तहसीलदार के स्थगन आदेश की खुली अवहेलना! समलपुरी में शासकीय जमीन पर कब्जे और निर्माण का आरोप, पीड़िता बोली – “मेरी जमीन का रास्ता तक बंद कर दिया
बिलासपुर/सकरी। तहसील सकरी अंतर्गत ग्राम समलपुरी में शासकीय भूमि और निजी जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़िता श्रीमती सुभद्रा बाई साहू ने आरोप लगाया है कि उनकी स्वामित्व वाली भूमि खसरा नंबर 556/2 के सामने स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 548 पर अरूण कुमार गुप्ता द्वारा जबरन कांटा तार लगाकर कब्जा किया जा रहा है, वहीं कन्हैया धाम बिल्डर के मालिक अनिल वस्त्रकार द्वारा शासकीय भूमि एवं आवेदिका की जमीन पर पक्का निर्माण कर रास्ता तक बंद कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय नायब तहसीलदार सकरी ने 20 अप्रैल 2026 को स्थगन आदेश जारी कर दोनों पक्षों को किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य तत्काल रोकने और यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। आदेश में साफ चेतावनी दी गई थी कि उल्लंघन करने पर दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसके बावजूद पीड़िता का आरोप है कि अनिल वस्त्रकार द्वारा दिन-रात निर्माण कार्य जारी रखा गया और न्यायालय के आदेश की खुलेआम अवहेलना की गई। आवेदिका ने कलेक्टर बिलासपुर सहित राजस्व अधिकारियों को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि सुनवाई तिथि से पहले निर्माण कार्य पूरा करने की कोशिश की जा रही है, ताकि बाद में कब्जा हटाना मुश्किल हो जाए। पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा है, वह पूर्व में उनके परिवार की पैतृक कृषि भूमि का हिस्सा रही है और वर्तमान में विवादित निर्माण के कारण उन्हें अपनी ही जमीन तक पहुंचने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि शासकीय भूमि को निजी बताकर तारबंदी और दीवार निर्माण किया जा रहा है, जिससे राजस्व रिकॉर्ड और सरकारी जमीन की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आवेदिका ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अवमानना और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। प्रशासन पर उठे सवाल स्थगन आदेश जारी होने के बाद भी यदि निर्माण कार्य जारी रहा, तो यह राजस्व प्रशासन और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि आखिर न्यायालय के आदेश के बावजूद निर्माण कार्य कैसे चलता रहा? पीड़िता की मांग शासकीय भूमि से तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए आवेदिका की भूमि तक रास्ता बहाल किया जाए स्थगन आदेश का उल्लंघन करने वालों पर एफआईआर दर्ज हो राजस्व एवं पुलिस प्रशासन संयुक्त कार्रवाई करे अब देखना होगा कि कलेक्टर और राजस्व विभाग इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं, या फिर आदेशों की अवहेलना का यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा
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