गंगा दशहरा महोत्सव सेवा, सत्संग एवं आत्मिक जागरण का दिव्य आयोजनभूलकहा आश्रम, धौराभाठा (बिल्हा बिलासपुर)
(रिपोर्टर - ओमनारायण तिवारी ) स्लग - गंगा दशहरा महोत्सव सेवा, सत्संग एवं आत्मिक जागरण का दिव्य आयोजनभूलकहा आश्रम, धौराभाठा (बिल्हा बिलासपुर) एंकर - मनियारी नदी के गोद में बसा अत्यंत ही रमणीय स्थान धौराभाठा स्थित भूलकहा आश्रम परम आराध्य श्री सदगुरु देव भगवान श्री श्री 1008 श्री स्वामी सदानंद जी महाराज परमहंस जी की पावन चरण रज से आज श्रद्धा, भक्ति, साधना एवं सेवा की जीवंत तपोभूमि बन चुका है। यह पावन स्थल निरंतर आध्यात्मिक चेतना, संस्कार एवं जनकल्याण का केंद्र बना हुआ है। परम श्रद्धेय श्री श्री 108 श्री स्वामी शिवानंद जी महाराज सनातन धर्म ध्वज फहराते हुए पूरे छत्तीसगढ़ सहित जम्मू कश्मीर उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेशएवं अन्य प्रदेशों में सनातन का अलख जगाते हुए गंगा दशहरा के पुण्यप्रद अवसर पर दिनांक 24 एवं 25 मई 2026 को भूलकहा आश्रम, धौराभाठा में भव्य गंगा दशहरा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस पुनीत अवसर पर श्री सदगुरुदेव भगवान जी का पंचामृत स्नान द्वारा अभिषेक किया गया गया। दो दिवसीय इस दिव्य आयोजन में दूर-दराज़ से आए श्रद्धालु भक्तों ने भजन संध्या, सत्संग, नाम-सिमरन एवं श्रमदान साफ सफाई, आश्रम का रंग रंगाई पेंट पेंटिंग आश्रम का सुंदरता का पूरा ध्यान रखा गया साथ ही मातृ शक्ति द्वारा साफ सफाई एवं भंडारा में विशेष रूप से सेवा में सहभागी होकर भक्त जन गुरु कृपा का लाभ प्राप्त किया। पूरे आश्रम परिसर में हरिनाम संकीर्तन, भक्ति रस एवं गुरु महिमा की दिव्य ध्वनि गूंजती रही। सत्संग के माध्यम से मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य, प्रभु प्रेम, सेवा, संयम एवं सदाचार का प्रेरणादायी संदेश प्रदान किया गया। परम श्रद्धेय श्री स्वामी शिवानंद जी महाराज ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि — “सत्संग आत्मा को जागृत करता है, सेवा जीवन को पवित्र बनाती है और गुरु कृपा मनुष्य को प्रभु मार्ग की ओर अग्रसर करती है।” संतजनों ने गंगा दशहरा पर्व की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह दिवस केवल माँ गंगा के अवतरण का उत्सव नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, अंतःकरण की पवित्रता एवं दिव्य चेतना जागृत करने का पावन अवसर है। जिस प्रकार माँ गंगा समस्त जगत को पवित्र करती हैं, उसी प्रकार गुरु कृपा एवं नाम-सिमरन जीव के अंतर्मन को निर्मल एवं प्रकाशित कर देते हैं। श्रद्धालुओं ने भूलकहा आश्रम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह आश्रम केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, साधना एवं मानव कल्याण की जीवंत तपोभूमि है। यहाँ समय-समय पर पूज्य श्री के मार्गदर्शन में स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता, नशा मुक्ति, आध्यात्मिक चेतना एवं जनकल्याण विषयों पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अयोध्या, वृंदावन, जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों एवं आश्रमों में भी समाज जागरण एवं सेवा कार्य निरंतर संचालित किए जा रहे हैं। विशेष रूप से युवाओं को नशामुक्त, अनुशासित एवं संस्कारित जीवन की ओर प्रेरित करने हेतु प्रेरणादायी संदेश प्रदान किए गए। आयोजन के दौरान श्रद्धालु भक्तों ने श्रमदान कर आश्रम स्वच्छता सेवा में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। जिसमें लोरमी, पंडरिया, मुंगेली, पथरिया, बिलासपुर, गौरेला, पेंड्रा, कोरबा,पाली, कुरुवार, बरपाली आदि आंचलिक क्षेत्रों के भक्तों ने भाग लिए आश्रम समिति द्वारा श्रद्धालु भक्तों के लिए भोजन प्रसादी एवं रात्रि विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई थी। सम्पूर्ण आयोजन के दौरान भक्तों में गहरा उत्साह, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक आनंद देखने को मिला। गुरु चरणों की पावन छाया में सम्पन्न यह गंगा दशहरा महोत्सव भक्तों के लिए भक्ति, सेवा, संस्कार एवं आत्मिक जागरण का अविस्मरणीय आध्यात्मिक पर्व बन गया।
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