रंग नहीं, रिश्तों की खुशबू: कोरबा पुलिस और बुजुर्गों की अनोखी होली
कोरबा। इस बार होली का रंग कुछ अलग था।पानी की बौछार नहीं—बल्कि फूलों की खुशबू और आत्मीयता की मिठास से भरी एक खास होली। कोरबा पुलिस ने शांति आश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के साथ ऐसी फूलों की होली खेली और आशीर्वाद से सराबोर हो गया। होली के मौके पर पुलिस सहायता केंद्र के प्रभारी एएसआई विभव तिवारी की पहल पर यह खास आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में एएसपी लखन पटले, एडिशनल एसपी नीतीशा ठाकुर, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी और कुसमुंडा थाना प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पांडे शांति आश्रम पहुंचे। जैसे ही अधिकारियों ने बुजुर्गों पर फूलों की वर्षा की, चेहरों पर मुस्कान खिल उठी।किसी ने मजाक में कहा, “आज तो पुलिस हमें पकड़ने नहीं, रंगने आई है!” और फिर शुरू हुआ हंसी-ठहाकों का सिलसिला। बुजुर्गों ने भी पीछे न रहते हुए फूलों से जवाब दिया। कुछ ने गले लगाकर आशीर्वाद दिया, तो कुछ ने होली के गीत गुनगुनाए।कार्यक्रम के बाद सबने मिलकर स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया। खास बात यह रही कि अधिकारी भी बुजुर्गों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन करते नजर आए, जिससे अपनापन और भी गहरा हो गया। एएसआई विभव तिवारी ने कहा कि ऐसे आयोजन बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाने का छोटा सा प्रयास हैं। वहीं पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समाज के हर वर्ग के साथ जुड़ाव ही असली सेवा है।इस खास होली ने यह साबित कर दिया कि जब रंगों में रिश्तों की मिठास घुल जाए, तो हर त्योहार यादगार बन जाता है।
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