डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 35 लाख ठगने की कोशिश, पुलिस ने वक्त पर बचाई रकम
यह अखबार की फोटो **उल्टी (Upside-down)** है। इस खबर का आसान और सीधा सारांश (Summary) नीचे दिया गया है: ### मुख्य समाचार: 35 लाख रुपये की डिजिटल अरेस्ट ठगी नाकाम बिलासपुर में साइबर ठगों ने एक 68 वर्षीय सेवानिवृत्त (retired) वरिष्ठ नागरिक को **मनी लॉन्ड्रिंग और डिजिटल अरेस्ट** का डर दिखाकर 35 लाख रुपये ठगने की कोशिश की। ठगों ने खुद को IPS अधिकारी सुनील कुमार गौतम बताया और फर्जी वीडियो कॉल करके बुजुर्ग को डराया। बुजुर्ग जब पैसे ट्रांसफर करने की तैयारी कर रहे थे, तभी उनके एक मित्र ने पुलिस (सरकंडा टीआई और एसएसपी रजनीश सिंह) को सूचना दी। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग को समझाया और उनके **35 लाख रुपये डूबने से बचा लिए**। --- ### दूसरी खबर: पूर्व विधायक के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी का प्रयास लैलूंगा के पूर्व विधायक और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष **रजनीश सिंह** के नाम और फोटो का इस्तेमाल करके ठगों ने फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई। * ठगों ने इस फर्जी आईडी से उनके जान-पहचान वालों से पैसों की मांग की। * जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की और मामला साइबर सेल/पुलिस में दर्ज कराया। --- ### पुलिस की सलाह (सावधानी बरतें): * **डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं होती:** कोई भी एजेंसी (पुलिस, सीबीआई, ईडी) वीडियो कॉल पर अरेस्ट नहीं करती। * **पैसे ट्रांसफर न करें:** डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराए जाने पर घबराएं नहीं और किसी को भी पैसे न भेजें। * **सत्यापन करें:** सोशल मीडिया पर किसी परिचित के नाम से पैसे मांगे जाने पर पहले फोन करके पुष्टि करें। * **तत्काल शिकायत करें:** ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या **NCCRP पोर्टल** पर दें।
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