बलौदाबाजार फर्जी ट्रांसफर मामला: भाजपा के 2 पदाधिकारी 6 साल के लिए निष्कासित, 6 आरोपी जेल पहुंचे
बलौदाबाजार के चर्चित फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले को एक नए और स्पष्ट अंदाज में नीचे प्रस्तुत किया गया है: **फर्जी ट्रांसफर आदेश मामला: बलौदाबाजार में 2 भाजपा नेता निष्कासित, 6 पहुंचे जेल** **मुख्य बिंदु:** * **फर्जीवाड़ा:** ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA) करण कुमार देवांगन का रोहांसी से मोपर फर्जी ट्रांसफर कराने की कोशिश। * **कार्रवाई:** पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा; भाजपा ने अपने 2 जिला पदाधिकारियों को 6 साल के लिए निष्कासित किया। * **अतिरिक्त आरोप:** नौकरी और काम दिलाने के नाम पर पैसे लेने की शिकायतों से मामला और गहराया। --- ### मामला क्या है? ग्राम रोहांसी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ RMA करण कुमार देवांगन ने 17 अगस्त 2026 को BMO पलारी के समक्ष CMHO कार्यालय का एक स्थानांतरण आदेश जमा किया। इसमें उसका तबादला मोपर (भाटापारा) में दिखाया गया था। जांच के दौरान CMHO कार्यालय ने साफ किया कि ऐसा कोई आदेश जारी ही नहीं हुआ है, हस्ताक्षर भी फर्जी हैं और राज्य संवर्ग के कर्मचारी का ट्रांसफर राज्य शासन ही कर सकता है (जबकि उस समय ट्रांसफर पर बैन था)। ### पुलिस कार्रवाई और कानूनी धाराएं BMO की शिकायत पर पलारी थाने में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में **भारतीय न्याय संहिता (BNS)** की धारा 3(5), 318(4), 336(3), 337, 338 और 340(2) के तहत कार्रवाई की। **गिरफ्तार 6 आरोपी:** 1. **कृष्णा अवस्थी** (भाजपा जिला महामंत्री) 2. **पुनीराम पटेल** (भाजपा जिला उपाध्यक्ष) 3. **करण कुमार देवांगन** (ग्रामीण चिकित्सा सहायक) 4. **रवि कुमार सेन** (ग्रामीण चिकित्सा सहायक) 5. **प्रणव अवस्थी** (निजी कंप्यूटर ऑपरेटर) 6. **प्रखर कश्यप** (कृष्णा अवस्थी का पुत्र) ### भाजपा का कड़ा रुख अनुशासनहीनता और पार्टी की छवि धूमिल करने के आरोप में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर 25 अगस्त को कृष्णा अवस्थी और पुनीराम पटेल को 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। ### नए आरोप और आगे की जांच गिरफ्तारी के बाद कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे पर नौकरी व ग्राम पंचायत के काम दिलाने के नाम पर पैसे ऐंठने के आरोप सामने आ रहे हैं। महासमुंद की एक युवती ने SP कार्यालय में प्रणव अवस्थी पर आबकारी विभाग में नौकरी दिलाने के बदले ₹50,000 लेने की शिकायत की है। पुलिस फिलहाल फर्जी आदेश तैयार करने वाले मुख्य षड्यंत्रकारी की तलाश में जुटी है।
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