अरपा तट पर आस्था का विराट अनुष्ठान, सवा लाख पार्थिव शिवलिंग से गूंजा तोरवा छठ घाट
मिथिलांगन कल्याण समिति के आयोजन में उमड़े श्रद्धालु, समाजसेवी प्रवीण झा सपरिवार हुए शामिल बिलासपुर। तोरवा स्थित अरपा नदी तट के छठ घाट सामुदायिक भवन में रविवार को आस्था, भक्ति और शिव आराधना का भव्य संगम देखने को मिला। मिथिलांगन कल्याण समिति बिलासपुर के तत्वावधान में एक दिवसीय पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और संकल्प के साथ सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर विधि-विधानपूर्वक भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रोच्चार, शिव जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा परिसर शिवमय हो उठा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मिट्टी से निर्मित पार्थिव शिवलिंग की पूजा भगवान शिव की आराधना का अत्यंत पुण्यदायी स्वरूप मानी जाती है। शिवपुराण सहित विभिन्न धार्मिक परंपराओं में पार्थिव लिंग पूजन के विशेष महत्व का उल्लेख मिलता है। इसी आस्था और श्रद्धा के साथ अरपा नदी के पावन तट पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सवा लाख पार्थिव शिवलिंग तैयार किए और उनका विधिवत पूजन किया। पूजन अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने रुद्राभिषेक, मंत्रोच्चार एवं भगवान शिव की आराधना में सहभागिता की। मुख्य यजमान के रूप में समाजसेवी प्रवीण झा सपरिवार शामिल हुए। आयोजन में मिथिला समाज के पदाधिकारियों, सदस्यों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने उपस्थित होकर शिव आराधना की। कार्यक्रम के समापन के पश्चात भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और श्रद्धालुओं ने भोग-प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन ने धार्मिक एकजुटता, सामाजिक सहभागिता और सनातन परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। सावन में पार्थिव शिवलिंग पूजन का विशेष महत्व पार्थिव शिवलिंग मिट्टी से निर्मित भगवान शिव का प्रतीकात्मक स्वरूप है, जिसे धार्मिक परंपराओं में श्रद्धापूर्वक पूजनीय माना गया है। सावन माह में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर रुद्राभिषेक, मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजा करने की परंपरा है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इससे मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। इसी आस्था ने तोरवा के अरपा तट पर आयोजित इस अनुष्ठान को विशेष बना दिया। ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित कार्यक्रम में मिथिलांगन कल्याण समिति के अध्यक्ष नारायण प्रसाद ठाकुर, सचिव ललित मिश्रा, उपाध्यक्ष मनोरंजन झा, कोषाध्यक्ष अम्बुज झा सहित अशोक झा, अमरेंद्र कंठ, सुधीर झा, धनंजय झा, सुनील मिश्रा, संजीव झा, संतोष ठाकुर, जगदानंद झा, आनंद चौधरी, अनमोल झा, अविनाश झा, चंदन सिंह सहित समाज के अन्य सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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