टीईटी की अनिवार्यता 2028 तक शिथिल करने की मांग, पदोन्नति में आरक्षण लागू करने की मांग
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की चल रही पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर छत्तीसगढ़ क्रांतिकारी शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर पदोन्नति प्रक्रिया में टीईटी की अनिवार्यता को वर्ष 2028 तक शिथिल करने की मांग की है। संघ ने वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति करने, पदोन्नति में आरक्षण लागू करने तथा कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित कराने की मांग उठाई है। जिला अध्यक्ष राकेश कुमार राजगीर एवंविनय कुमार सिंह,रामरतन महंत द्वारा कलेक्टर/अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग और संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए वर्ष 2028 तक की समय-सीमा निर्धारित है। ऐसे में वर्तमान में शुरू की गई पदोन्नति प्रक्रिया में टीईटी को आधार बनाना शिक्षकों के हित में न्यायसंगत नहीं है। ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्ष 2028 तक टीईटी की अनिवार्यता को शिथिल करते हुए वर्तमान पदोन्नति प्रक्रिया में वरिष्ठता को आधार बनाया जाए। साथ ही पदोन्नति में आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए। संघ ने यह भी कहा कि कार्यरत शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने का अवसर देने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए। संघ का दावा है कि वर्तमान व्यवस्था को लेकर प्रदेश के लाखों शिक्षकों में आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। संघ की प्रमुख मांगें ***वर्ष 2028 तक पदोन्नति में टीईटी की अनिवार्यता शिथिल की जाए। ***पदोन्नति वरिष्ठता के आधार पर की जाए। ***पदोन्नति में आरक्षण लागू किया जाए। ***कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित की जाए। ***शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए निर्धारित समय-सीमा का लाभ दिया जाए। संघ ने शासन से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर शिक्षकों को राहत प्रदान करने की अपील की है।
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