दिन में खाली हुई दुकान, शाम को टूटा सरकारी ताला! कब्जे के बाद फिर खुली दुकान, शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
न्यायालयीन आदेश की अवहेलना का आरोप, सरकंडा पुलिस पर भी उठे सवाल; पटवारी ने मौके पर पहुंचकर तैयार किया प्रतिवेदन बिलासपुर। न्यायालयीन आदेश के तहत खाली कराई गई दुकान को लेकर सरकंडा क्षेत्र में विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि दिन में प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में खाली कराई गई दुकान का ताला उसी शाम तोड़कर किरायेदार पक्ष ने दोबारा कब्जा कर लिया और नियमों को दरकिनार करते हुए दुकान का संचालन भी शुरू कर दिया। मामले में पुलिस को शिकायत दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से शिकायतकर्ता पक्ष में नाराजगी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार न्यायालयीन आदेश के पालन में 11 जून को पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में दुकान को खाली कराया गया था। दुकान में रखे सामान के साथ नया ताला लगाया गया तथा संबंधित पक्ष को न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से अपना सामान प्राप्त करने की जानकारी दी गई थी। शिकायतकर्ता आशा कोड़िया ने तहसीलदार को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उसी दिन शाम करीब 6:30 से 6:40 बजे के बीच किरायेदार रमेश आर्य, उनके सहयोगी तथा परिजन मौके पर पहुंचे और कथित रूप से गाली-गलौज तथा धमकी देते हुए हथौड़े से ताला तोड़ दिया। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 और सरकंडा थाना पुलिस को दी गई थी। आरोप है कि ताला तोड़ने के बाद संबंधित पक्ष ने दुकान पर पुनः कब्जा कर अपना ताला लगा लिया और बाद में दुकान का संचालन भी शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई न्यायालयीन आदेश की भावना के विपरीत तथा नियमों के विरुद्ध है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग की ओर से पटवारी को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। बताया जा रहा है कि पटवारी ने मौके का निरीक्षण कर प्रतिवेदन तैयार भी कर लिया है और उसे संबंधित अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। इधर शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि घटना की लिखित शिकायत सरकंडा थाना में किए जाने के बाद भी अब तक किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे न्यायालयीन आदेशों के पालन और कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि न्यायालयीन आदेश की अवहेलना, सरकारी प्रक्रिया में बाधा तथा कथित अवैध कब्जे के मामले में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। अब निगाहें प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। बॉक्स मुख्य आरोप **न्यायालयीन आदेश के तहत दुकान खाली कराई गई। **शाम को ताला तोड़कर दोबारा कब्जा करने का आरोप। **नियम विरुद्ध पुनः दुकान संचालन शुरू करने की शिकायत। **डायल-112 और सरकंडा थाना को सूचना देने का दावा। **पटवारी ने मौके का निरीक्षण कर प्रतिवेदन तैयार किया। **शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप।
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