर्ती और शासन के अधूरे जवाबों से नाराज चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने साफ शब्दों में कहा है कि इस गंभीर समस्या का अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने नियमित भर्ती की कोई ठोस समय-सीमा न बताए जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को 24 मार्च से पहले नया शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि शपथपत्र में यह बताना होगा कि मेंटल अस्पताल में नई नियमित भर्तियां आखिर कब तक पूरी होंगी। दरअसल, बिलासपुर के सकरी स्थित मेंटल अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। मरीजों की हालत और इलाज की व्यवस्था को देखते हुए कोर्ट ने एडवोकेट ऋषि राहुल सोनी को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था। कोर्ट कमिश्नर ने अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, इलाज की व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत सामने रखी, जिसके बाद हाईकोर्ट का सख्त रुख देखने को मिला है।
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