“बच्चों के भविष्य से खिलवाड़: रात 10 बजे स्कूल का मैसेज, फोन बंद… परिजन दर-दर भटके, पुलिस बनी प्रबंधन की ढाल!”
बिलासपुर।ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल की लापरवाही और प्रशासन की चुप्पी ने सैकड़ों बच्चों और उनके माता- को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने रात करीब 10 बजे अचानक व्हाट्सएप ग्रुप में पर्चा देने की सूचना डालकर अपने फोन बंद कर दिए, जिसके बाद घबराए परिजन दरवाजे-दरवाजे भटकते नजर आए। बताया जा रहा है कि कल आठवीं बोर्ड की परीक्षा आयोजित की जानी है, ऐसे में बच्चों के माता-पिता बेहद चिंतित हैं। कई परिजन स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगने पहुंचे, लेकिन वहां भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल परिजनों का आरोप है कि वे कई दिनों से जिला शिक्षा अधिकारी और प्रशासन के चक्कर लगा-लगाकर थक चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। आरोप यह भी है कि जब परिजन स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगने पहुंचे तो पुलिस प्रशासन प्रबंधन की पैरवी करता नजर आया, जिससे लोगों में और ज्यादा आक्रोश फैल गया। “बच्चों को परीक्षा दिलाइए” – डीईओ इधर इस पूरे विवाद के बीच जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि बच्चों को परीक्षा दिलाई जाए, लेकिन परिजन सवाल उठा रहे हैं कि जब स्कूल पर गंभीर आरोप लगे हैं तो कार्रवाई के बजाय परीक्षा कराने की जल्दबाजी क्यों? भ्रष्ट तंत्र की आ रही बू परिजनों का कहना है कि पूरे मामले में भ्रष्ट तंत्र की बू आ रही है। उनका आरोप है कि पैसे वालों के सामने पूरा सिस्टम झुक गया है, जबकि माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर रात में थानों और अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी सवालों में इस पूरे मामले में जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी लोगों के निशाने पर है। परिजन पूछ रहे हैं कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है तो जनता के नेता कहां हैं? स्कूल पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पुलिस और प्रशासन चुप क्यों है? फिलहाल इस पूरे मामले का रात 10 बजे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें परिजनों का आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है।
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