कोयला धूल से बिगड़ती सेहत पर हाईकोर्ट सख्त:
1. हाईकोर्ट का कड़ा रुख बिलासपुर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के आसपास भारी वाहनों और ट्रकों से कोयला परिवहन के कारण उड़ने वाली कोयला धूल तथा स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के सीएमडी को नया व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। 2. शपथ पत्र में किन बातों का देना होगा ब्योरा? हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि शपथ पत्र में सिर्फ सामान्य जानकारी नहीं, बल्कि कोयला धूल के फैलाव को रोकने के लिए उठाए गए विशिष्ट और ठोस कदमों का पूरा विवरण होना चाहिए। प्रभावित बस्ती के रहवासियों के स्वास्थ्य, कल्याण और सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपायों की भी विस्तृत जानकारी देनी होगी। 3. भारी वाहनों और कोयला परिवहन पर फोकस कोर्ट ने निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास भारी वाहनों की आवाजाही और ट्रकों द्वारा कोयला ढोने से पैदा हो रहे प्रदूषण व स्वास्थ्य जोखिमों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। 4. राज्य सरकार व SECL की स्थिति और अगली सुनवाई कोर्ट के पिछले आदेश के तहत राज्य सरकार ने SECL अधिकारियों को नोटिस जारी करने की सूचना दी। SECL के अधिवक्ता द्वारा जवाब के लिए समय मांगे जाने पर कोर्ट ने नया हलफनामा पेश करने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 31 अगस्त की तिथि तय की है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0


