बिटकुला में श्रीमद् भागवत कथा का समापन, श्रीकृष्ण-सुदामा चरित्र व गौ संरक्षण का दिया संदेश
सीपत (रिपोर्टर सतीश यादव। सीपत क्षेत्र के ग्राम बिटकुला में साहू परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ कथा का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ। कथा के अंतिम दिन भगवान श्रीकृष्ण की अष्टदा प्रकृति 16108 पटरानियों के साथ विवाह प्रसंग एवं सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया।वेदव्यास कथा वाचक पंडित आशुतोष तिवारी ने कथा के दौरान कहा कि भगवान श्रीकृष्ण अजन्मा, सर्वव्यापी, दयालु और करुणा के सागर हैं, जिनके दिव्य स्वरूप को सामान्य नेत्रों से देख पाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा करना और कलियुग में गौ माता की सेवा व सुरक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी बताया कि संकट के समय भगवान स्वयं अपने भक्तों की रक्षा के लिए आते हैं। कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं बाल लीलाओं का आयोजन परम पूज्य गुरुदेव के पावन सानिध्य में भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक भाव के साथ प्रतिदिन किया गया। पूरा वातावरण श्रीकृष्ण नाम, भक्ति और गुरु कृपा से सराबोर रहा। सुदामा चरित्र के माध्यम से भगवान के प्रति सच्ची भक्ति और मित्रता का संदेश दिया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। आकर्षक झांकियों और कथा के अमृतपान से श्रद्धालु भक्ति में लीन रहे। कार्यक्रम के मुख्य यजमान साधराम शांति साहू, परदेसी लाल साहू एवं लक्ष्मी प्रसाद साहू रहे, जिनके सहयोग से यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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