अधिकारी की सुरक्षा को लेकर प्रदेशभर में आक्रोश, काली पट्टी से लेकर सामूहिक अवकाश तक का ऐलान
सीपत (सतीश यादव) - उप तहसील राजापुर, तहसील मैनपाट, जिला सरगुजा में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान घटित मारपीट, अभद्रता एवं शासकीय कार्य में बाधा की गंभीर घटना को लेकर प्रदेशभर में प्रशासनिक एवं राजस्व अधिकारियों के बीच आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने बताया कि घटना के कई दिवस व्यतीत हो जाने के पश्चात भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से प्रदेश के राजस्व अधिकारियों एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों में गहरा असंतोष व्याप्त है। संघ द्वारा पूर्व में 29 मई 2026 को प्रदेशव्यापी सामूहिक अवकाश लेकर विरोध दर्ज कराया गया था तथा दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई थी। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि कर्तव्य निर्वहन कर रहे एक न्यायालयीन अधिकारी एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के साथ हुई इतनी गंभीर घटना में भी त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं होती है, तो इससे प्रशासनिक अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होगा तथा विधिसम्मत एवं निष्पक्ष कार्यवाही करने वाले अधिकारियों के समक्ष भय एवं दबाव का वातावरण निर्मित होगा। इस बीच आंदोलन को एक महत्वपूर्ण एवं व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है। छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ (अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी) ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए अपना समर्थन घोषित किया है। संघ द्वारा निर्णय लिया गया है कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आगामी तीन दिवस तक काली पट्टी धारण कर विरोध दर्ज करेंगे तथा अंतिम दो दिवस सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ द्वारा निंदा एवं समर्थन प्रस्ताव पारित कर घटना की भर्त्सना की गई है तथा शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई है। वहीं राजस्व पटवारी संघ, छत्तीसगढ़ ने भी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं कठोर कार्यवाही की मांग करते हुए छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की मांगों का पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है। संघ ने कहा कि विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी संगठनों द्वारा प्राप्त यह व्यापक समर्थन इस बात का प्रमाण है कि यह केवल एक अधिकारी का विषय नहीं है, बल्कि संपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था, न्यायालयीन गरिमा एवं विधिसम्मत शासन व्यवस्था से जुड़ा हुआ विषय है। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की समस्त जिला कार्यकारिणियों द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार दिनांक 01 जून 2026 से प्रदेश के समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अनिश्चितकालीन कलमबंद, कामबंद एवं सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। संघ ने शासन से पुनः आग्रह किया है कि मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल प्रभाव से दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा राजस्व अधिकारियों एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वतंत्र कार्यप्रणाली की रक्षा हेतु प्रभावी कदम उठाए जाएं। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते आवश्यक कार्यवाही नहीं की गई तो प्रदेशभर में राजस्व, न्यायालयीन एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
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