कैंसर के खिलाफ छत्तीसगढ़ में नई जंग! अब इलाज के लिए महानगरों की दौड़ नहीं रामकृष्ण CARE कैंसर इंस्टीट्यूट रायपुर में स्क्रीनिंग से लेकर सर्जरी, कीमो और रेडिएशन तक एक ही छत के नीचे इलाज
बिलासपुर, 12 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रहे कैंसर के मामलों के बीच मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रामकृष्ण CARE कैंसर इंस्टीट्यूट, रायपुर ने कैंसर की स्क्रीनिंग, शुरुआती जांच से लेकर सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और फॉलो-अप तक व्यापक उपचार सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराई हैं। इससे प्रदेश के मरीजों को कैंसर के अलग-अलग चरणों के इलाज के लिए महानगरों का रुख करने की जरूरत कम होगी। बिलासपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञों ने कैंसर की रोकथाम, नियमित स्क्रीनिंग और शुरुआती पहचान को सबसे महत्वपूर्ण बताया। चिकित्सकों के अनुसार, शुरुआती अवस्था में कैंसर की पहचान होने पर उपचार अधिक प्रभावी हो सकता है और कई मामलों में कम व्यापक उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है। हर दिन करीब 100 नए मामलों का अनुमान चिकित्सकों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कैंसर का बोझ लगातार बना हुआ है। वर्ष 2025 में राज्य में करीब 31,553 नए कैंसर मामलों का अनुमान बताया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि इन परिस्थितियों में केवल अत्याधुनिक इलाज ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता और समय पर स्क्रीनिंग भी बेहद जरूरी है। इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज विशेषज्ञों ने शरीर में असामान्य गांठ या सूजन, बिना कारण वजन कम होना, असामान्य रक्तस्राव, आंत या मूत्राशय की आदतों में बदलाव और लंबे समय तक रहने वाली खांसी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी। परिवार में कैंसर का इतिहास रखने वाले और तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों को अपनी उम्र एवं जोखिम के अनुसार स्क्रीनिंग के लिए चिकित्सकीय सलाह लेने की बात कही गई। HPV और Hepatitis-B वैक्सीन पर भी जोर चिकित्सकों ने कैंसर की रोकथाम में टीकाकरण की भूमिका पर भी जोर दिया। HPV वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर सहित कई HPV-संबंधित कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है, जबकि Hepatitis-B संक्रमण से बचाव लिवर कैंसर के एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक को कम करने में सहायक है। जल्द गांव-कस्बों तक पहुंचेगा मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग वाहन रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल जल्द ही समर्पित कैंसर स्क्रीनिंग वाहन शुरू करने की तैयारी में है। यह वाहन छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों और कस्बों तक पहुंचकर मुख्य रूप से ब्रेस्ट कैंसर, ओरल कैंसर सहित उपयुक्त कैंसर की स्क्रीनिंग और जागरूकता का काम करेगा। जरूरत पड़ने पर संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच और विशेषज्ञ उपचार से जोड़ा जाएगा। एक छत के नीचे कैंसर का पूरा इलाज रामकृष्ण CARE कैंसर इंस्टीट्यूट में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के साथ न्यूक्लियर मेडिसिन एवं उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां कैंसर स्टेजिंग, सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, Bone Marrow Transplant और फॉलो-अप की सुविधा दी जा रही है। इंस्टीट्यूट में Versa HD Linear Accelerator जैसी आधुनिक तकनीक उपलब्ध है, जो IGRT, SRS और SBRT जैसी उन्नत रेडिएशन तकनीकों को सपोर्ट करती है। साथ ही AI-enabled PET-CT इमेजिंग और मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड के माध्यम से जटिल मामलों में विभिन्न विशेषज्ञ मिलकर उपचार की रणनीति तय कर सकते हैं। विशेषज्ञों का संदेश—लक्षण गंभीर होने का इंतजार न करें वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रवि जायसवाल ने कहा कि कैंसर उपचार में तेजी से बदलाव आया है और आज बीमारी के प्रकार एवं स्टेज के अनुसार उपचार के कई विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने जोर दिया कि कैंसर के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार जागरूकता, समय पर स्क्रीनिंग और शुरुआती निदान है। क्लिनिकल डायरेक्टर एवं सीनियर सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मौ रॉय ने कहा कि शुरुआती स्टेज में कैंसर की पहचान होने पर उपचार अधिक प्रभावी हो सकता है। वहीं रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों ने आधुनिक रेडिएशन तकनीक से ट्यूमर को अधिक सटीकता से टारगेट करने और आसपास के स्वस्थ ऊतकों पर प्रभाव कम करने की जानकारी दी। रामकृष्ण CARE हॉस्पिटल के मैनेजिंग एवं मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप दवे ने कहा कि उद्देश्य छत्तीसगढ़ के मरीजों को विश्वस्तरीय कैंसर उपचार उनके घर के करीब उपलब्ध कराना है। उद्देश्य—छत्तीसगढ़ में मजबूत कैंसर केयर नेटवर्क विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर के खिलाफ लड़ाई को केवल अस्पताल तक सीमित रखने के बजाय रोकथाम, जागरूकता, स्क्रीनिंग, शुरुआती पहचान और अत्याधुनिक उपचार को एक साथ जोड़ना जरूरी है। रामकृष्ण CARE कैंसर इंस्टीट्यूट और प्रस्तावित मोबाइल स्क्रीनिंग पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
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