भ्रामक विज्ञापन पर सीजीरेरा की कड़ी कार्रवाई बिलासपुर के ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रमोटर पर 10 लाख रुपये का दंड
बिलासपुर, 20 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए बिलासपुर के बोदरी स्थित ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रवर्तक पवन अग्रवाल पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। प्राधिकरण के अनुसार उक्त परियोजना का पंजीयन प्लॉटेड परियोजना के रूप में किया गया है, लेकिन विभिन्न माध्यमों में प्रकाशित विज्ञापनों की जांच में पाया गया कि इसका प्रचार हाउसिंग परियोजना के रूप में किया जा रहा था। यह पंजीकृत विवरण के विपरीत होने के कारण भ्रामक माना गया। रेरा अधिनियम की धारा 7 के तहत यदि कोई प्रवर्तक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है या परियोजना से संबंधित गलत अथवा भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करता है, तो प्राधिकरण परियोजना के पंजीयन के विरुद्ध कार्रवाई कर सकता है, जिसमें पंजीयन निरस्तीकरण सहित अन्य दंडात्मक कदम शामिल हैं। इसी प्रकार धारा 14 के अनुसार प्रवर्तक के लिए यह अनिवार्य है कि परियोजना का विकास और प्रचार स्वीकृत योजना, ले-आउट, विनिर्देश तथा पंजीयन के समय प्रस्तुत जानकारी के अनुरूप ही किया जाए। इन प्रावधानों के विपरीत किया गया कोई भी प्रचार उल्लंघन की श्रेणी में आता है। उल्लंघन को गंभीर मानते हुए प्राधिकरण ने प्रवर्तक पर 10 लाख रुपये का दंड अधिरोपित किया तथा संबंधित हाउसिंग क्षेत्र परियोजना का विधिवत पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए हैं। सीजीरेरा ने स्पष्ट किया है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं के प्रिंट, डिजिटल एवं अन्य माध्यमों में प्रकाशित विज्ञापनों की सतत निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार का भ्रामक या पंजीकृत विवरण के विपरीत प्रचार पाए जाने पर संबंधित प्रवर्तकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने सभी प्रवर्तकों से अपील की है कि वे परियोजनाओं के विज्ञापन एवं प्रचार में केवल पंजीकृत विवरण का ही उपयोग करें और रेरा अधिनियम तथा नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।
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