बिलासपुर स्मार्ट सिटी में 43 करोड़ के प्रोजेक्ट अधर में: दो साल बाद भी न सड़क बनी, न STP, निगम ने दी पेनल्टी दोगुनी करने की चेतावनी
बिलासपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे विकास कार्यों में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बिलास ताल के सामने लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत से 1900 मीटर सड़क व नाला निर्माण और करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से दो एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण किया जा रहा है। पिछले दो सालों से ये दोनों महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं। कंपनी पर 3.32 करोड़ की पेनल्टी, फिर भी काम बंद लापरवाही के चलते नगर निगम ने ठेका कंपनी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए: सड़क निर्माण पर 6% के हिसाब से 1 करोड़ 22 लाख रुपये एसटीपी निर्माण पर 10% के हिसाब से 2 करोड़ 10 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है। हालांकि, ठेका कंपनी ने अब तक इस पेनल्टी की राशि को जमा नहीं किया है और निर्माण कार्य भी लगभग बंद कर दिया है। एक कंपनी के काम छोड़कर भागने के बाद दूसरी कंपनी को ज़िम्मेदारी दी गई, लेकिन इसके बावजूद काम की रफ्तार बेहद सुस्त है। निगम कमिश्नर की चेतावनी: दोगुनी होगी पेनल्टी नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ठेका कंपनी ने जल्द काम पूरा नहीं किया, तो पेनल्टी की राशि को दोगुना कर दिया जाएगा। जमीनी हकीकत: 2 साल में न सड़क बनी, न रिटेनिंग वॉल अधूरा निर्माण: अक्टूबर 2022 से शुरू हुए इस काम में नाली का काम 700 मीटर और रिटेनिंग वॉल 1100 मीटर तक ही बन पाई है। सड़क 1700 मीटर तक बन चुकी है, लेकिन डामरीकरण और अन्य काम बाकी हैं। मौके पर सिर्फ 4 मजदूर: करोड़ों के इस बड़े प्रोजेक्ट के ग्राउंड इंस्पेक्शन के दौरान मौके पर केवल 4 मजदूर काम करते पाए गए। ठेका कंपनी (वल्लभपति कंस्ट्रक्शन) के कई अन्य प्रोजेक्ट चलने के कारण यहां पर्याप्त संख्या में मजदूर नहीं लगाए जा रहे हैं। असामाजिक तत्वों का अड्डा: काम रुकने और अंधेरा होने के कारण यह पूरा इलाका शराबियों और जुआरियों का अड्डा बनता जा रहा है। शाम ढलते ही असामाजिक तत्व मजदूरों पर पथराव करते हैं और निर्माण सामग्री (सीमेंट, गिट्टी, लोहा) की चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं।
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