989 करोड़ की GST चोरी का ‘मास्टरमाइंड’ गिरफ्तार, फोन खुलते ही विभाग के 10 बड़े अफसरों के उड़े होश
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश समेत सात से ज्यादा राज्यों में फर्जी फर्म बनाकर 989 करोड़ की जीएसटी चोरी में इसी वर्ष 25 मार्च को सरगना भगवान सिंह उर्फ भूरा प्रधान को मुरादाबाद की एसआइटी (विशेष जांच दल) ने हरदोई से गिरफ्तार किया था। उसके पास से प्रदेश भर के दस से अधिक जीएसटी विभाग के अधिकारियों के नंबर मिले थे। एसआइटी ने नंबरों के काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) निकलवाए तो सभी अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मिली है। ये वो अधिकारी हैं जिनसे आरोपित बार-बार फोन पर बात करता था। एसपी क्राइम सुभाषचंद्र गंगवार ने बताया कि सभी आरोपितों के नाम की सूची शासन को भेज दी गई है। मुरादाबाद में 24 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर ले जाते समय दो ट्रक लोहे का स्क्रैप जीएसटी के सचल दल ने उमरी चौराहे से पकड़ा था। इसके बाद स्क्रैप चोरी के आरोप में मुख्य फर्म एके इंटरप्राइजेज व मुनि जी ट्रांसपोर्ट केआर फोेकल के विरुद्ध दो प्राथमिकी दर्ज कराई गईं। जांच में एक मोबाइल नंबर से 60 और दूसरे मोबाइल नंबर से 62 फर्म पंजीकृत मिलीं। इस तरह एक ही शख्स के पंजीकरण में दर्ज दो नंबरों से देश भर में 122 फर्जी फर्म सामने आई थीं। अब तक की जांच में 535 बोगस फर्मों के माध्यम से 5473 के टर्नओवर पर 989 करोड़ की जीएसटी चोरी सामने आ चुकी है। 25 मार्च को मुरादाबाद एसआइटी टीम ने भगवान सिंह उर्फ भूरा प्रधान निवासी हताना कोसी कला मथुरा और रविंद्र निवासी कटियामउ बालामउ संडीला हरदोई को गिरफ्तार किया था। भगवान सिंह उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, झारखंड़ राज्यों में स्क्रैप की गाड़ियों को मुजफ्फरनगर और पंजाब तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लेता था। इसमें बिल्टी व इसके बिल आरोपित अपने आफिस में मानदेय पर रखे रविंद्र से बनवाता था। इसके द्वारा खुद 33 बोगस फर्म बनाई गई है। इसके अलावा अन्य लोगों से भी इसने बोगस फर्म लेकर जीएसटी चोरी की। बताया जाता है कि इसने अब तक 80 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी कर ली है।
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