मानस क्षेत्र सोनकुंड में वृहद स्वच्छता अभियान संपन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया भाग, स्वच्छता और संरक्षण का दिया संदेश
सोनकुंड, 10 मई 2026। आध्यात्मिक आस्था, सेवा और सामाजिक जागरूकता के संगम के रूप में मानस क्षेत्र सोनकुंड में रविवार को वृहद स्वच्छता अभियान का सफल आयोजन किया गया। यह अभियान श्री श्री 108 श्री शिवानंद महाराज जी के पावन निर्देशन और प्रेरणा से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में श्री श्री 1008 अद्वैत परमहंस सेवा समिति के सदस्यों, स्थानीय नागरिकों, युवाओं, सरकारी कर्मचारियों तथा दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। प्रातःकाल से ही सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने पूरे मानस क्षेत्र सोनकुंड में स्वच्छता कार्य प्रारंभ किया। अभियान के दौरान मुख्य मार्गों, तालाब परिसर, गौशाला स्थल, सप्त ऋषि कुंड, सामुदायिक भवन, मंदिर परिसर एवं सार्वजनिक बाजार क्षेत्र की व्यापक साफ-सफाई की गई। स्वयंसेवकों ने प्लास्टिक कचरे, पॉलिथीन और अन्य अपशिष्ट सामग्री को एकत्रित कर उनके उचित निस्तारण की व्यवस्था भी की। अभियान के दौरान उपस्थित लोगों ने स्वच्छ और सुंदर वातावरण के निर्माण के लिए सक्रिय योगदान दिया। इस अवसर पर पूज्य श्री शिवानंद महाराज जी ने अपने संदेश में कहा कि "स्वच्छता ही सेवा है और जहाँ स्वच्छता है वहीं ईश्वर का वास होता है।" उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने लोगों को अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने की प्रेरणा देते हुए जल संरक्षण, पौध संरक्षण तथा गौवंश संरक्षण और पालन को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। सभी ने यह संकल्प लिया कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के साथ समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएंगे। स्थानीय निवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहित और समाजसेवी आयोजनों में पूर्ण सहयोग देने की बात कही। इस पावन आयोजन के पूर्व संध्या पर भजन-कीर्तन एवं भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। साथ ही पूज्य गुरुदेव के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने आस्था के प्रतीक सोनकुंड में पवित्र स्नान कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। इस आयोजन में बेलगहना, बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली, लोरमी, केंदा, पेंड्रा, करिआम, कुरूवार, कोंचरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान सेवा, श्रद्धा और सामाजिक जिम्मेदारी का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। यह आयोजन केवल स्वच्छता अभियान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता और आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का एक प्रेरणादायी संदेश भी बनकर सामने आया।
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