सिरगिट्टी में स्ट्रीट लाइट पोल लगाते वक्त बड़ा हादसा: 33 KV हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए 5 मजदूर, गंभीर रूप से झुलसे; जांजगीर की ठेका कंपनी को नोटिस
नगर निगम क्षेत्र के सिरगिट्टी वार्ड में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ स्ट्रीट लाइट के लिए लोहे का पोल खड़ा करने के दौरान वह ऊपर से गुजर रही 33 KV हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। पोल में तेज करंट उतरने के कारण उसे पकड़कर काम कर रहे पांच मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में चार पुरुष और एक महिला शामिल हैं। सभी को आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। लापरवाही के इस बड़े मामले में नगर निगम ने जांजगीर की ठेका कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोपहर 2 बजे हुआ हादसा, मची अफरा-तफरी मिली जानकारी के अनुसार, सिरगिट्टी मुख्य रोड आदर्श नगर वार्ड नंबर 11 पानी टंकी के पास नगर निगम द्वारा स्ट्रीट लाइट लगाने का काम चल रहा था। शुक्रवार दोपहर करीब 2:00 बजे जब मजदूर लोहे का पोल खड़ा कर रहे थे, तभी पोल अचानक अनियंत्रित होकर ऊपर से गुजर रही 33 KV की हाईटेंशन लाइन से छू गया। देखते ही देखते पूरे पोल में करंट दौड़ गया। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत डायल-112 को सूचना दी, जिसके बाद टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुँचाया। घायल मजदूरों की पहचान: दीपक यादव (30 वर्ष) मुकेश कुमार (38 वर्ष) सेवाराम (24 वर्ष) प्रहलाद चौरसिया (45 वर्ष) जयंती धुर्वे (महिला) ये सभी मजदूर मध्य प्रदेश के मंडला जिले के निवासी बताए जा रहे हैं, जो यहाँ नगर निगम के ठेके के तहत काम कर रहे थे। 1 करोड़ का ठेका, 88 पोल लगाने का काम नगर निगम के बिजली विभाग के चेयरमैन विजय ताम्रकार के मुताबिक, इस काम का ठेका जांजगीर जिले के ठेकेदार रामगोपाल केशरवानी को दिया गया है। करीब 1 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत सिरगिट्टी क्षेत्र के बन्नाक चौक से तारबाहर अंडरब्रिज तक दोनों तरफ सड़कों पर कुल 88 पोल लगाए जा रहे हैं। ठेकेदार को तीन महीने के भीतर काम पूरा करने का टारगेट दिया गया था। "करंट की चपेट में आने से पांच मजदूर घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है और जवाब मिलने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।" — पूजा पिंगले, महापौर निगम और ठेका कंपनी की बड़ी लापरवाही: ये सुरक्षा नियम ताक पर रखे गए स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस पूरे काम में सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण मजदूरों की जान पर बन आई। मौके पर सुरक्षा के निम्नलिखित पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे, जो नहीं किए गए: शटडाउन न लेना और वोल्टेज टेस्टर का अभाव: काम शुरू करने से पहले 33 KV लाइन का शटडाउन लिया जाना चाहिए था या वोल्टेज टेस्टर से चेक किया जाना चाहिए था, जो कि नहीं किया गया। इंसुलेटेड उपकरण और सुरक्षा गियर गायब: मजदूरों के पास कोई पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) जैसे- सेफ्टी हेलमेट, फुल बॉडी हार्नेस (बेल्ट) या इंसुलेटेड दस्ताने और जूते नहीं थे। मजदूर सामान्य रुटीन कपड़ों में काम कर रहे थे। बैरिकेडिंग और सुरक्षा टैग नहीं: जहाँ इतना भारी और जोखिम भरा काम चल रहा था, वहाँ आम जनता और यातायात को दूर रखने के लिए कोई सुरक्षा घेरा (बैरिकेडिंग) या सुरक्षा टैग नहीं लगाया गया था। पिछले 20 दिनों से यहाँ इसी तरह लापरवाही से काम चल रहा था।
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