120 दिन से जारी लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन, प्रशासन पर भड़का जनाक्रोश
बिलासपुर। लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन को कल 120 दिन पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने पर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी लगातार मांगों और विरोध के बावजूद प्रशासन बेरुखी का रवैया अपनाए हुए है। कांग्रेस नेता एवं वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल ने प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि लिंगियाडीह में विकास के नाम पर गरीबों को उजाड़ने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला योजनाबद्ध तरीके से किसी खास संस्था को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, और गरीबों के आशियाने को राजनीतिक खेल का हिस्सा बनाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि 113 गरीब परिवारों के घरों को तोड़ने की तैयारी की जा रही है, जिसमें प्रशासन और क्षेत्रीय बड़े नेताओं की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। “क्या विकास का मतलब गरीबों को बेघर करना है?” — इस सवाल के साथ उन्होंने सरकार को घेरा। वहीं, जनआंदोलन को समर्थन देने पहुंचे बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के जिला संयोजक गौरव धनकर ने भी प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां तक सड़क और नाली निर्माण का सवाल है, वह काम पूरा हो चुका है, ऐसे में बाकी बचे मकानों को तोड़ना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने सवाल किया कि “क्या सड़क और नाली, गरीबों के मकानों से ज्यादा जरूरी हैं?” लगातार 120 दिनों से चल रहे इस आंदोलन के बावजूद प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता लोगों के गुस्से को और बढ़ा रही है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस बढ़ते जनदबाव के बीच कोई समाधान निकालता है या आंदोलन और उग्र रूप लेता है।
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