PM आवास योजना में बड़ा घोटाला! नींव तक बने एक कमरे के दो लोगों को 95-95 हजार का भुगतान, टॉयलेट को बताया मकान… ऑडियो वायरल में अधिकारियों के नाम से हड़कंप
बिलासपुर/बेलतरा। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बिल्हा ब्लॉक के ग्राम जलसों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आरोप है कि आवास मित्र परमार्थ खरे द्वारा अधूरे और अपूर्ण निर्माणों का जियो टैग कराकर हितग्राहियों को लाखों रुपए का भुगतान स्वीकृत करा दिया गया। मामले में जनपद पंचायत बिल्हा से जुड़ी तकनीकी सहायक पिंकी राठौड़ का नाम भी कथित रूप से सामने आ रहा है, जिनके दबाव में यह सब किए जाने की बात वायरल ऑडियो में कही जा रही है। सूत्रों के अनुसार ग्राम जलसों निवासी सुरेंद्र पिता बाबूलाल के मामले में टॉयलेट निर्माण को ही आवास बताकर जियो टैग किया गया और लगभग 95 हजार रुपए की राशि जारी करा दी गई। वहीं रमजान पिता दाऊद खान तथा सफीर पिता बहादर के नाम पर अधूरे आवास, जिनमें केवल एक कमरे की नींव तक का निर्माण हुआ था, उन्हें भी पूर्णता दर्शाते हुए 95-95 हजार रुपए का भुगतान करा दिया गया। इसी प्रकार मुकेश नामक हितग्राही के मामले में भी केवल नींव स्तर तक निर्माण होने के बावजूद राशि स्वीकृत होने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल शुरुआती मामले हैं। यदि पूरे ग्राम पंचायत और आसपास के आवासों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो दर्जनों ऐसे प्रकरण सामने आ सकते हैं, जिनमें निर्माण पूर्ण हुए बिना ही भुगतान कर दिया गया। आरोप यह भी है कि योजना के निरीक्षण और जियो टैगिंग प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की गईं, जिससे शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि आवास मित्र परमार्थ खरे का एक कथित ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए यह सब जनपद स्तर से कुछ लोगों के दबाव में होने की बात कही है। ऑडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और ग्रामीण अब पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि इस मामले में नाम सामने आने के बाद तकनीकी सहायक पिंकी राठौड़ ने आरोपों से स्पष्ट रूप से अनभिज्ञता जाहिर की है। उनका कहना है कि उन्हें इस प्रकार की किसी भी अनियमितता की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी गलत तरीके से जियो टैगिंग अथवा भुगतान किया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पिंकी राठौड़ ने स्वयं संबंधित आवासों और पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है तथा कहा है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले को लेकर कुमार सिंह, सीईओ जनपद पंचायत बिल्हा ने बताया कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी या दोष पाया जाता है तो आवास मित्र सहित संबंधित हितग्राहियों से राशि की वसूली तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीबों के लिए बनाई गई योजना में इस तरह का भ्रष्टाचार सीधे तौर पर शासन की मंशा और वास्तविक हितग्राहियों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
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