पुरुषोत्तम मास में भक्ति की बही गंगा, सीपत के बजरंगबली मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न
सीपत (सतीश यादव) : पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर सीपत स्थित बजरंगबली मंदिर में ग्रामवासियों द्वारा भव्य धार्मिक का आयोजन किया। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। मंदिर परिसर पूरे समय भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा तथा जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयघोष से गूंजता रहा। आयोजन में भजन संध्या, सुंदरकांड पाठ, महाआरती एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस अवसर पर विद्वान पंडितों ने बताया कि इस माह में पूजा-पाठ, जप, तप, दान एवं धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है, जिससे व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति एवं पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी भावना के साथ सीपत के ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से इस आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 4 बजे भजन संध्या से हुई, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं एवं महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके पश्चात श्रद्धापूर्वक सुंदरकांड पाठ किया गया, जहां भक्तजन हनुमान चालीसा एवं प्रभु श्रीराम के भजनों में लीन नजर आए। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर भगवान बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया। महाआरती के बाद आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए खीर, पुड़ी एवं खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की सराहना की तथा इसे सामाजिक एवं धार्मिक एकता का प्रतीक बताया। आयोजन समिति ने जानकारी दी कि धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आगे भी जारी रहेगी। 28 मई से बजरंगबली मंदिर प्रांगण में लगातार 8 दिनों तक प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा वाचन के दौरान प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र, आदर्शों एवं धर्म संदेशों का विस्तृत वर्णन किया जाएगा, जिसे सुनने के लिए क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भजन संध्या में बाल कथा व्यास पंडित सौरभ तिवारी दर्राभाठा वाले एवं आचार्य प्रांशु तिवारी जी द्वारा पूजन एवं महाआरती का कार्यक्रम संपन्न कराया गया। पुरुषोत्तम मास में आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को नई ऊर्जा प्रदान की, बल्कि पूरे सीपत क्षेत्र में भक्ति, उत्साह एवं आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी प्रसारित किया।
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