“श्रीराम भारत की संस्कृति के प्राण हैं” — रानीगांव नवधा रामायण में बोले त्रिलोक चंद्र श्रीवास

बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रानीगांव में आयोजित अखंड नवधा रामायण कार्यक्रम में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस धार्मिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने श्रीराम के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान श्रीराम केवल आस्था के विषय नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और जीवन के मूल आधार हैं। उन्होंने कहा कि “श्रीराम भारत के प्राण हैं, और भारतीयों विशेषकर छत्तीसगढ़ियों का कोई भी कार्य राम के नाम के बिना पूर्ण नहीं होता।” अपने संबोधन में उन्होंने रामायण के माध्यम से समाज में नैतिकता, मर्यादा और आदर्श जीवन के मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मानस प्रेमी और ग्रामीणजन उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे आयोजन को भक्ति और श्रद्धा से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर आयोजन समिति के प्रमुख रामअवतार गहवाई, दीपचंद गहवाई, राधेश्याम तंबोली, राघवेंद्र गहवाई, भागवत कोरी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। ग्राम सरपंच दिव्या कोरी सहित श्रवण तंबोली, रेवाराम, इंद्रमणि देवांगन, उमाशंकर देवांगन, अमित गहवाई, जयप्रकाश गहवाई और अन्य गणमान्य नागरिकों की भी सक्रिय सहभागिता रही। ग्राम रानीगांव पहुंचने पर त्रिलोक चंद्र श्रीवास का आयोजन समिति एवं ग्राम पंचायत द्वारा आतिशबाजी, पुष्पहार और पारंपरिक स्वागत के साथ भव्य अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के अंत में समिति द्वारा उन्हें शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अखंड नवधा रामायण के इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का संदेश प्रसारित किया।

May 2, 2026 - 14:58
 0  5
💬 WhatsApp पर शेयर करें
“श्रीराम भारत की संस्कृति के प्राण हैं” — रानीगांव नवधा रामायण में बोले त्रिलोक चंद्र श्रीवास

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0